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जिले में और जहरीली हुई हवा, एक्यूआई 257 पर पहुंचा
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शामली में मास्क लगा कर पढाई करती छात्राएं।
- फोटो : SHAMLI
शामली। जनपद में हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। पिछले आठ दिन से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 257 पर पहुंच गया है। प्रदूषण से बचने के लिए आम जन के साथ छात्र-छात्राएं और यहां तक कि डाक्टर भी मास्क लगाए हुए मिले। शुक्रवार सुबह और शाम को स्मॉग की चादर तनी रही। दोपहर में धूप खिलने से लोगों को राहत को मिली, लेकिन वायु प्रदूषण का खतरा लगातार बना रहा।
एनसीआर में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। हवा जहरीली होने के कारण सांस के साथ वायु प्रदूषण के कण लोगों के शरीर में पहुंच रहे है जो स्वास्थ्य को बिगाड़ सकते है। इस खतरे से बचने के लिए लोग मास्क लगाकर सड़कों पर जाते हुए दिखाई दे रहे है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के मुताबिक आठ नवंबर को जनपद में वायु प्रदूषण का स्तर यानि एक्यूआई 186 था। इसके बाद से यह रोजाना बढ़ रहा है। इसके चलते शुक्रवार को एक्यूआई 257 पर पहुंच गया है। साफ है कि जनपद की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। इसके चलते वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। सुबह को बच्चे धुंध के बीच जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद पूर्वाह्न करीब 11 बजे धूप खिल गई। इससे मौसम में थोड़ी गरमाहट भी आई। मौसम विभाग के मुताबिक दिन के तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होकर 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जबकि रात के तापमान में दो डिग्री की गिरावट आकर 15 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। धूप खिलने से लोगों को लगा कि स्मॉग का खतरा टल गया है, लेकिन अपराह्न तीन बजे के बाद फिर से आसमान में स्मॉग की चादर तन गई। शाम होने से पहले ही अंधेरा सा छाने लगा था। स्मॉग के कारण बाजार में शाम से ही सूनापन छा गया। लोग जल्दी ही घर की तरफ जाते हुए दिखाई दिए।
सीएचसी के डाक्टर अनुपम सक्सेना ने बताया कि स्मॉग से बच्चों से लेकर हर उम्र के लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है। सांस, हृदय रोगी और बड़ी उम्र के लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है। ऐसे लोगों को बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए।
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फिजिशियन डाक्टर रविंद्र तोमर का कहना है कि स्मॉग का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इससे आंखों में जलन की समस्या बनती है। प्रदूषित कण सांस के साथ शरीर के आंतरिक अंगों को प्रभावित करते है। सबसे ज्यादा फेफड़ों पर असर पड़ता है। इससे बचने के लिए मास्क लगाना चाहिए।
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जनपद शामली में वायु प्रदूषण बढ़ा है। शुक्रवार को एक्यूआई 257 रहा है। हवा न चलने से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। हवा चलने पर वायु प्रदूषण कम हो जाएगा। अगर बारिश हो जाती है तो यह खत्म हो जाएगा। अभी जनपद में हवा स्थिर चल रही है। - डीसी पांडे, सहायक वैज्ञानिक अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण विभाग।
-- तिथि ------ एक्यूआई
8 नवंबर 186
10 नवंबर 203
11 नवंबर 224
13 नवंबर 231
14 नवंबर 238
15 नवंबर 257
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एनसीआर में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। हवा जहरीली होने के कारण सांस के साथ वायु प्रदूषण के कण लोगों के शरीर में पहुंच रहे है जो स्वास्थ्य को बिगाड़ सकते है। इस खतरे से बचने के लिए लोग मास्क लगाकर सड़कों पर जाते हुए दिखाई दे रहे है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के मुताबिक आठ नवंबर को जनपद में वायु प्रदूषण का स्तर यानि एक्यूआई 186 था। इसके बाद से यह रोजाना बढ़ रहा है। इसके चलते शुक्रवार को एक्यूआई 257 पर पहुंच गया है। साफ है कि जनपद की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। इसके चलते वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। सुबह को बच्चे धुंध के बीच जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद पूर्वाह्न करीब 11 बजे धूप खिल गई। इससे मौसम में थोड़ी गरमाहट भी आई। मौसम विभाग के मुताबिक दिन के तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होकर 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जबकि रात के तापमान में दो डिग्री की गिरावट आकर 15 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। धूप खिलने से लोगों को लगा कि स्मॉग का खतरा टल गया है, लेकिन अपराह्न तीन बजे के बाद फिर से आसमान में स्मॉग की चादर तन गई। शाम होने से पहले ही अंधेरा सा छाने लगा था। स्मॉग के कारण बाजार में शाम से ही सूनापन छा गया। लोग जल्दी ही घर की तरफ जाते हुए दिखाई दिए।
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सीएचसी के डाक्टर अनुपम सक्सेना ने बताया कि स्मॉग से बच्चों से लेकर हर उम्र के लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है। सांस, हृदय रोगी और बड़ी उम्र के लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है। ऐसे लोगों को बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए।
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फिजिशियन डाक्टर रविंद्र तोमर का कहना है कि स्मॉग का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इससे आंखों में जलन की समस्या बनती है। प्रदूषित कण सांस के साथ शरीर के आंतरिक अंगों को प्रभावित करते है। सबसे ज्यादा फेफड़ों पर असर पड़ता है। इससे बचने के लिए मास्क लगाना चाहिए।
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जनपद शामली में वायु प्रदूषण बढ़ा है। शुक्रवार को एक्यूआई 257 रहा है। हवा न चलने से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। हवा चलने पर वायु प्रदूषण कम हो जाएगा। अगर बारिश हो जाती है तो यह खत्म हो जाएगा। अभी जनपद में हवा स्थिर चल रही है। - डीसी पांडे, सहायक वैज्ञानिक अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण विभाग।
-- तिथि ------ एक्यूआई
8 नवंबर 186
10 नवंबर 203
11 नवंबर 224
13 नवंबर 231
14 नवंबर 238
15 नवंबर 257