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सूबरी के ग्रामीणों ने प्रधान और सचिव पर अपात्रों के चयन का आरोप लगाया
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Thu, 20 Oct 2016 04:33 PM IST
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- फोटो : ब्यूरो
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शामली। ऊन तहसील क्षेत्र के सूबरी के ग्रामीणों ने डीएम से मिलकर प्रधान और सचिव पर लोहिया आवास योजना में अपात्र लोगों का चयन करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की।
बुधवार को सूबरी गांव के संजय कुमार, ताराचंद सैनी, मुल्कराज सैनी, अतर सिंह, बुंदा हसन शमीम, विनोद सैनी, वीर सिंह सैनी, आस मौहम्मद समेत ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान- सचिव ने वर्ष 2016-17 में 50-60 हजार रुपये वसूलकर लोहिया आवास में चयन करके अपात्र लोगों के प्रस्ताव भेज रहे हैं। ज्यादातर पहले भेजे गए प्रस्तावों में पूर्व लोगों के पहले से मकान बने हुए है।
गांव की रंजिता व बीना के पूर्व में पक्के मकान बने है। लोहिया आवास का आवेदन करने वालों में रंजिता के यहां उलहैनी गांव में प्राइवेट स्कूल भी है। गत 30 सितंबर को इस मामले में छह डीएम से शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद आज तक जांच तक नहीं हुई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कराकर अपात्र लोगों के मकान सूची से निरस्त किए जाने की मांग की है। अधिकारियों ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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बुधवार को सूबरी गांव के संजय कुमार, ताराचंद सैनी, मुल्कराज सैनी, अतर सिंह, बुंदा हसन शमीम, विनोद सैनी, वीर सिंह सैनी, आस मौहम्मद समेत ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान- सचिव ने वर्ष 2016-17 में 50-60 हजार रुपये वसूलकर लोहिया आवास में चयन करके अपात्र लोगों के प्रस्ताव भेज रहे हैं। ज्यादातर पहले भेजे गए प्रस्तावों में पूर्व लोगों के पहले से मकान बने हुए है।
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गांव की रंजिता व बीना के पूर्व में पक्के मकान बने है। लोहिया आवास का आवेदन करने वालों में रंजिता के यहां उलहैनी गांव में प्राइवेट स्कूल भी है। गत 30 सितंबर को इस मामले में छह डीएम से शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद आज तक जांच तक नहीं हुई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कराकर अपात्र लोगों के मकान सूची से निरस्त किए जाने की मांग की है। अधिकारियों ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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