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बैंक की लाइन में ही हो रहा खाना-नाश्ता
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Nov 2016 12:02 AM IST
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कैराना स्टेट बैंक के बहार सुबह पांच बजे से बैठीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली के कैराना में बैंक से कैश लेने और जमा करने के लिए लोगों का पूरा दिन लाइन में ही कट रहा है। बिस्तर लेकर सुबह चार बजे से ही लाइन में लगना और लाइन में ही नाश्ता और खाना खाया जा रहा है।
उधर, बैंकों के दस बजे खुलने और चार बजे से पहले ही बंद हो जाने से लोग परेशान हैं। नोट बंदी के कारण हालात यहां तक बदतर हो चले हैं कि नोट बदलने के लिए पुरुषों के अलावा महिलाएं भी गोद में बच्चों को लेकर सुबह चार बजे से ही बैंकों के बाहर लाइन में लग जाती हैं। बाद में सुबह सात बजे परिजन लाइन में लगे लोगों के लिए घर से चाय नाश्ता लेकर आते हैं और बैंकों के बाहर ही लोग लाइन में बैठ कर चाय नाश्ता कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार को भी सुबह पांच बजे जब बैंकों के पास जाकर देखा तो वहां पहले से ही लंबी-लंबी लाइनें लगी थीं। आईसीआईसीआई बैंक के बाहर लाइन में एक वृद्ध महिला बैठी चाय बिस्किट खा रही थी। महिला ने बताया कि घर में खर्च के लिए पैसे नहीं थे। जिस कारण वह सुबह 4:30 से लाइन में आकर बैठ गई। यही हाल अन्य बैंकों के बाहर भी नजर आया। जबकि सभी बैंक 10 से सांय 4 बजे तक ही खुल रहे हैं। जैसे जैसे दिन निकलता है तो बैंकों के बाहर भीड़ बढ़ती चली जाती है।
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उधर, बैंकों के दस बजे खुलने और चार बजे से पहले ही बंद हो जाने से लोग परेशान हैं। नोट बंदी के कारण हालात यहां तक बदतर हो चले हैं कि नोट बदलने के लिए पुरुषों के अलावा महिलाएं भी गोद में बच्चों को लेकर सुबह चार बजे से ही बैंकों के बाहर लाइन में लग जाती हैं। बाद में सुबह सात बजे परिजन लाइन में लगे लोगों के लिए घर से चाय नाश्ता लेकर आते हैं और बैंकों के बाहर ही लोग लाइन में बैठ कर चाय नाश्ता कर रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को भी सुबह पांच बजे जब बैंकों के पास जाकर देखा तो वहां पहले से ही लंबी-लंबी लाइनें लगी थीं। आईसीआईसीआई बैंक के बाहर लाइन में एक वृद्ध महिला बैठी चाय बिस्किट खा रही थी। महिला ने बताया कि घर में खर्च के लिए पैसे नहीं थे। जिस कारण वह सुबह 4:30 से लाइन में आकर बैठ गई। यही हाल अन्य बैंकों के बाहर भी नजर आया। जबकि सभी बैंक 10 से सांय 4 बजे तक ही खुल रहे हैं। जैसे जैसे दिन निकलता है तो बैंकों के बाहर भीड़ बढ़ती चली जाती है।
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