कैराना। छठे दिन परम पूज्य ब्रह्म स्वरूपानंद जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा करते हुए कहा कि जो मनुष्य नारायण को भजता है, वही राम का हो जाता है।
शनिवार को डीके कांवेंट स्कूल में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन स्वरूपानंद जी महाराज ने गोवर्धन पर्वत की कथा सुनाते हुए कहा कि, भाग्यवान उसे कहते है, जिसके पास ज्ञान है, मगर इच्छाएं कम हो, संतोषी हो, ईश्वर का स्मरण करता हो तथा भगवान की कथा सुनता हो। स्वामी जी ने गोपियों के भगवान प्रेम का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि नारायण की कृपा वहां होती है, जहां साधु-संतों के चरण पड़ते हैं। भगवान के भक्तों के भाग्य में आंसू जरूर होते हैं। उन्हें आंसू उपहार में मिलते हैं, क्योंकि सांवला सरकार कन्हैया आंखों में बसता है और दिखाई नहीं देता है। इसलिए सुख और दुख दोनों भगवान के प्रसाद है। उन्हें हर संभव मन में बसा कर रखना चाहिए। स्वामी जी ने बताया कि 20 अक्तूबर को कथा प्रात: काल 9 बजे से शुरू होगी तथा दोपहर दो बजे भंडारा होगा। हवन की पूर्णाहुति होगी। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।