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Shamli News: खेतों में गोभी की बंपर पैदावार, किसानों के घर मुनाफे की बौछार
Wed, 07 Oct 2026 01:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:18 AM IST
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जलालाबाद में खड़ी गोभी की फसल। संवाद
जलालाबाद। खेतों में खड़ी फूलगोभी किसानों के लिए कमाई की उम्मीद बन गई है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान की मंडियों में इसकी मांग होने से बाहरी राज्यों के व्यापारी कटाई से पहले ही खेतों पर पहुंचकर फसल का सौदा कर रहे हैं। शुरुआती कटाई में 17 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक भाव मिल रहे हैं। खेत में ही तौल, पैकिंग और भुगतान होने से किसानों को मंडी तक फसल ले जाने के भाड़े और आढ़त के खर्च से राहत मिल रही है।
जिले में करीब एक हजार एकड़ में जलालाबाद, थानाभवन और अन्य क्षेत्रों में फूलगोभी की खेती होती है। यहां मुख्य रूप से डॉक्टर अर्ली कुंवारी, डॉक्टर कविता और फर्स्ट अर्ली समेत कई किस्मों की बुवाई की जाती है। करीब तीन महीने में तैयार होने वाली फूलगोभी किसानों के लिए नकदी फसल बन गई है। किसान साल में तीन बार से पहले इसकी फसल लेते हैं। पिछले दो वर्षों से अच्छे भाव मिलने के कारण इस बार भी किसान बेहतर कमाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं। कई किसान कटाई से पहले ही प्रति बीघा के हिसाब से थोक व्यापारियों को फसल बेच रहे हैं।
बारिश में डोल विधि बनी किसानों की ढाल
हाल में हुई भारी बारिश से खेतों में जलभराव होने पर किसानों की चिंता बढ़ गई थी। फसल सड़ने का खतरा पैदा हो गया था। किसानों की ओर से अपनाई गई डोल विधि यानी मेड़ पर बुवाई कारगर साबित हुई। इससे पानी गोभी के फूल तक नहीं पहुंच सका। किसानों ने समय रहते खेतों से पानी निकाल दिया, जिससे फसल को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। बारिश के बाद निकली चटक धूप भी फूलगोभी के लिए फायदेमंद रही। किसानों के अनुसार, धूप से फूल की रंगत और गुणवत्ता में निखार आया है और फूलों में कसाव बढ़ा है।
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किसानों ने कहा
किसान राकेश सैनी ने बताया कि साल में तीन बार फूलगोभी की फसल लेने से नियमित आमदनी हो रही है। बाहरी व्यापारी खेत पर पहुंचकर तौल कराते हैं और तुरंत नकद या ऑनलाइन भुगतान कर देते हैं। इससे मंडी तक फसल ले जाने का खर्च बच जाता है।
किसान सरदार दर्शन राबड़ा ने बताया कि बारिश के बाद निकली तेज धूप से गोभी के फूल में अच्छी सफेदी और कसाव आया है। मौसम अनुकूल रहा तो बेहतर भाव मिलने की उम्मीद है।
किसान फैसल चौधरी ने बताया कि बाहरी व्यापारी खेतों पर ही फसल खरीद रहे हैं, जिससे किसानों को बेहतर मुनाफे की उम्मीद है।
जिले के किसान फूलगोभी की खेती कर मुनाफा कमा रहे हैं। अब अन्य राज्यों में भी यहां की गोभी की मांग है। किसानों को गोभी और अन्य फसलों की बुवाई से लेकर बिक्री तक के बारे में जरूरी जानकारी और सुझाव विभाग की ओर से दिए जा रहे हैं।
प्रदीप यादव, जिला कृषि अधिकारी, शामली
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जिले में करीब एक हजार एकड़ में जलालाबाद, थानाभवन और अन्य क्षेत्रों में फूलगोभी की खेती होती है। यहां मुख्य रूप से डॉक्टर अर्ली कुंवारी, डॉक्टर कविता और फर्स्ट अर्ली समेत कई किस्मों की बुवाई की जाती है। करीब तीन महीने में तैयार होने वाली फूलगोभी किसानों के लिए नकदी फसल बन गई है। किसान साल में तीन बार से पहले इसकी फसल लेते हैं। पिछले दो वर्षों से अच्छे भाव मिलने के कारण इस बार भी किसान बेहतर कमाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं। कई किसान कटाई से पहले ही प्रति बीघा के हिसाब से थोक व्यापारियों को फसल बेच रहे हैं।
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बारिश में डोल विधि बनी किसानों की ढाल
हाल में हुई भारी बारिश से खेतों में जलभराव होने पर किसानों की चिंता बढ़ गई थी। फसल सड़ने का खतरा पैदा हो गया था। किसानों की ओर से अपनाई गई डोल विधि यानी मेड़ पर बुवाई कारगर साबित हुई। इससे पानी गोभी के फूल तक नहीं पहुंच सका। किसानों ने समय रहते खेतों से पानी निकाल दिया, जिससे फसल को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। बारिश के बाद निकली चटक धूप भी फूलगोभी के लिए फायदेमंद रही। किसानों के अनुसार, धूप से फूल की रंगत और गुणवत्ता में निखार आया है और फूलों में कसाव बढ़ा है।
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किसानों ने कहा
किसान राकेश सैनी ने बताया कि साल में तीन बार फूलगोभी की फसल लेने से नियमित आमदनी हो रही है। बाहरी व्यापारी खेत पर पहुंचकर तौल कराते हैं और तुरंत नकद या ऑनलाइन भुगतान कर देते हैं। इससे मंडी तक फसल ले जाने का खर्च बच जाता है।
किसान सरदार दर्शन राबड़ा ने बताया कि बारिश के बाद निकली तेज धूप से गोभी के फूल में अच्छी सफेदी और कसाव आया है। मौसम अनुकूल रहा तो बेहतर भाव मिलने की उम्मीद है।
किसान फैसल चौधरी ने बताया कि बाहरी व्यापारी खेतों पर ही फसल खरीद रहे हैं, जिससे किसानों को बेहतर मुनाफे की उम्मीद है।
जिले के किसान फूलगोभी की खेती कर मुनाफा कमा रहे हैं। अब अन्य राज्यों में भी यहां की गोभी की मांग है। किसानों को गोभी और अन्य फसलों की बुवाई से लेकर बिक्री तक के बारे में जरूरी जानकारी और सुझाव विभाग की ओर से दिए जा रहे हैं।
प्रदीप यादव, जिला कृषि अधिकारी, शामली