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हाशिम बनकर आया सपेरा लौट गया आसिफाबाद
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हाशिम बनकर आया सपेरा लौट गया आसिफाबाद
कैराना। एक दिन पहले जहानपुरा में आकर एक परिवार का बेटा होने का दावा करने वाला सपेरा शुक्रवार को अपने साथियों के साथ गांव आसिफाबाद समसपुर लौट गया। उसने कहा कि अपने माता पिता का घर देख लिया है, समय समय पर आता जाता रहूंगा।
कैराना क्षेत्र के गांव जहानपुरा निवासी इलियास के 14 वर्षीय बेटे हाशिम को 31 साल पहले सांप ने काट लिया था। हाशिम की मौत होने पर परिजनों ने उसे कब्रिस्तान में दफना दिया था। दो दिन पहले ही मवाना (मेरठ) के गांव आसिफाबाद समसपुर से सपेरा मोमराजनाथ अपने दो साथियों के साथ जहानपुरा गांव आया और खुद को 31 साल पहले सांप के काटने से मरने वाला हाशिम होने का दावा किया। परिजनों को पहचान बताने लगा। उसकी बातों पर इलियास का परिवार का भरोसा भी बन गया। इलियास के परिवार ने उसे अपने बेटे के रुप में अपना लिया था, लेकिन शुक्रवार को वो अपने अन्य सपेरे साथियों के साथ आसिफाबाद समसपुर लौट गया।
हाशिम की मां अमतुल ने बताया कि सपेरा बने बेटे ने बताया कि उसकी शादी हो गई है तथा उसके दो बेटे और दो बेटियां है। वह अपनी पत्नी और बच्चों के बिना नहीं रह सकता। उसे अपने मां बाप मिल गए हैं। वह यहां आता जाता रहेगा। परिजनों ने भी उसे इस वादे के साथ भेज दिया।
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कैराना। एक दिन पहले जहानपुरा में आकर एक परिवार का बेटा होने का दावा करने वाला सपेरा शुक्रवार को अपने साथियों के साथ गांव आसिफाबाद समसपुर लौट गया। उसने कहा कि अपने माता पिता का घर देख लिया है, समय समय पर आता जाता रहूंगा।
कैराना क्षेत्र के गांव जहानपुरा निवासी इलियास के 14 वर्षीय बेटे हाशिम को 31 साल पहले सांप ने काट लिया था। हाशिम की मौत होने पर परिजनों ने उसे कब्रिस्तान में दफना दिया था। दो दिन पहले ही मवाना (मेरठ) के गांव आसिफाबाद समसपुर से सपेरा मोमराजनाथ अपने दो साथियों के साथ जहानपुरा गांव आया और खुद को 31 साल पहले सांप के काटने से मरने वाला हाशिम होने का दावा किया। परिजनों को पहचान बताने लगा। उसकी बातों पर इलियास का परिवार का भरोसा भी बन गया। इलियास के परिवार ने उसे अपने बेटे के रुप में अपना लिया था, लेकिन शुक्रवार को वो अपने अन्य सपेरे साथियों के साथ आसिफाबाद समसपुर लौट गया।
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हाशिम की मां अमतुल ने बताया कि सपेरा बने बेटे ने बताया कि उसकी शादी हो गई है तथा उसके दो बेटे और दो बेटियां है। वह अपनी पत्नी और बच्चों के बिना नहीं रह सकता। उसे अपने मां बाप मिल गए हैं। वह यहां आता जाता रहेगा। परिजनों ने भी उसे इस वादे के साथ भेज दिया।
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