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सीमा विवाद : गेहूं की फसल तैयार, ग्रामीण बने पहरेदार

Mon, 07 Apr 2025 12:40 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Apr 2025 12:40 AM IST
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Border dispute: Wheat crop is ready, villagers become guards
कैराना में हरियाणा सीमा के पास गेंहू की फसल । संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली/ कैराना। दशकों पुराने हरियाणा-यूपी सीमा विवाद के चलते फसल काटने के दौरान हरियाणा सीमा पर कई बार खूनी संघर्ष हो चुके हैं। गेहूं की फसल काटने के लिए तैयार खड़ी है। वहीं पुलिस प्रशासन भी हरियाणा सीमा पर नजर रखे हुए हैं।
70 के दशक से हरियाणा यूपी सीमा विवाद चला आ रहा है। हरियाणा यूपी सीमा के मध्य यमुना नदी बहती है। यमुना नदी अपनी धारा बदलती रहती है जिस कारण यूपी की जमीन हरियाणा की और और हरियाणा की जमीन यूपी की ओर आ जाती है। ऐसे में भूमि का असली स्वामी पैसा लगाकर और मेहनत करके फसल होता है, लेकिन हरियाणा सीमा पर जमीन की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने के कारण दबंग रातों-रात फसल काट कर ले जाते हैं। जिस कारण सीमा पर संघर्ष की स्थिति बन जाती है। अब गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार हो चुकी है।
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अब पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह सीमा पर संघर्ष नहीं होने दें और भूमि के असली स्वामी ही अपनी फसल काट ले। मवी निवासी किसान पवन ने बताया कि उनकी 52 बीघा जमीन यमुना के पार और हरियाणा सीमा के लिए 1974 में लगे पिलर के इस ओर हैं। उन्होंने कुछ जमीन पर ईख और कुछ जमीन पर गेहूं बो रखा है। यमुना पार होने के कारण हरियाणा के लोग हरियाणा पुलिस के सहयोग से हमारी फसल काट कर ले जाते हैं। मामौर निवासी महताब ने कहा कि सीमा पर जल्द पिलर लगाए जाएं।
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