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किसान की मौत के चार साल बाद बैंक ने जारी किया ऋण
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तहसील से आरसी निकलने के बाद मृतक के पुत्र ने लीड बैंक मैनेजर से शिकायत की
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। किसान की मौत के चार साल बाद एक बैंक ने उसकी भूमि गिरवी रखकर उसके नाम से डेढ़ लाख रुपये का कर्ज दे दिया। इसकी किस्त नहीं चुकाने पर तहसील ने किसान के नाम पर आरसी भेज दी। इस पर मृतक के पुत्र ने लीड बैंक मैनेजर शामली से शिकायत करके कार्रवाई की मांग की है।
गांव गोगवान निवासी जसवंत ने लीड बैंक मैनेजर को भेजी शिकायत में अवगत कराया कि उसके पिता जुल्फी की छह जून 2014 को मौत हो गई थी। उनका मृत्यु प्रमाण-पत्र उसके पास है। उसके पिता जुल्फी खसरा नंबर 572 में कृषि भूमि में सह खातेदार थे। उसके पिता के हिस्से की करीब एक बीघा भूमि थी। पिता की मृत्यु के 15 दिन बाद वारिस खतौनी में उसका नाम दर्ज हो गया था। कुछ दिन पहले उसे तहसील से आरसी प्राप्त हुई। जिससे पता चला कि 24 अप्रैल 2018 में भूरा गांव स्थित यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा से उसके पिता की एक बीघा भूमि गिरवी रखकर डेढ़ लाख रुपये को लोन जारी कर दिया गया था। हालांकि उसके पिता की मौत इससे चार साल पहले हो चुकी थी। पीड़ित ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। किसान की मौत के चार साल बाद एक बैंक ने उसकी भूमि गिरवी रखकर उसके नाम से डेढ़ लाख रुपये का कर्ज दे दिया। इसकी किस्त नहीं चुकाने पर तहसील ने किसान के नाम पर आरसी भेज दी। इस पर मृतक के पुत्र ने लीड बैंक मैनेजर शामली से शिकायत करके कार्रवाई की मांग की है।
गांव गोगवान निवासी जसवंत ने लीड बैंक मैनेजर को भेजी शिकायत में अवगत कराया कि उसके पिता जुल्फी की छह जून 2014 को मौत हो गई थी। उनका मृत्यु प्रमाण-पत्र उसके पास है। उसके पिता जुल्फी खसरा नंबर 572 में कृषि भूमि में सह खातेदार थे। उसके पिता के हिस्से की करीब एक बीघा भूमि थी। पिता की मृत्यु के 15 दिन बाद वारिस खतौनी में उसका नाम दर्ज हो गया था। कुछ दिन पहले उसे तहसील से आरसी प्राप्त हुई। जिससे पता चला कि 24 अप्रैल 2018 में भूरा गांव स्थित यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा से उसके पिता की एक बीघा भूमि गिरवी रखकर डेढ़ लाख रुपये को लोन जारी कर दिया गया था। हालांकि उसके पिता की मौत इससे चार साल पहले हो चुकी थी। पीड़ित ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई है।
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