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Shamli News: भाजपा चाहती है आरक्षण खत्म करना
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सपा नेता डॉ सुधीर पंवार
- फोटो : SHAMLI
शामली। निकाय चुनावों को लेकर हाई कोर्ट के निर्णय पर विभिन्न दलों के अन्य पिछड़ा वर्ग के नेता मुखर हो गए। उन्होंने भाजपा पर आरक्षण खत्म करने के षडयंत्र रचने का आरोप लगाया है। हाईकोर्ट के निर्णय के बाद यदि निकाय चुनाव हुए तो नगर पंचायत बनत का समीकरण बदल जाएगा। बनत नगर पंचायत अध्यक्ष की सीट इस बार पिछड़ा वर्ग के लिए घोषित की गई थी।
पांच दिसंबर की शाम को शासन ने नगरपालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण की सूची जारी की थी। जिसके अनुसार जिले की तीनों नगरपालिका शामली, कांधला और कैराना को अनारक्षित वर्ग में शामिल किया गया था। 2017 के चुनाव में शामली नगरपालिका पहली बार महिला वर्ग में आरक्षित हुई थी। इस बार फिर अनारक्षित वर्ग में शामिल की गई। कैराना नगर पालिका पिछली बार पिछड़ा वर्ग में थी। इस बार अनारक्षित वर्ग में है। कांधला नगर पालिका पिछली बार भी अनारक्षित थी और इस बार भी अनारक्षित घोषित की गई थी। ऊन नगर पंचायत को इस बार महिला वर्ग में रखा गया था। जबकि पिछली बार पिछड़ा वर्ग में थी।
पिछड़ा वर्ग के नेता बोले
सपा के वरिष्ठ नेता प्रो. सुधीर पंवार का कहना है कि स्थानीय निकाय चुनावों पर हाई कोर्ट के निर्णय से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा आरक्षण को समाप्त करना चाहती है। हाई कोर्ट के निर्णय से स्पष्ट है कि ओबीसी आरक्षण को उचित रूप से लागू कराने के लिए उनकी गिनती जरूरी है। सपा व अन्य पार्टियां लंब समय से ओबीसी जातियों की गणना की मांग सरकार से करती रही है, लेकिन भाजपा की मंशा किसी न किसी रूप से पहले अन्य पिछड़ा वर्ग और उसके बाद अनुसूचित जाति एवं जनजाति का आरक्षण समाप्त करने की है। सपा इसका पुरजोर विरोध करेगी।
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सदर विधायक प्रसन्न चौधरी का कहना है हाई कोर्ट के निर्णय से भाजपा सरकार की मंशा उजागर हो गई है। भाजपा आरक्षण को खत्म करने की कोशिश में है। हाई कोर्ट का निर्णय मान्य है, लेकिन पिछड़ों को संविधान के अनुसार उनका हक मिलना चाहिए। सरकार को पिछड़ों को आरक्षण देकर निकाय चुनाव कराने चाहिए। सरकार ऐसा नहीं करती तो इसका विरोध किया जाएगा।
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पांच दिसंबर की शाम को शासन ने नगरपालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण की सूची जारी की थी। जिसके अनुसार जिले की तीनों नगरपालिका शामली, कांधला और कैराना को अनारक्षित वर्ग में शामिल किया गया था। 2017 के चुनाव में शामली नगरपालिका पहली बार महिला वर्ग में आरक्षित हुई थी। इस बार फिर अनारक्षित वर्ग में शामिल की गई। कैराना नगर पालिका पिछली बार पिछड़ा वर्ग में थी। इस बार अनारक्षित वर्ग में है। कांधला नगर पालिका पिछली बार भी अनारक्षित थी और इस बार भी अनारक्षित घोषित की गई थी। ऊन नगर पंचायत को इस बार महिला वर्ग में रखा गया था। जबकि पिछली बार पिछड़ा वर्ग में थी।
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पिछड़ा वर्ग के नेता बोले
सपा के वरिष्ठ नेता प्रो. सुधीर पंवार का कहना है कि स्थानीय निकाय चुनावों पर हाई कोर्ट के निर्णय से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा आरक्षण को समाप्त करना चाहती है। हाई कोर्ट के निर्णय से स्पष्ट है कि ओबीसी आरक्षण को उचित रूप से लागू कराने के लिए उनकी गिनती जरूरी है। सपा व अन्य पार्टियां लंब समय से ओबीसी जातियों की गणना की मांग सरकार से करती रही है, लेकिन भाजपा की मंशा किसी न किसी रूप से पहले अन्य पिछड़ा वर्ग और उसके बाद अनुसूचित जाति एवं जनजाति का आरक्षण समाप्त करने की है। सपा इसका पुरजोर विरोध करेगी।
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सदर विधायक प्रसन्न चौधरी का कहना है हाई कोर्ट के निर्णय से भाजपा सरकार की मंशा उजागर हो गई है। भाजपा आरक्षण को खत्म करने की कोशिश में है। हाई कोर्ट का निर्णय मान्य है, लेकिन पिछड़ों को संविधान के अनुसार उनका हक मिलना चाहिए। सरकार को पिछड़ों को आरक्षण देकर निकाय चुनाव कराने चाहिए। सरकार ऐसा नहीं करती तो इसका विरोध किया जाएगा।

शामली विधायक प्रसन्न चौधरी- फोटो : SHAMLI