{"_id":"6a243ec3b6762aa4160ea004","slug":"allegation-of-demanding-bribe-in-the-name-of-providing-housing-complaint-to-the-chief-minister-shamli-news-c-44-1-smrt1055-112598-2026-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: आवास दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप, मुख्यमंत्री से शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: आवास दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप, मुख्यमंत्री से शिकायत
Sat, 06 Jun 2026 09:07 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 06 Jun 2026 09:07 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। कस्बे के मोहल्ला धर्मपुरा निवासी युवक ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ दिलाने के नाम पर लेखपाल पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की है। मामले की जांच कर कार्रवाई और योजना का लाभ दिलाने की मांग की गई है।
धर्मपुरा निवासी नदीम ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि उसने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन की जांच के दौरान संबंधित लेखपाल ने उससे पांच हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर उसके आवास का आवेदन निरस्त करा दिया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 4 जून की रात लेखपाल ने फोन कर कहा कि पांच हजार रुपये नहीं देने के कारण आवेदन निरस्त कराया गया है। अब योजना का लाभ लेने के लिए दस हजार रुपये देने होंगे। नदीम ने स्वयं को मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाला गरीब व्यक्ति बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
सरधना। कस्बे के मोहल्ला धर्मपुरा निवासी युवक ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ दिलाने के नाम पर लेखपाल पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की है। मामले की जांच कर कार्रवाई और योजना का लाभ दिलाने की मांग की गई है।
धर्मपुरा निवासी नदीम ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि उसने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन की जांच के दौरान संबंधित लेखपाल ने उससे पांच हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर उसके आवास का आवेदन निरस्त करा दिया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 4 जून की रात लेखपाल ने फोन कर कहा कि पांच हजार रुपये नहीं देने के कारण आवेदन निरस्त कराया गया है। अब योजना का लाभ लेने के लिए दस हजार रुपये देने होंगे। नदीम ने स्वयं को मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाला गरीब व्यक्ति बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन