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Shamli News: जिला अस्पताल में नवजात शिशु को बदलने का आरोप, हंगामा
Thu, 14 May 2026 12:46 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 14 May 2026 12:46 AM IST
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शामली। जिला अस्पताल में डिलीवरी के बाद नवजात शिशु को बदलने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा किया। मौके पर आए सीएमएस के समझाने पर परिजन संतुष्ट हुए। सीएमएस ने कहा कि अगर उन्हें इसके बाद भी कोई शक हो तो वे डीएनए जांच कराने को तैयार हैं।
गांव मादलपुर निवासी गर्भवती महिला रेखा को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शाम को महिला का ऑपरेशन से प्रसव हुआ। प्रसव के बाद वार्ड आया नवजात शिशु को एसएनसीयू में लेकर जा रही थी। बताया गया कि कि रास्ते में परिवार की महिला ने उससे पूछा कि लड़का है या लड़की। उसने कोई जवाब नहीं दिया। इससे परिजनों को शंका हुई। बाद में उन्हें बताया गया कि लड़की पैदा हुई है।
बृहस्पतिवार को महिला का पति व अन्य परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर नवजात शिशु को बदलने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। परिजनों ने सीएमएस से इस मामले की शिकायत की। सीएमएस ने चिकित्सक व स्टाफ से मामले की जानकारी ली। इसके बाद परिजनों को बताया कि मंगलवार को एक ही डिलीवरी हुई है। इसलिए नवजात शिशु को बदलने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि वार्ड आया या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लड़का या लड़की पैदा होने के बारे में जानकारी नहीं दे सकते है। सीएमएस ने परिजनों से कहा कि अगर इसके बाद भी उन्हें कोई शंका हो तो वे बच्ची और उसके परिजनों की डीएनए जांच करा देंगे। इसके बाद परिजन संतुष्ट हुए। सीएमएस ने बताया कि महिला को डिलीवरी के तुरंत बाद ही बेटी पैदा होने की जानकारी चिकित्सक व स्टाफ ने दे दी थी।
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गांव मादलपुर निवासी गर्भवती महिला रेखा को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शाम को महिला का ऑपरेशन से प्रसव हुआ। प्रसव के बाद वार्ड आया नवजात शिशु को एसएनसीयू में लेकर जा रही थी। बताया गया कि कि रास्ते में परिवार की महिला ने उससे पूछा कि लड़का है या लड़की। उसने कोई जवाब नहीं दिया। इससे परिजनों को शंका हुई। बाद में उन्हें बताया गया कि लड़की पैदा हुई है।
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बृहस्पतिवार को महिला का पति व अन्य परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर नवजात शिशु को बदलने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। परिजनों ने सीएमएस से इस मामले की शिकायत की। सीएमएस ने चिकित्सक व स्टाफ से मामले की जानकारी ली। इसके बाद परिजनों को बताया कि मंगलवार को एक ही डिलीवरी हुई है। इसलिए नवजात शिशु को बदलने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि वार्ड आया या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लड़का या लड़की पैदा होने के बारे में जानकारी नहीं दे सकते है। सीएमएस ने परिजनों से कहा कि अगर इसके बाद भी उन्हें कोई शंका हो तो वे बच्ची और उसके परिजनों की डीएनए जांच करा देंगे। इसके बाद परिजन संतुष्ट हुए। सीएमएस ने बताया कि महिला को डिलीवरी के तुरंत बाद ही बेटी पैदा होने की जानकारी चिकित्सक व स्टाफ ने दे दी थी।
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