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Shamli News: दो करोड़ की धनराशि हुई वापस, कैसे शुरू हो भैंसवाल स्टेडियम का निर्माण
Mon, 25 Nov 2024 03:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 25 Nov 2024 03:05 AM IST
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शामली। दो करोड़ की धनराशि शासन को वापस जाने के बाद भैंसवाल खेल स्टेडियम का निर्माण कार्य लटक गया है। अब यूपीपीसीएल की ओर से शासन से खेल स्टेडियम के लिए बजट की माग की जा रही है। बजट धनराशि शासन से स्वीकृत होने के बाद खेल स्टेडियम का निर्माण शुरू पाएगा।
भैंसवाल गांव के जंगल में 4.51 हेक्टेयर भूमि में खेल स्टेडियम के लिए चिह्नित की गई थी। खेलो इंडिया योजना के तहत करीब तीन साल पूर्व 45.67 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर प्रदेश सरकार को भेजा गया था। स्टेडियम निर्माण के लिए यूपीसीएल निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया था। निर्माण एजेंसी की ओर से दिल्ली के जवाहर लाल खेल स्टेडियम की तर्ज पर भैंसवाल खेल स्टेडियम का डिजाइन तैयार किया गया।
31 मार्च 2022 को स्टेडियम की स्वीकृति के साथ दस करोड़ के बजट का प्रावधान वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए किया गया था, बाद में भैंसवाल खेल स्टेडियम के 45 कराेड़ के एस्टीमेट की योजना को वित्तीय विभाग से प्रशासनिक एवं वित्तीय और तकनीकी स्वीकृति हो चुकी है। पिछले तीन साल से यूपीपीसीएल के खाते में दो करोड़ रुपये हस्तांतरित हो चुके हैं। पिछले डेढ़ साल से स्टेडियम की भूमि राजस्व विभाग से खेल विभाग को हस्तांतरित करने का मामला तत्कालीन डीएम रविंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के चेयरमैन को भेजा था।
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उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद की संस्तुति के बाद भूमि हस्तातंरण का मामला यूपी कैबिनेट की बैठक में लंबे समय से मंजूरी का इंतजार किया जा रहा था। लंबी प्रतीक्षा के बाद गत 28 जुलाई को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यूपी कैबिनेट की बैठक में भैंसवाल खेल स्टेडियम की भूमि खेल विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी मिल गई है। शासनादेश के बाद स्टेडियम की भूमि राजस्व विभाग से खेल विभाग को हस्तांतरित कर चुका है।
इसके बाद भी निर्माण एजेंसी खेल स्टेडियम का निर्माण शुरू नही कर पाई। यूपीपीसीएल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर मिथुन सिंह का कहना है कि निर्माण के लिए अवमुक्त हुई दो करोड़ की धनराशि शासन को वापस चली गई गई थी। शासन से खेल स्टेडियम के निर्माण के लिए बजट मांगा जा रहा है। शासन से बजट आने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा। डीएम अरविंंद कुमार चौहान का कहना है कि सोमवार को भैसवाल खेल स्टेडियम की पत्रावली मंगाकर अधिकारियों से जानकारी तलब करेंगे।
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भैंसवाल गांव के जंगल में 4.51 हेक्टेयर भूमि में खेल स्टेडियम के लिए चिह्नित की गई थी। खेलो इंडिया योजना के तहत करीब तीन साल पूर्व 45.67 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर प्रदेश सरकार को भेजा गया था। स्टेडियम निर्माण के लिए यूपीसीएल निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया था। निर्माण एजेंसी की ओर से दिल्ली के जवाहर लाल खेल स्टेडियम की तर्ज पर भैंसवाल खेल स्टेडियम का डिजाइन तैयार किया गया।
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31 मार्च 2022 को स्टेडियम की स्वीकृति के साथ दस करोड़ के बजट का प्रावधान वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए किया गया था, बाद में भैंसवाल खेल स्टेडियम के 45 कराेड़ के एस्टीमेट की योजना को वित्तीय विभाग से प्रशासनिक एवं वित्तीय और तकनीकी स्वीकृति हो चुकी है। पिछले तीन साल से यूपीपीसीएल के खाते में दो करोड़ रुपये हस्तांतरित हो चुके हैं। पिछले डेढ़ साल से स्टेडियम की भूमि राजस्व विभाग से खेल विभाग को हस्तांतरित करने का मामला तत्कालीन डीएम रविंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के चेयरमैन को भेजा था।
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उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद की संस्तुति के बाद भूमि हस्तातंरण का मामला यूपी कैबिनेट की बैठक में लंबे समय से मंजूरी का इंतजार किया जा रहा था। लंबी प्रतीक्षा के बाद गत 28 जुलाई को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यूपी कैबिनेट की बैठक में भैंसवाल खेल स्टेडियम की भूमि खेल विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी मिल गई है। शासनादेश के बाद स्टेडियम की भूमि राजस्व विभाग से खेल विभाग को हस्तांतरित कर चुका है।
इसके बाद भी निर्माण एजेंसी खेल स्टेडियम का निर्माण शुरू नही कर पाई। यूपीपीसीएल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर मिथुन सिंह का कहना है कि निर्माण के लिए अवमुक्त हुई दो करोड़ की धनराशि शासन को वापस चली गई गई थी। शासन से खेल स्टेडियम के निर्माण के लिए बजट मांगा जा रहा है। शासन से बजट आने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा। डीएम अरविंंद कुमार चौहान का कहना है कि सोमवार को भैसवाल खेल स्टेडियम की पत्रावली मंगाकर अधिकारियों से जानकारी तलब करेंगे।

राम प्रकाश।