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असलम हत्याकांड: लव मैरिज, नौ साल की शादी और चार बच्चे... फिर भी आसमीन ने कटवा दिया पति का गला
Sun, 10 Aug 2025 11:45 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Sun, 10 Aug 2025 11:45 PM IST
सार
Shamli News: प्रेमी और भाई के साथ मिलकर पति असलम की हत्या करने वाली आसमीन के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। जबकि चार छोटे बच्चों को कुछ समझ नहीं आ रहा था। असलम के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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हत्यारोपी पत्नी, प्रेमी और साला।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कांधला निवासी असलम की हत्या का खुलासा करने में सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल अहम बनी। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को सुराग हाथ लगा, जबकि मोबाइल कॉल डिटेल से शक और पुख्ता हो गया। मृतक की पत्नी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली तो इंतजार के फोन नंबर पर लंबी बातचीत होने का पता चला। व्हाटसएप चैटिंग भी मिली। चैटिंग में लिखा था कि अंतिम काम कर देंगे, जो भी रास्ते में आएगा वह बच नहीं पाएगा। पुलिस ने प्रेमी इंतजार और पत्नी से पूछताछ की तो हत्या का राज खुलकर सामने आया गया।
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असलम की फाइल फोटो और जांच करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
अललम के पिता आबिद की तरफ से कैराना कोतवाली में अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। किसी का नाम न होने से पुलिस के लिए यह केस उलझा हुआ था। एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि पुलिस टीमों ने कांधला से लेकर कैराना मार्ग पर लगे कई सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की तो इंतजार टेंपो से असलम को ले जाते हुए नजर आया। इसके बाद पुलिस ने इंतजार के मोबाइल फोन की लोकेशन देखी तो रात में घटनास्थल के आसपास मिली।
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नौ साल पहले असलम ने आसमीन से किया था प्रेम विवाह
मृतक असलम चार भाइयों में दूसरे नंबर का था, उसकी चार बहनें हैं। असलम के छोटे भाई ने बताया कि करीब नौ साल पहले फतेहपुर पुट्टी धनौरा निवासी आसमीन से असलम ने प्रेम विवाह किया था। आसमीन उसकी बहन की ननद है। करीब पांच साल से वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ कांधला में नगर पालिका रोड पर किराये के एक मकान में रहता था।
असलम के दो बेटे पांच वर्षीय असद, चार वर्षीय अजहर, दो बेटी तीन वर्षीय आयत और एक वर्षीय आलिया है। पिता का साया छिनने और मां के जेल जाने के बाद चारों बच्चों पर पालन पोषण का संकट बन गया है।
मृतक असलम चार भाइयों में दूसरे नंबर का था, उसकी चार बहनें हैं। असलम के छोटे भाई ने बताया कि करीब नौ साल पहले फतेहपुर पुट्टी धनौरा निवासी आसमीन से असलम ने प्रेम विवाह किया था। आसमीन उसकी बहन की ननद है। करीब पांच साल से वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ कांधला में नगर पालिका रोड पर किराये के एक मकान में रहता था।
असलम के दो बेटे पांच वर्षीय असद, चार वर्षीय अजहर, दो बेटी तीन वर्षीय आयत और एक वर्षीय आलिया है। पिता का साया छिनने और मां के जेल जाने के बाद चारों बच्चों पर पालन पोषण का संकट बन गया है।
गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार
कांधला निवासी असलम का शव पोस्टमार्टम के बाद रविवार देर शाम पहुंचा। शव को देखकर परिजन बिलख उठे। परिजनों को रोता बिलखता देकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। गमगीन माहौल में शव को कब्रिस्तान ले जाकर सुपुर्दे खाक किया गया।
असलम की बहन शाहिस्ता ने बताया कि वह कांवड़ यात्रा के दौरान अपने भाई असलम के पास आठ दिन रहकर गई थी। उसने बताया कि चार दिन पूर्व उसके पास असलम का फोन आया था तथा उसने उससे मिलने की इच्छा जाहिर करते हुए उसे कांधला आने के लिए कहा था। उसने उस समय आने में असमर्थता जाहिर की और 10 अगस्त को उसके पास आने का वादा किया गया था। असलम ने उसे जरूर आने के लिए कहते हुए बस इतना कहा था कि बहन घर का नाश हो गया था। उसने अपने भाई से बहुत पूछा था लेकिन उसने मिलकर ही बात बताने की बात कही थी। मृतक की बहन का कहना है कि उसे नहीं पता था कि आज उसके भाई की लाश उसे देखने को मिलेगी।
कांधला निवासी असलम का शव पोस्टमार्टम के बाद रविवार देर शाम पहुंचा। शव को देखकर परिजन बिलख उठे। परिजनों को रोता बिलखता देकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। गमगीन माहौल में शव को कब्रिस्तान ले जाकर सुपुर्दे खाक किया गया।
असलम की बहन शाहिस्ता ने बताया कि वह कांवड़ यात्रा के दौरान अपने भाई असलम के पास आठ दिन रहकर गई थी। उसने बताया कि चार दिन पूर्व उसके पास असलम का फोन आया था तथा उसने उससे मिलने की इच्छा जाहिर करते हुए उसे कांधला आने के लिए कहा था। उसने उस समय आने में असमर्थता जाहिर की और 10 अगस्त को उसके पास आने का वादा किया गया था। असलम ने उसे जरूर आने के लिए कहते हुए बस इतना कहा था कि बहन घर का नाश हो गया था। उसने अपने भाई से बहुत पूछा था लेकिन उसने मिलकर ही बात बताने की बात कही थी। मृतक की बहन का कहना है कि उसे नहीं पता था कि आज उसके भाई की लाश उसे देखने को मिलेगी।