फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Bundabandi for farmers became aggrieved

आफत बन गई किसानों के लिए बूंदाबांदी

Tue, 10 Apr 2018 12:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली।
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली। Updated Tue, 10 Apr 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
Bundabandi for farmers became aggrieved
rain - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। बेमौसम बूंदाबांदी से किसानों के लिए आफत लेकर बनकर आई। सोमवार सुबह बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं चलने से गेहूं की फसल बर्बाद हो गई।  रविवार मध्य रात्रि के बाद मौसम में बदलाव शुरू हो गया। आकाश में बादल छा जाने के बाद तेज हवाओं के साथ बिजली चमकती रही। सुबह पांच बजे के बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई और नौ बजे तक जारी रही। जिससे मौसम ठंडा हो गया।
विज्ञापन


तेज हवा और बूंदाबांदी से गेहूं की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। मोहल्ला रेलपार, करोड़ी रोड, मुंडेट कला-खुर्द, कसेरवा, टिटौली, बधेव, गोहरनी, सिलावर आदि गांवों में खेतों में गेहूं की फसलों में पानी भर जाने नुकसान पहुंचा। 11.00 बजे बारिश बंद होने के बाद धूप निकलने से मौसम में एक बार बदलाव दिखाई दिया। दिन का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
विज्ञापन


 मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में जरूर बदलाव आया हैं। मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार को आकाश में हलके बादल छाए रहेंगे। शुक्रवार के बाद मौसम सामान्य हो जाएगा। पूर्वी यमुना नहर खंड के  जिलेदार अंबुज कुमार के अनुसार सोमवार को  सुबह पांच बजे से लेकर 11 बजे तकआठ एमएम बूंदाबांदी रिकार्ड की गई है। उधर, उप कृषि निदेशक रामवीर कटारा ने बताया कि बूंदाबांदी से खेत में पानी भरने से कटे हुए गेहूं को नुकसान होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
शामली। बूंदाबांदी व तेज हवा चलने से गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान यमुना खादर के ऊन- चौसाना, कैराना क्षेत्र के किसानों को हुआ है। यमुना खादर क्षेत्रों में पांच से लेकर 10 प्रतिशत गेहूं की कटाई जोर शोर से चल रही है। 80 प्रतिशत गेहूं की फसल पकने को तैयार है।

यमुना खादर के चौसाना क्षेत्र के खोड़समा गांव के विनोद कुमार की खेतों में खड़ी 25 बीघा गेहूं की फसल बर्बाद होने से नुकसान पहुंचा हैं। किसान का कहना है कि बूंदाबांदी से गेहूं की फसल में पानी भर गया है। फसल गिरजाने के बाद गेहूं की उत्पादन कम होगा। बारिश से गेहूं की बाली काली पड़ जाएगी। उधर, खोड़समा गांव के राजेंद्र, जयवीर के खेतों में गेहूं की फसल की कटाई चल रही है। दोनों भाइयों का कहना है कि कटाई के बाद गेहूं की फसल खेतों में पड़ी हुई हैं। सोमवार सुबह बूंदाबांदी से गेहूं की कटी फसल पानी में डूब गई है। कहना है कि बूंदाबांदी से तेज चलने से वह बरबाद हो गए हैं। कांधला क्षेत्र के भारसी गांव के उपेंद्र व इस्सौपुर टील निवासी हरमोहन की गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा हैं।

कैराना में भी फसल हो गई बर्बाद
कैराना। सोमवार को  सुबह तेज हवाओं के साथ क्षेत्र में हुई बारिश के चलते खेतों में खड़ी गेहूं की फसलों को नुकसान होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गई। कई किसानों के खेतों में तैयार खडे़ गेहूं हवाओं के चलते लोटपोट हो गई है। मोहल्ला आल खुर्द निवासी अयूब ने बताया कि उसने भूरा रोड व खुरगान रोड पर अपनी 34 बीघा जमीन में गेहूं बो रखे हैं।


गेहूं कटने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन आज हुई बारिश व तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। मोहल्ला आलकला निवासी भूरा ने बताया कि उसने 12 बीघा में गेहूं बो रखे थे। हवा के साथ आई बारिश से गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। मामौर निवासी इमरान ने बताया कि गांव से लगती 18 बीघा जमीन पर उसने गेहूं बोए थे, लेकिन सोमवार सुबह बारिश व हवाओं ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। उसे दो दिन बाद गेहूं काटने थे। बराला निवासी अरशद ने बताया कि उसकी 35 बीघा जमीन पर गेहूं की फसल तैयार खड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed