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Shamli News: मुकीम काला, मुस्तफा उर्फ कग्गा बनना चाहता था अरशद
Wed, 22 Jan 2025 12:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 22 Jan 2025 12:35 AM IST
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मृतक बदमाश अरशद का फाइल फोटो ।
शामली। एसटीएफ की सक्रियता से मुकीम काला और मुस्तफा उर्फ कग्गा बनने की राह पर चले एक लाख के इनामी अरशद का खेल भी सोमवार की रात खत्म हो गया। एसटीएफ और पुलिस की अभी तक की जांच सामने आया है कि अरशद वेस्ट यूपी ही नहीं, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली में भी कग्गा और मुकीम गैंग संचालित कर रहा था। एसटीएफ के रडार पर गिरोह के 12 ओर सदस्य है। जिन्हें जल्द पकड़ने का दावा किया गया है।
एसटीएफ के अनुसार अरशद के खिलाफ शामली के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनरपुर, बेहट , पानीपत में हत्या, लूट, डकैती के 17 मामले दर्ज हैं। जांच में पता चला है कि वह मुकीम काला और मुस्तफा उर्फ कग्गा गैंग को संभाल रहा था। लगातार युवाओं को गिरोह में जोड़कर चंद दिनों में अमीर बनने का सपना दिखाकर वारदात को अंजाम दिला रहा था।
हरियाणा में यूपी के बदमाश और यूपी में हरियाणा के बदमाशों को टारगेट देता था। वारदात के लिए गिरोह के सदस्यों के क्षेत्र भी आपस में बांटे हुए थे। पंजाब के लुधियाना में भी गिरोह ने लूट की वारदात की थी। अन्य राज्यों में भी अरशद दोनों गिरोह का वर्चस्व फैलाना चाहता था। एसटीएफ एसपी बृजेश कुमार का कहना है कि गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही फरार आरोपी भी पकड़ में होंगे। संवाद
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व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम का प्रयोग कर रहे थे गिरोह के सदस्य
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि पुलिस पकड़ में नहीं आ सके, इसके लिए गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम का प्रयोग कर रहे थे। यही नहीं एक दूसरे से बात में सोशल साइटों का ही प्रयोग करते थे।
कग्गा गैंग के बारे जानिए...
सहारनपुर के बढ़ी माजरा गांव के मुस्तफा उर्फ कग्गा का अपराध की दुनिया में बोलबाला था। मुस्तफा गैंग में ही मुकीम काला ने एंट्री की और उसका राइटहैंड बन गया। पुलिस पर हमला करने के कारण पुलिस से भी उसकी दुश्मनी हो गई थी। झिंझाना की बिड़ौली पुलिस चौकी पर मुस्तफा ने एक सिपाही की गोली से भूनकर हत्या कर दी थी। उस वक्त मुकीम काला, कग्गा गैंग का शूटर बन चुका था। इसके बाद वर्ष 2011 में सहारनपुर पुलिस ने मुस्तफा को एनकाउंटर में मार गिराया। इसके बाद मुकीम काला ने गैंग की कमान संभाली। पिछले कुछ समय से दोनों गैंग को अरशद ही संभाल रहा था।
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एसटीएफ के अनुसार अरशद के खिलाफ शामली के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनरपुर, बेहट , पानीपत में हत्या, लूट, डकैती के 17 मामले दर्ज हैं। जांच में पता चला है कि वह मुकीम काला और मुस्तफा उर्फ कग्गा गैंग को संभाल रहा था। लगातार युवाओं को गिरोह में जोड़कर चंद दिनों में अमीर बनने का सपना दिखाकर वारदात को अंजाम दिला रहा था।
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हरियाणा में यूपी के बदमाश और यूपी में हरियाणा के बदमाशों को टारगेट देता था। वारदात के लिए गिरोह के सदस्यों के क्षेत्र भी आपस में बांटे हुए थे। पंजाब के लुधियाना में भी गिरोह ने लूट की वारदात की थी। अन्य राज्यों में भी अरशद दोनों गिरोह का वर्चस्व फैलाना चाहता था। एसटीएफ एसपी बृजेश कुमार का कहना है कि गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही फरार आरोपी भी पकड़ में होंगे। संवाद
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व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम का प्रयोग कर रहे थे गिरोह के सदस्य
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि पुलिस पकड़ में नहीं आ सके, इसके लिए गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम का प्रयोग कर रहे थे। यही नहीं एक दूसरे से बात में सोशल साइटों का ही प्रयोग करते थे।
कग्गा गैंग के बारे जानिए...
सहारनपुर के बढ़ी माजरा गांव के मुस्तफा उर्फ कग्गा का अपराध की दुनिया में बोलबाला था। मुस्तफा गैंग में ही मुकीम काला ने एंट्री की और उसका राइटहैंड बन गया। पुलिस पर हमला करने के कारण पुलिस से भी उसकी दुश्मनी हो गई थी। झिंझाना की बिड़ौली पुलिस चौकी पर मुस्तफा ने एक सिपाही की गोली से भूनकर हत्या कर दी थी। उस वक्त मुकीम काला, कग्गा गैंग का शूटर बन चुका था। इसके बाद वर्ष 2011 में सहारनपुर पुलिस ने मुस्तफा को एनकाउंटर में मार गिराया। इसके बाद मुकीम काला ने गैंग की कमान संभाली। पिछले कुछ समय से दोनों गैंग को अरशद ही संभाल रहा था।
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