फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Brick kiln workers demonstrate

ईंट भट्ठा मजदूरों का प्रदर्शन

Sun, 27 Mar 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली Updated Sun, 27 Mar 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
Brick kiln workers demonstrate
hangama - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली में अखिल भारतीय डॉ. अंबेडकर भट्ठा मजदूर यूनियन और ईंट भट्ठा कर्मचारी यूनियन की ओर से शनिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया। मांगे पूरी नहीं होने पर आठ अप्रैल से हड़ताल कर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है। 
विज्ञापन


शनिवार दोपहर ईंट भट्ठा मजदूरों की भीड़ एसटी तिराहे पर इकट्ठा हुई। वहां से पैदल मार्च निकालकर नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन करने के बाद अपर जिलाधिकारी भरत पांडेय को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन


अखिल भारतीय डाक्टर अंबेडकर भट्ठा मजदूर यूनियन की ओर से दिए ज्ञापन में कहा गया कि शामली जिले में फरवरी माह से जून तक ही ईंट भट्ठे का संचालन किया जाता है, जबकि पड़ोसी राज्य हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में नवंबर माह से भट्ठे चल जाते हैं। इन प्रदेशों में कच्ची ईंट पथाई की दर 700 रुपये और निकासी की दर प्रति हजार 150 रुपये है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शामली जिले में भी यही दरें लागू कराई जानी चाहिए। साथ ही भट्ठा मजदूरों को समाजवादी पेंशन, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, बीपीएल कार्ड आदि की सुविधा भी दिलाई जानी चाहिए, जो अब तक नहीं मिल रही है।

जिलाधिकारी से मांग की गई है कि मजदूरों को पेंशन दिलाने के लिए आदेश जारी किए जाएं। मांगे पूरी नहीं हुईं तो आठ अप्रैल से समस्त मजदूर हड़ताल पर चले जाएंगे और आंदोलन करेंगे। इस दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेदपाल सिंह, जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, अजीत सिंह, कोषाध्यक्ष संतराम, महासचिव मोहम्मद दिलशाद आदि मौजूद रहे। 

उधर, ईंट भट्ठा कर्मचारी यूनियन (रजिस्टर्ड) की ओर से महामंत्री बाबूराम तथा उनके साथियों ने दिए ज्ञापन में कहा कि ईंट भट्ठों पर श्रम कानूनों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है। 


बढ़ती महंगाई के दौरान में कम मजदूरी देकर कार्य कराया जा रहा है। ऐसी दशा में भट्ठा श्रमिकों के परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच रहे हैं। ईंट भट्ठों पर श्रमिक स्कूल खुलवाने, श्रमिक की मौत होने पर परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने, ईंट भराई के लिए घोड़ा बुग्गी खरीदने को अनुदान दिलाए जाने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed