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पीड़ितों को मुआवजा और मदद का आश्वासन मिलने पर शांत हुए ग्रामीण
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पीड़ितों को को दिया मदद का आश्वासन
कैराना। गाजियाबाद में सड़क दुर्घटना में खेड़ीकरमू निवासी ट्रक चालक की मौत होने पर परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर इंड्रस्ट्रीयल एरिया में फैक्ट्री के सामने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था। देर रात फैक्टरी प्रबंधन की तरफ से 50 हजार की नकद सहायता और अन्य सुविधाएं दिए जाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए।
गाव खेड़ीकरमू निवासी ट्रक चालक देशपाल की गाजियाबाद में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। बुधवार शाम करीब पौने सात बजे मृतक के परिजनों व ग्रामीणों ने शव को फैक्टरी के सामने शामली रोड पर रखकर जाम लगा दिया था और 20 लाख मुआवजे की मांग की थी। एसडीएम मणि अरोरा व सीओ प्रदीप सिंह ने लोगों को समझाकर करीब 30 मिनट बाद जाम खुलवा दिया था। महिलाएं और ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर फैक्टरी के बाहर ही जमे रहे। इसके बाद पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों, फैक्टरी मैनेजर कुलवंत सिंह और परिजनों के बीच देर रात तक वार्ता चलती रही। सीओ सीओ प्रदीप सिंह ने बताया कि रात करीब 10 बजे फैक्टरी प्रबंधन की तरफ से मृतक के परिजनों को 50 हजार की नकद सहायता दी गई। इसके अलावा इंश्योरेंस क्लेम, पीएफ और अन्य संभव सुविधाओं का आश्वासन मिलने पर परिजन शांत हुए और शव को लेकर चले गए।
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कैराना। गाजियाबाद में सड़क दुर्घटना में खेड़ीकरमू निवासी ट्रक चालक की मौत होने पर परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर इंड्रस्ट्रीयल एरिया में फैक्ट्री के सामने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था। देर रात फैक्टरी प्रबंधन की तरफ से 50 हजार की नकद सहायता और अन्य सुविधाएं दिए जाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए।
गाव खेड़ीकरमू निवासी ट्रक चालक देशपाल की गाजियाबाद में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। बुधवार शाम करीब पौने सात बजे मृतक के परिजनों व ग्रामीणों ने शव को फैक्टरी के सामने शामली रोड पर रखकर जाम लगा दिया था और 20 लाख मुआवजे की मांग की थी। एसडीएम मणि अरोरा व सीओ प्रदीप सिंह ने लोगों को समझाकर करीब 30 मिनट बाद जाम खुलवा दिया था। महिलाएं और ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर फैक्टरी के बाहर ही जमे रहे। इसके बाद पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों, फैक्टरी मैनेजर कुलवंत सिंह और परिजनों के बीच देर रात तक वार्ता चलती रही। सीओ सीओ प्रदीप सिंह ने बताया कि रात करीब 10 बजे फैक्टरी प्रबंधन की तरफ से मृतक के परिजनों को 50 हजार की नकद सहायता दी गई। इसके अलावा इंश्योरेंस क्लेम, पीएफ और अन्य संभव सुविधाओं का आश्वासन मिलने पर परिजन शांत हुए और शव को लेकर चले गए।
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