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फसल बीमा के विरोध में प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 23 Aug 2016 12:05 AM IST
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कलक्ट्रेट में एडीएम को ज्ञापन देते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन कर अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि बीमा योजना के नाम पर किसानों का उत्पीड़न बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना में जरूरी संशोधन किया जाए।
सोमवार दोपहर भाकियू के मंडल अध्यक्ष ओमपाल मलिक और जिलाध्यक्ष जावेद तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट में इकट्ठा हुए। यहां प्रदर्शन करने के बाद अपर जिलाधिकारी भरत पांडेय को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि देश के किसानों की दुर्दशा का बड़ा कारण यह है कि किसानों के नाम पर जो भी योजना बनाई जाती हैं, उनसे किसानों को लाभ होने की जगह नुकसान ज्यादा होता है।
इसी तरह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी किसानों का उत्पीड़न करने के लिए बना दी गई। सरकार की जिम्मेदारी है कि प्राकृतिक आपदाओं में किसानों को नुकसान की भरपाई देकर इस मुद्दे पर क्षेत्रीय आधार पर देशव्यापी नीति बनाई जाए। सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए ऐसी बीमा योजना बना दी जिससे कर्ज के बोझ में दबे किसानों से रकम इकट्ठा करके आपदाग्रस्त किसानों को नुकसान की भरपाई की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि यदि यह योजना लागू करनी है, तो उसमें जरूरी संशोधन किए जाएं। जैसे बीमा योजना में सभी किसानों पर (ऋणी एवं गैर ऋणी) शब्द हटाकर स्वैच्छिक किया जाए। बीमा योजना में सभी तरह की आपदाओं में किसानों को ईकाई माना जाए। मानव निर्मित हानि एवं जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को भी योजना में शामिल किया जाए।
प्रदर्शन में भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद, कपिल पिंडौरा, नजाकत टपराना, अक्षय बधेव, विनोद निर्वाल, पुष्पेंद्र डायरेक्टर, पदम कैड़ी, असगर तोमर, हाजी इकराम और रविंद्र प्रधान सहित अन्य शामिल रहे।
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सोमवार दोपहर भाकियू के मंडल अध्यक्ष ओमपाल मलिक और जिलाध्यक्ष जावेद तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट में इकट्ठा हुए। यहां प्रदर्शन करने के बाद अपर जिलाधिकारी भरत पांडेय को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि देश के किसानों की दुर्दशा का बड़ा कारण यह है कि किसानों के नाम पर जो भी योजना बनाई जाती हैं, उनसे किसानों को लाभ होने की जगह नुकसान ज्यादा होता है।
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इसी तरह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी किसानों का उत्पीड़न करने के लिए बना दी गई। सरकार की जिम्मेदारी है कि प्राकृतिक आपदाओं में किसानों को नुकसान की भरपाई देकर इस मुद्दे पर क्षेत्रीय आधार पर देशव्यापी नीति बनाई जाए। सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए ऐसी बीमा योजना बना दी जिससे कर्ज के बोझ में दबे किसानों से रकम इकट्ठा करके आपदाग्रस्त किसानों को नुकसान की भरपाई की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि यदि यह योजना लागू करनी है, तो उसमें जरूरी संशोधन किए जाएं। जैसे बीमा योजना में सभी किसानों पर (ऋणी एवं गैर ऋणी) शब्द हटाकर स्वैच्छिक किया जाए। बीमा योजना में सभी तरह की आपदाओं में किसानों को ईकाई माना जाए। मानव निर्मित हानि एवं जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को भी योजना में शामिल किया जाए।
प्रदर्शन में भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद, कपिल पिंडौरा, नजाकत टपराना, अक्षय बधेव, विनोद निर्वाल, पुष्पेंद्र डायरेक्टर, पदम कैड़ी, असगर तोमर, हाजी इकराम और रविंद्र प्रधान सहित अन्य शामिल रहे।