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पराली जलाने के मामले में सुधरा शामली का ग्राफ
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पराली जलाने के मामले में सुधरा शामली का ग्राफ
शामली। जनपद में पराली जलाने की घटना कम होने लगीं हैं, जिसके चलते प्रदेश की रैंकिंग में शामली का ग्राफ सुधरा है। इस वर्ष मात्र छह मामले दर्ज हुए, फिर भी जिले को 51वां स्थान प्रदेश में मिला तो मंडल में दूसरे नंबर पर रहा। 19 जनपदों में अभी तक पराली जलाने की कोई घटना तक सामने नहीं आई है। सहारनपुर में 12, मेरठ में चार, हापुड़ में दो, मुजफ्फरनगर में एक, बिजनौर व बागपत में दो-दो, गाजियाबाद में तीन व शामली में छह मामले दर्ज कर किसानों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई है।
प्रदेश में पराली जलाने की घटना रोकने के लिए लगातार किसानों को जागरूक किया जा रहा है। जिससे प्रदूषण को रोका जा सके। जागरूकता बढ़ने और जुर्माने की कार्रवाई के चलते पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के अधिकतर जनपदों में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है। वर्ष 2020 से 2022 तक 50 प्रतिशत से भी कम घटनाएं सामने आई हैं। शामली में वर्ष 2020 में 27 किसानों पर जुर्माना लगाया गया था। वर्ष 2021 में 22 किसानों और वर्ष 2022 अभी तक सिर्फ छह किसानों पर ही अभी तक जुर्माना लगाया गया है। प्रदेश में शामली को 51वां स्थान मिला तो मंडल में दूसरे स्थान पर रहा। यहां छह किसानों पर जुर्माना लगाकर 12,500 रुपये वसूला गया है। कृषि विभाग लगातार किसानों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहा है, जिससे लगातार पराली जलाने की घटना भी कम हो रही हैं। शुक्रवार को कोई भी पराली जलाने की घटना सामने नहीं आई है।
- इन किसानों पर लगाया गया जुर्माना
कैराना तहसील के ऊंचा गांव निवासी किसान शिवकुमार पर 2500, रामकुमार पर 2500, ऊन ब्लॉक क्षेत्र में चौसाना क्षेत्र में हरियाणा के कोबाला जड़ौला निवासी नरेंद्र, खुशवंत व महेंद्र पर पांच-पांच हजार, सकौती निवासी बबलू पर 2500 रुपये जुर्माना लगाया गया है।
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जनपदों की स्थिति
जनपद 2020 2021 2022
शामली 27 22 6
सहारनपुर 69 44 12
बागपत 5 2 2
मुजफ्फरनगर 7 3 1
बिजनौर- 11 7 2
मेरठ 25 6 4
हापुड़- 8 3 2
गाजियाबाद- 9 5 3
किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है और इस वर्ष यहां घटना में काफी कमी आई है।
- प्रदीप कुमार, जिला कृषि अधिकारी।
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शामली। जनपद में पराली जलाने की घटना कम होने लगीं हैं, जिसके चलते प्रदेश की रैंकिंग में शामली का ग्राफ सुधरा है। इस वर्ष मात्र छह मामले दर्ज हुए, फिर भी जिले को 51वां स्थान प्रदेश में मिला तो मंडल में दूसरे नंबर पर रहा। 19 जनपदों में अभी तक पराली जलाने की कोई घटना तक सामने नहीं आई है। सहारनपुर में 12, मेरठ में चार, हापुड़ में दो, मुजफ्फरनगर में एक, बिजनौर व बागपत में दो-दो, गाजियाबाद में तीन व शामली में छह मामले दर्ज कर किसानों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई है।
प्रदेश में पराली जलाने की घटना रोकने के लिए लगातार किसानों को जागरूक किया जा रहा है। जिससे प्रदूषण को रोका जा सके। जागरूकता बढ़ने और जुर्माने की कार्रवाई के चलते पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के अधिकतर जनपदों में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है। वर्ष 2020 से 2022 तक 50 प्रतिशत से भी कम घटनाएं सामने आई हैं। शामली में वर्ष 2020 में 27 किसानों पर जुर्माना लगाया गया था। वर्ष 2021 में 22 किसानों और वर्ष 2022 अभी तक सिर्फ छह किसानों पर ही अभी तक जुर्माना लगाया गया है। प्रदेश में शामली को 51वां स्थान मिला तो मंडल में दूसरे स्थान पर रहा। यहां छह किसानों पर जुर्माना लगाकर 12,500 रुपये वसूला गया है। कृषि विभाग लगातार किसानों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहा है, जिससे लगातार पराली जलाने की घटना भी कम हो रही हैं। शुक्रवार को कोई भी पराली जलाने की घटना सामने नहीं आई है।
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- इन किसानों पर लगाया गया जुर्माना
कैराना तहसील के ऊंचा गांव निवासी किसान शिवकुमार पर 2500, रामकुमार पर 2500, ऊन ब्लॉक क्षेत्र में चौसाना क्षेत्र में हरियाणा के कोबाला जड़ौला निवासी नरेंद्र, खुशवंत व महेंद्र पर पांच-पांच हजार, सकौती निवासी बबलू पर 2500 रुपये जुर्माना लगाया गया है।
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जनपदों की स्थिति
जनपद 2020 2021 2022
शामली 27 22 6
सहारनपुर 69 44 12
बागपत 5 2 2
मुजफ्फरनगर 7 3 1
बिजनौर- 11 7 2
मेरठ 25 6 4
हापुड़- 8 3 2
गाजियाबाद- 9 5 3
किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है और इस वर्ष यहां घटना में काफी कमी आई है।
- प्रदीप कुमार, जिला कृषि अधिकारी।