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बांग्लादेशी होने के संदेह में पकड़ा युवक पश्चिम बंगाल का निवासी निकला
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बांग्लादेशी के संदेह में पकड़ा युवक पश्चिम बंगाल का निकला
- खुफिया विभाग ने युवक से पूछताछ की, बाद में छोड़ दिया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शहर के नोकुआं रोड पर परिवार के साथ रह रहे युवक को बांग्लादेशी होने के संदेह पर पकड़ लिया गया। खुफिया विभाग की जांच में युवक पश्चिम बंगाल का निवासी पाया गया। नाम पते तस्दीक होने पर युवक को छोड़ दिया गया।
खुफिया विभाग को सूचना मिली कि शामली के नोकुआं रोड पर बांग्लादेश के युवक परिवार सहित रहता है। इस सूचना पर बृहस्पतिवार शाम को पुलिस ने मकान पर पहुंचकर जांच की। युवक के पास से मिले कंप्यूटर और मोबाइल फोन आदि को खुफिया टीम ने कब्जे में ले लिया और युवक को पूछताछ के लिए कोतवाली ले गई। खुफिया विभाग की टीम ने जांच की तो युवक पश्चिम बंगाल का मूल निवासी पाया गया। इसके बाद खुफिया और पुलिस टीम ने उसके कंप्यूटर और मोबाइल की जांच की तो उसमें भी कुछ आपत्तिजनक या संदेहास्पद कोई चीज नहीं मिली। युवक के बताए पते पर पश्चिम बंगाल में पुलिस और गांव के जिम्मेदार लोगों से जानकारी की तो उसका नाम पता सही पाया गया। इसके बाद युवक को क्लीन चिट देकर शाम को ही छोड़ दिया। खुफिया विभाग के अधिकारी ने बताया कि युवक का नाम असदुल्ला निवासी गांव शिकारपुर थाना चकदाह जिला नाडिया पश्चिम बंगाल है। वह नोकुआं रोड पर कई साल से किराये के मकान में पत्नी व दो बेटियों के साथ रहता है। घर पर ही बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता है और बाकी समय में वह हार्डवेयर सॉफ्टवेयर की दुकान पर काम करता है।
10 साल की उम्र में पढ़ाई के लिए आया था
खुफिया टीम को पूछताछ में युवक ने बताया कि वह 10 साल की उम्र में 1984 में पश्चिम बंगाल से पढ़ने के लिए आया था। कैराना के मदरसे में दो साल पढ़ाई की। इसके बाद दो साल बागपत में और फिर दो साल तक शामली में पढ़ाई की। दारुल उलूम देवबंद से मौलवियत की डिग्री हासिल की। फिर उसने कैराना, शामली और बिजनौर के मदरसे में पढ़ाने का कार्य किया। इसके बाद 2003 में शामली में जूनियर हाईस्कूल खोला। करीब पांच साल तक स्कूल चलाने के बाद बंद कर दिया। उसकी बड़ी बेटी 10 वीं में और छोटी बेटी यूूकेजी में पढ़ती है।
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कोट
एक युवक के बाहरी होने की सूचना मिलने पर उसे पूछताछ के लिए लाया गया था। पूछताछ में पता चला कि युवक बाहरी व्यक्ति न होकर पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। जांच में उसके नाम पते सही मिलने पर उसे छोड़ दिया गया। - अजय कुमार, एसपी।
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- खुफिया विभाग ने युवक से पूछताछ की, बाद में छोड़ दिया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शहर के नोकुआं रोड पर परिवार के साथ रह रहे युवक को बांग्लादेशी होने के संदेह पर पकड़ लिया गया। खुफिया विभाग की जांच में युवक पश्चिम बंगाल का निवासी पाया गया। नाम पते तस्दीक होने पर युवक को छोड़ दिया गया।
खुफिया विभाग को सूचना मिली कि शामली के नोकुआं रोड पर बांग्लादेश के युवक परिवार सहित रहता है। इस सूचना पर बृहस्पतिवार शाम को पुलिस ने मकान पर पहुंचकर जांच की। युवक के पास से मिले कंप्यूटर और मोबाइल फोन आदि को खुफिया टीम ने कब्जे में ले लिया और युवक को पूछताछ के लिए कोतवाली ले गई। खुफिया विभाग की टीम ने जांच की तो युवक पश्चिम बंगाल का मूल निवासी पाया गया। इसके बाद खुफिया और पुलिस टीम ने उसके कंप्यूटर और मोबाइल की जांच की तो उसमें भी कुछ आपत्तिजनक या संदेहास्पद कोई चीज नहीं मिली। युवक के बताए पते पर पश्चिम बंगाल में पुलिस और गांव के जिम्मेदार लोगों से जानकारी की तो उसका नाम पता सही पाया गया। इसके बाद युवक को क्लीन चिट देकर शाम को ही छोड़ दिया। खुफिया विभाग के अधिकारी ने बताया कि युवक का नाम असदुल्ला निवासी गांव शिकारपुर थाना चकदाह जिला नाडिया पश्चिम बंगाल है। वह नोकुआं रोड पर कई साल से किराये के मकान में पत्नी व दो बेटियों के साथ रहता है। घर पर ही बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता है और बाकी समय में वह हार्डवेयर सॉफ्टवेयर की दुकान पर काम करता है।
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10 साल की उम्र में पढ़ाई के लिए आया था
खुफिया टीम को पूछताछ में युवक ने बताया कि वह 10 साल की उम्र में 1984 में पश्चिम बंगाल से पढ़ने के लिए आया था। कैराना के मदरसे में दो साल पढ़ाई की। इसके बाद दो साल बागपत में और फिर दो साल तक शामली में पढ़ाई की। दारुल उलूम देवबंद से मौलवियत की डिग्री हासिल की। फिर उसने कैराना, शामली और बिजनौर के मदरसे में पढ़ाने का कार्य किया। इसके बाद 2003 में शामली में जूनियर हाईस्कूल खोला। करीब पांच साल तक स्कूल चलाने के बाद बंद कर दिया। उसकी बड़ी बेटी 10 वीं में और छोटी बेटी यूूकेजी में पढ़ती है।
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एक युवक के बाहरी होने की सूचना मिलने पर उसे पूछताछ के लिए लाया गया था। पूछताछ में पता चला कि युवक बाहरी व्यक्ति न होकर पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। जांच में उसके नाम पते सही मिलने पर उसे छोड़ दिया गया। - अजय कुमार, एसपी।