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पश्चिमी बंगाल में बीएसएफ जवान की गोली लगने से मौत
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पश्चिमी बंगाल में बीएसएफ जवान की गोली लगने से मौत
शामली। पश्चिमी बंगाल के नदिया जिले में तैनात गांव लांक निवासी बीएसएफ जवान की गोली लगने से मौत हो गई। परिजनों को रात में इसकी खबर मिली तो कोहराम मच गया। मंगलवार को जवान का पार्थिव शरीर गांव लाया जाएगा। जवान की पत्नी भी पश्चिमी बंगाल में ही बीएसएफ में तैनात है। गन्ना मंत्री सुरेश राणा सोमवार शाम को विकास कुमार के घर पहुंचे और परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।
गांव लांक निवासी विकास कुमार (25) पुत्र भंवर सिंह कश्यप बीएसएफ में कांस्टेबल जीडी के पद पर 2013 में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती पश्चिमी बंगाल में नदिया जिले के सीमानगर में थी। रविवार की रात परिजनों को बीएसएफ अधिकारियों ने फोन कर गोली लगने से विकास की मौत होने की सूचना दी। इससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया। जवान के चचेरे भाई कमल नयन ने बताया कि इसके बाद परिजन लगातार बीएसएफ अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं बताया जा रहा है कि जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई है। विकास कुमार की पत्नी पंपा मेहता भी बीएसएफ में ही हैं। उनकी तैनाती विकास से करीब 120 किलोमीटर दूर मुर्शीदाबाद में है। दोनों की शादी दो साल पहले हुई थी तथा उनका बेटा भी है। परिजनों का कहना है कि पंपा मेहता मौके पर ही हैं, लेकिन बीएसएफ के अधिकारी उन्हें भी कुछ नहीं बता रहे हैं। जवान के शव का पोस्टमार्टम कराने से पहले भी किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई। बीएसएफ अधिकारियों ने जवान का पार्थिव शरीर मंगलवार को शामली लाने की बात कही है।
सदी सा कट रहा पल, बेहोश हो रहीं मां और बहनें
शामली। बीएसएफ जवान विकास कुमार की मौत की सूचना के बाद से परिजनों का बुरा हाल है। बेटे की मौत किस स्थिति में हुई है यह भी उन्हें नहीं पता। जवान का पार्थिव शरीर मंगलवार को यहां लाया जाएगा। परिवार के हर शख्स के लिए एक-एक पल सदी की तरह हो गया है। बेटे के आखिरी दर्शन के लिए तरस रहे हैं। मां मानो देवी, बहनें सुशीला और बबीता रो-रोकर बेहोश हो जाती हैं। घर पर ग्रामीणों का तांता लगा है। स्थानीय पुलिस ने भी जवान के घर पर पहुंचकर जानकारी ली।
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परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं
बीएसएफ जवान विकास कुमार के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उनके दो बड़े भाई गजेंद्र कुमार और शिव कुमार तथा दो बहनें हैं। सभी की शादी हो चुकी है। दोनों भाई मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। विकास का परिजनों को बड़ा सहारा था। अब उनका यह सहारा भी छिन गया है।
प्रशासन को नहीं मिली कोई सूचना
बीएसएफ जवान विकास कुमार की मौत होने की सूचना जिला प्रशासन को नहीं मिली है। बीएसएफ हेडक्वार्टर से डीएम कार्यालय को कोई सूचना नहीं मिली है। ग्रामीणों ने ही डीएम कार्यालय और पुलिस को इसकी सूचना दी। इस पर पुलिस जवान के घर पर पहुंची थी।
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शामली। पश्चिमी बंगाल के नदिया जिले में तैनात गांव लांक निवासी बीएसएफ जवान की गोली लगने से मौत हो गई। परिजनों को रात में इसकी खबर मिली तो कोहराम मच गया। मंगलवार को जवान का पार्थिव शरीर गांव लाया जाएगा। जवान की पत्नी भी पश्चिमी बंगाल में ही बीएसएफ में तैनात है। गन्ना मंत्री सुरेश राणा सोमवार शाम को विकास कुमार के घर पहुंचे और परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।
गांव लांक निवासी विकास कुमार (25) पुत्र भंवर सिंह कश्यप बीएसएफ में कांस्टेबल जीडी के पद पर 2013 में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती पश्चिमी बंगाल में नदिया जिले के सीमानगर में थी। रविवार की रात परिजनों को बीएसएफ अधिकारियों ने फोन कर गोली लगने से विकास की मौत होने की सूचना दी। इससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया। जवान के चचेरे भाई कमल नयन ने बताया कि इसके बाद परिजन लगातार बीएसएफ अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं बताया जा रहा है कि जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई है। विकास कुमार की पत्नी पंपा मेहता भी बीएसएफ में ही हैं। उनकी तैनाती विकास से करीब 120 किलोमीटर दूर मुर्शीदाबाद में है। दोनों की शादी दो साल पहले हुई थी तथा उनका बेटा भी है। परिजनों का कहना है कि पंपा मेहता मौके पर ही हैं, लेकिन बीएसएफ के अधिकारी उन्हें भी कुछ नहीं बता रहे हैं। जवान के शव का पोस्टमार्टम कराने से पहले भी किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई। बीएसएफ अधिकारियों ने जवान का पार्थिव शरीर मंगलवार को शामली लाने की बात कही है।
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सदी सा कट रहा पल, बेहोश हो रहीं मां और बहनें
शामली। बीएसएफ जवान विकास कुमार की मौत की सूचना के बाद से परिजनों का बुरा हाल है। बेटे की मौत किस स्थिति में हुई है यह भी उन्हें नहीं पता। जवान का पार्थिव शरीर मंगलवार को यहां लाया जाएगा। परिवार के हर शख्स के लिए एक-एक पल सदी की तरह हो गया है। बेटे के आखिरी दर्शन के लिए तरस रहे हैं। मां मानो देवी, बहनें सुशीला और बबीता रो-रोकर बेहोश हो जाती हैं। घर पर ग्रामीणों का तांता लगा है। स्थानीय पुलिस ने भी जवान के घर पर पहुंचकर जानकारी ली।
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परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं
बीएसएफ जवान विकास कुमार के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उनके दो बड़े भाई गजेंद्र कुमार और शिव कुमार तथा दो बहनें हैं। सभी की शादी हो चुकी है। दोनों भाई मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। विकास का परिजनों को बड़ा सहारा था। अब उनका यह सहारा भी छिन गया है।
प्रशासन को नहीं मिली कोई सूचना
बीएसएफ जवान विकास कुमार की मौत होने की सूचना जिला प्रशासन को नहीं मिली है। बीएसएफ हेडक्वार्टर से डीएम कार्यालय को कोई सूचना नहीं मिली है। ग्रामीणों ने ही डीएम कार्यालय और पुलिस को इसकी सूचना दी। इस पर पुलिस जवान के घर पर पहुंची थी।