{"_id":"579cfb504f1c1bfa1421e4da","slug":"black-ticket-on-station","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टेशन पर टिकटों की कालाबाजारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टेशन पर टिकटों की कालाबाजारी
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 31 Jul 2016 12:39 AM IST
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में टिकट के लिए कालाबाजारी।
- फोटो : प्रतीकात्मक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली में रेलवे स्टेशन पर चार माह पूर्व दिल्ली से आई विजिलेंस टीम ने छापा मारकर गबन का मामला पकड़ा था, इसके अलावा टिकट बुकिंग के दौरान अनियमितता पाई गई थी।
उत्तर रेलवे दिल्ली मंडल की विजिलेंस टीम ने 16 मार्च को शामली रेलवे स्टेशन पर दो स्थानों बुकिंग काउंटर और रिजर्वेशन काउंटर पर छापामारी की थी। इस दौरान टीम ने टिकट रिजर्वेशन काउंटर पर महिला क्लर्क संतोष देवी के पास टिकट बिक्री से कम धन पाया गया था। मामले में उन्होंने एसडीएम का टिकट काटे जाना तथा उसके रुपये नहीं आने का तर्क दिया था।
टीम ने क्लर्क परवेश कुमार की तलाशी ली थी तो उसके पास डेढ़ सौ रुपये अधिक बरामद हुए थे, जिसके बारे में वह भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका था। इसके अलावा टीम ने मुख्य टिकट बाबू के यहां से टिकट के दो रोल गायब मिले थे, जिनमें से एक की कीमत 11 लाख रुपये बताई गई थी। मामले में उनके खिलाफ भी जांच शुरू की गई थी।
विज्ञापन
सूत्रों की माने तो विजिलेंस टीम ने इनमें से दो लोगों को दोषी करार दिया है। टीम ने एक आरोपी को मानक फार्म नंबर पांच तथा दूसरे को मानक फार्म नंबर 11 के तहत दोषी करार देते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, स्टेशन अधीक्षक संजीव शर्मा का कहना है कि दो आरोपियों को दोषी करार दिए जाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
विज्ञापन
उत्तर रेलवे दिल्ली मंडल की विजिलेंस टीम ने 16 मार्च को शामली रेलवे स्टेशन पर दो स्थानों बुकिंग काउंटर और रिजर्वेशन काउंटर पर छापामारी की थी। इस दौरान टीम ने टिकट रिजर्वेशन काउंटर पर महिला क्लर्क संतोष देवी के पास टिकट बिक्री से कम धन पाया गया था। मामले में उन्होंने एसडीएम का टिकट काटे जाना तथा उसके रुपये नहीं आने का तर्क दिया था।
विज्ञापन
टीम ने क्लर्क परवेश कुमार की तलाशी ली थी तो उसके पास डेढ़ सौ रुपये अधिक बरामद हुए थे, जिसके बारे में वह भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका था। इसके अलावा टीम ने मुख्य टिकट बाबू के यहां से टिकट के दो रोल गायब मिले थे, जिनमें से एक की कीमत 11 लाख रुपये बताई गई थी। मामले में उनके खिलाफ भी जांच शुरू की गई थी।
विज्ञापन
सूत्रों की माने तो विजिलेंस टीम ने इनमें से दो लोगों को दोषी करार दिया है। टीम ने एक आरोपी को मानक फार्म नंबर पांच तथा दूसरे को मानक फार्म नंबर 11 के तहत दोषी करार देते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, स्टेशन अधीक्षक संजीव शर्मा का कहना है कि दो आरोपियों को दोषी करार दिए जाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है।