Amar Ujala Exclusive: लग्जरी गाड़ी व चार मंजिला इमारत वाले ले रहे राशन, सर्वे में हुए चौंकाने वाले खुलासे
Amar Ujala Exclusive : शामली में सर्वे रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिले में चार मंजिला और लग्जरी गाड़ी वाले भी राशन ले रहे हैं। अमर उजाला की यह खास रिपोर्ट पढ़िए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भले ही आपूर्ति विभाग अभियान चलाकर लोगों के कार्ड बना रहा हो, मगर अमीर लोग भी राशन कार्ड बनवाकर राशन का लाभ ले रहे हैं। चार मंजिला मकान से लेकर अच्छा खासा कारोबार होने के बावजूद राशन कार्ड बनवा लिए गए और खुद को गरीबी रेखा से नीचे दिखाते हुए राशन का लाभ लिया जा रहा है। शामली में आपूर्ति विभाग ने जिलेभर में सर्वे कराया तो ऐसे लोगों के नाम सामने आए। स्थानीय अधिकारी और कोटेदार की संस्तुति पर अब ऐसे चिह्नित किए गए 214 लोगों के कार्ड निरस्त करने की तैयारी है।
उधर, पात्र लोग राशन कार्ड बनवाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। पीड़ित ने अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है। इस तरह के मामलों की बानगी।
केस-1
कैराना के रहने वाले राज की रेडिमेट की दुकान है, मगर पिछले काफी समय से वह राशन ले रहा है। पता चलने के बाद आपूर्ति विभाग ने राज का राशन कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
केस-2
कांधला के रहने वाले श्रीनिवास के पास चार पहिया वाहन है। इसके बावजूद राशन कार्ड का लाभ लिया जा रहा था।
केस-3
शामली के रहने वाले सोनू के नाम तीन चौपहिया वाहन के अलावा आलीशान बंगला है और 30 बीघा जमीन भी है। इसके बावजूद राशन कार्ड का लाभ लिया जा रहा था।
इनके अलावा कई ऐसे भी लोग हैं, जिनके पास ट्रैक्टर के अलावा 20 से लेकर 35 बीघा तक जमीन है। कुछ मृतकों के नाम से भी राशन कार्ड का लाभ ले रहे थे। जांच में एक सदस्य के दो जगह राशन कार्ड भी मिले हैं।
विभागीय कर्मचारियों का फंसना भी तय
अब सवाल यह उठता है कि जब लोग पात्र ही नहीं थे तो फिर उनका राशन कार्ड कैसे बनाया गया। माना जा रहा है कि इस खेल में विभागीय कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। इसकी जांच विभागीय अधिकारियों ने शुरू करा दी है। सही से जांच होती है तो कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है।
हजारों की संख्या में मिलेंगे अपात्र
विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि जिले में ठीक से सर्वे कराया जाए तो शामली के अलावा थानाभवन, कैराना, कांधला, जलालाबाद, बाबरी, झिंझाना क्षेत्र में हजारों की संख्या में अपात्र लोग मिलेंगे, जो राशन कार्ड का लाभ ले रहे हैं।
ये काट रहे चक्कर
केस-1
अंबहेटा याकूबपुर की रहने वाले शाहिबा ने बताया कि पिछले करीब एक माह से वह राशन कार्ड के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही है, मगर उसका राशन कार्ड नहीं बनाया जा रहा। वह ऑनलाइन प्रक्रिया भी पूरा करा चुकी है।
केस-2
शामली के रहने वाले रोहित का कहना है कि राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार आवेदन किया, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
केस-3
डीएम रविंद्र सिंह से एक बुजुर्ग तीन दिन पहले ही मिले। बताया कि दो माह से राशन कार्ड के लिए चक्कर लगा रहे हैं, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही। डीएम ने आपूर्ति अधिकारी को तुरंत जांच कर कार्ड बनाने का आदेश दिया।
कौन लोग हैं हकदार
गरीबी रेखा में ऐसे ही व्यक्ति रखें गए हैं, जिनकी कमाई 180 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से है। महंगाई के कारण ये लोग जीवन बसर करने में असमर्थ है। ऐसे में योजनाओं का लाभ इन लोगों को मिलना चाहिए। इसमें बुजुर्ग, अक्षम महिलाएं सहित अन्य वर्गों से लोग लाभ ले सकते हैं।
जिले में कुल दो लाख 40 हजार राशनकार्ड धारक हैं।
जिले में 14 हजार 765 लोगों के अंतोदय कार्ड बने हुए हैं।
अपात्रों के सत्यापन के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। गलत कार्ड बनाने वालों का राशन कार्ड निरस्त कराया जाएगा। पात्र को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। - अंकुर यादव, जिलापूर्ति अधिकारी शामली
ई-वेइंग मशीनों के जरिये राशन वितरण की व्यवस्था में होगा सुधार
राशन वितरण में अब कोटेदार धांधली नहीं कर सकेंगे। जल्द ही जिले को ई-पॉश मशीनें मिल जाएंगी, जिन्हें बाद में ई-वेइंग मशीनों से संबंध कराते हुए व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाएगा।
यह भी पढ़ें: BKU: सिसौली के प्रस्ताव पर चंडीगढ़ में मुहर, 26 को हरिद्वार से दिल्ली तक हाईवे पर ट्रैक्टर खड़े करेंगे किसान
दरअसल, राशन दुकानों पर वितरण के दौरान घटतौली व राशन न दिए जाने की शिकायतें अक्सर आती थीं। ऐसे में शासन ने ई-वेइंग मशीन की व्यवस्था से राशन वितरण कराए जाने की तैयारी शुरू की है। पहले चरण में इस वितरण को लेकर ई-पॉश मशीनों को मुहैया कराया गया है। इसके बाद वेइंग मशीनें आएंगी, जिन्हें आपस में ब्लूटूथ के माध्यम से संबद्ध किया जाएगा। एक टेक्निकल टीम को इसका ठेका दिया गया है, जो कि प्रत्येक कोटेदार को इसका प्रशिक्षण कराते हुए व्यवस्था का संचालन शुरू कराएगी। जिला आपूर्ति अधिकारी अंकुर यादव का कहना है कि ई-वेइंग मशीनों के जरिये राशन वितरण की व्यवस्था जल्द लागू की जाएगी। इसमें धांधली की संभावना नहीं रहेगी।
यह भी पढ़ें: सनसनीखेज वारदात: सोनीपत के दो बच्चों की हत्या, बागपत में मिले शव, मां और उसके करीबी पर जताया जा रहा शक