{"_id":"cf5d610b1e3680552636a769ed46c208","slug":"bjp-s-bid-will-compete-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा की दावेदारी से रोचक होगा मुकाबला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा की दावेदारी से रोचक होगा मुकाबला
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Wed, 04 Nov 2015 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदारी में सपा का खेल भाजपा बिगाड़ सकती है। अध्यक्ष पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है, जिसमें एक और सपा से गुर्जर बिरादरी की दावेदारी है। वहीं, भाजपा से भी गुर्जर महिला की जीत होने रोचक मुकाबला बन सकता है।
सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह की पुत्रवधू शैफाली चौहान को जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रबल दावेदार बताया जा रहा है। क्योंकि उनके पक्ष के कई सदस्य जीते हैं। वहीं, सदस्य पद के चुनाव के दौरान से ही जाट बनाम गुर्जर का नारा बुलंद करने वाले भी इस प्रयास में लग गए हैं कि अध्यक्ष पद सपा के पास जाने से रोका जाए। इसके चलते विरोधियों में एकजुटता भी बनेगी।
ऐसे में शैफाली चौहान के सामने अध्यक्ष पद के लिए मजबूती से चुनाव लड़ने वाले के नाम को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। उधर, मालूम चला है कि जिला पंचायत वार्ड-10 से चुनाव जीती भाजपा नेता अनिल चौहान की पत्नी सुषमा चौहान को भी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल किया जा सकता है।
विज्ञापन
उनके पक्ष में निर्दलीय सदस्य भी साथ दे सकते हैं। यदि वह अध्यक्ष पद के चुनाव में उतरती हैं, तो अध्यक्ष पद का चुनाव जीतना सपा के लिए इतना आसान भी नहीं रहेगा। वहीं, सपा विधायक नाहिद हसन की मां पूर्व सांसद तबस्सुम हसन भी अध्यक्ष पद की दावेदारी कर सकती हैं।
वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान ने नाहिद हसन की बहन इकरा चौधरी को सीधे मुकाबले में परास्त किया है, जिस कारण इन दोनों घरानों में अध्यक्ष पद को लेकर फिर से आमना-सामना होने की संभावना है।
उधर, रालोद से दो सदस्य जीते हैं। उन दोनों की वोट भी अध्यक्ष पद के चुनाव को प्रभावित करेंगी।
विज्ञापन
सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह की पुत्रवधू शैफाली चौहान को जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रबल दावेदार बताया जा रहा है। क्योंकि उनके पक्ष के कई सदस्य जीते हैं। वहीं, सदस्य पद के चुनाव के दौरान से ही जाट बनाम गुर्जर का नारा बुलंद करने वाले भी इस प्रयास में लग गए हैं कि अध्यक्ष पद सपा के पास जाने से रोका जाए। इसके चलते विरोधियों में एकजुटता भी बनेगी।
विज्ञापन
ऐसे में शैफाली चौहान के सामने अध्यक्ष पद के लिए मजबूती से चुनाव लड़ने वाले के नाम को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। उधर, मालूम चला है कि जिला पंचायत वार्ड-10 से चुनाव जीती भाजपा नेता अनिल चौहान की पत्नी सुषमा चौहान को भी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल किया जा सकता है।
विज्ञापन
उनके पक्ष में निर्दलीय सदस्य भी साथ दे सकते हैं। यदि वह अध्यक्ष पद के चुनाव में उतरती हैं, तो अध्यक्ष पद का चुनाव जीतना सपा के लिए इतना आसान भी नहीं रहेगा। वहीं, सपा विधायक नाहिद हसन की मां पूर्व सांसद तबस्सुम हसन भी अध्यक्ष पद की दावेदारी कर सकती हैं।
वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान ने नाहिद हसन की बहन इकरा चौधरी को सीधे मुकाबले में परास्त किया है, जिस कारण इन दोनों घरानों में अध्यक्ष पद को लेकर फिर से आमना-सामना होने की संभावना है।
उधर, रालोद से दो सदस्य जीते हैं। उन दोनों की वोट भी अध्यक्ष पद के चुनाव को प्रभावित करेंगी।