{"_id":"5d70058c8ebc3e93ca6f6d6f","slug":"apprehended-checking-in-trains-as-fake-tt-shamli-news-mrt4416440179","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी टीटी बनकर ट्रेनों में चेकिंग करने का भंडाफोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी टीटी बनकर ट्रेनों में चेकिंग करने का भंडाफोड़
विज्ञापन
शामली जीआरपी थाने में फर्जी टीईटी के बारे में जानकारी देते थानाप्रभारी
- फोटो : SHAMLI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। दिल्ली से हरिद्वार जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में फर्जी टीटी बनकर चेकिंग कर रहे शातिर पर शक होने पर कुछ यात्रियों ने उसे पकड़कर जीआरपी को सौंप दिया । पूछताछ में पता चला कि शातिर सहारनपुर के सरसावा क्षेत्र का रहने वाला है। उसके पास से सीआईडी का फर्जी आईकार्ड भी बरामद हुआ है। यात्री की तहरीर पर पुलिस ने धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसका चालान कर दिया।
मंगलवार दोपहर दिल्ली से हरिद्वार जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में एक युवक टीटी बनकर यात्रियों के टिकट चेक कर रहा था। चेकिंग के नाम पर वो यात्रियों पर रौब गालिब कर रहा था। उसे देख कुछ दैनिक यात्रियों को शक हुआ। इस रूट पर पैसेंजर ट्रेन में टीटी बहुत कम ही चलते हैं। ऐसे में यात्रियों का संदेह बढ़ गया। एक दो यात्रियों ने उसके डिवीजन के बारे में पूछा तो वो जवाब नहीं दे सका। वो घबरा गया और वहां से खिसकने लगा । यात्रियों ने उसे पकड़ लिया और शामली स्टेशन आने पर उसे जीआरपी पुलिस के हवाले कर दिया ।
शामली रेलवे स्टेशन के जीआरपी थानाध्यक्ष अभिनव प्रताप सिंह के अनुसार युवक की तलाशी लेने पर सीआईडी का फर्जी आईकार्ड मिला, जो हर्ष राठौड़ के नाम का था। रैंक की जगह अंडर कवर एजेंट लिखा था। पूछताछ में उसने अपना नाम कार्तिक कुमार निवासी सरगथल थाना सरसावा जिला सहारनपुर बताया। इंस्पेक्टर जीआरपी ने बताया कि सहारनपुर निवासी रवि कुमार की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसका चालान कर दिया गया है।
विज्ञापन
--------------
इंटर पास मगर आईटी एक्सपर्ट
शामली। जीआरपी थानाध्यक्ष के अनुसार कार्तिक करीब 20-22 साल का है और केवल इंटर तक पढ़ा है। उससे बरामद आईकार्ड के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि ये कार्ड उसने खुद बनाया है। यकीन नहीं हुआ तो उसने खुद मोबाइल में इसे बनाकर दिखाया। इंस्पेक्टर के अनुसार उसने गूगल से एक एप डाउनलोड किया है। उसी की मदद से इसे तैयार किया है।
---------------
हुलिया ऐसा कि हर कोई टीटी समझे
पकड़े गए शातिर ने बिल्कुल टीटी की तरह ही ड्रेस पहनी थी। टाई भी लगाई हुई थी। देखने में बिल्कुल टीटी ही लग रहा था उसे देख हर कोई यकीन भी कर लेता। कुछ यात्रियों का कहना था कि फर्जी टीटी बनकर चेकिंग के नाम पर बिना टिकट लोगों से वसूली की जाती होगी। हालांकि जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि युवक ने बताया कि उसने पहली बार ऐसा किया है।
विज्ञापन
मंगलवार दोपहर दिल्ली से हरिद्वार जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में एक युवक टीटी बनकर यात्रियों के टिकट चेक कर रहा था। चेकिंग के नाम पर वो यात्रियों पर रौब गालिब कर रहा था। उसे देख कुछ दैनिक यात्रियों को शक हुआ। इस रूट पर पैसेंजर ट्रेन में टीटी बहुत कम ही चलते हैं। ऐसे में यात्रियों का संदेह बढ़ गया। एक दो यात्रियों ने उसके डिवीजन के बारे में पूछा तो वो जवाब नहीं दे सका। वो घबरा गया और वहां से खिसकने लगा । यात्रियों ने उसे पकड़ लिया और शामली स्टेशन आने पर उसे जीआरपी पुलिस के हवाले कर दिया ।
विज्ञापन
शामली रेलवे स्टेशन के जीआरपी थानाध्यक्ष अभिनव प्रताप सिंह के अनुसार युवक की तलाशी लेने पर सीआईडी का फर्जी आईकार्ड मिला, जो हर्ष राठौड़ के नाम का था। रैंक की जगह अंडर कवर एजेंट लिखा था। पूछताछ में उसने अपना नाम कार्तिक कुमार निवासी सरगथल थाना सरसावा जिला सहारनपुर बताया। इंस्पेक्टर जीआरपी ने बताया कि सहारनपुर निवासी रवि कुमार की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसका चालान कर दिया गया है।
विज्ञापन
--------------
इंटर पास मगर आईटी एक्सपर्ट
शामली। जीआरपी थानाध्यक्ष के अनुसार कार्तिक करीब 20-22 साल का है और केवल इंटर तक पढ़ा है। उससे बरामद आईकार्ड के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि ये कार्ड उसने खुद बनाया है। यकीन नहीं हुआ तो उसने खुद मोबाइल में इसे बनाकर दिखाया। इंस्पेक्टर के अनुसार उसने गूगल से एक एप डाउनलोड किया है। उसी की मदद से इसे तैयार किया है।
---------------
हुलिया ऐसा कि हर कोई टीटी समझे
पकड़े गए शातिर ने बिल्कुल टीटी की तरह ही ड्रेस पहनी थी। टाई भी लगाई हुई थी। देखने में बिल्कुल टीटी ही लग रहा था उसे देख हर कोई यकीन भी कर लेता। कुछ यात्रियों का कहना था कि फर्जी टीटी बनकर चेकिंग के नाम पर बिना टिकट लोगों से वसूली की जाती होगी। हालांकि जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि युवक ने बताया कि उसने पहली बार ऐसा किया है।