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Shamli News: बारिश के बाद छलका किसानों का दर्द, सरसों, गेहूं की फसलों जमीन पर बिछी
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली/ चौसाना। बेमौसम बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। दो दिन में 35 मिमी बारिश हुई है। सर्दियों में सरसों, गेहूं व अन्य रबी की फसलों को फायदा हुआ था। चैत्र मास में हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खेतों में पानी भरने से फसल जमीन पर बिछ गई। किसानों का कहना है कि इससे रिकवरी पर असर पड़ेगा।
चौसाना में रविवार और सोमवार को हुई बारिश से किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। क्षेत्र के गांवों में अधिकतर किसान गेहूं और सरसों की फसल उगाते हैं। जो बारिश के कारण जमीन पर बिछ गई। किसानों का कहना है कि सर्दियों के कारण फसल अच्छी होने की उम्मीद थी, लेकिन चैत्र मास में बेमौसम बारिश की वजह से गेहूं की बालियों में दाने का वजन कम होगा। सरसों के दाने दोबारा से अंकुरित हो गए है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष प्रकृति की ज्यादा मार झेलनी पड़ रही है।
गढ़ी हसनपुर निवासी शिवकुमार का कहना है कि सरसों की फसल खेत में गिरकर दोबारा से अंकुरित होने लगी है। 25 बीघा सरसों की फसल से काफी उम्मीदें थी, लेकिन प्रकृति की मार ने भारी नुकसान पहुंचाया। बिल्लू गढ़ी हसनपुर का कहना है कि 80 बीघा गेहूं की फसल बोई थी। सर्दियों का मौसम अच्छा बीतने के बाद काफी फायदा हो सकता था। अब बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया। जिससे फसल खराब हो गई। महेंद्र पठानपुरा का कहना है कि 65 बीघा गेहूं की फसल को बोई थी। लेकिन बेमौसम बारिश के कारण पूरी फसल बिछ गई। लागत भी पूरी नहीं हो पाएगी।
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बेमौसम बरसात से किसानों की चिंता बढ़ी
ऊन। तेज हवाओं के साथ बारिश से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसानों की गेहूं की फसल पकने के लिए तैयार है। ऐसे में तेज बारिश होने से कटी हुई सरसों की फसलों के साथ गेहूं की खड़ी फसल बिछने से किसान को नुकसान होगा। किसानों का कहना है कि अभी गेहूं की फसल पूरी तरह से पकी नहीं है। फसल गिर जाने के बाद दाना सूख जाएगा। इससे दाने का रंग काला पड़ने की आशंका है। बारिश से गन्ने की छिलाई व गन्ने की बुआई भी प्रभावित हो गई है। बारिश के साथ हवा चलने से मौसम में भी ठंडक बन गई हैं।
खेतों में पानी भरने से सब्जी गलने का खतरा
थानाभवन। बारिश से सब्जी उत्पादक किसानों को फसल बर्बादी का खतरा सता रहा है। तेज हवाओं के कारण गेहूं व सरसों की फसल खेतों में बिछ गई है। आम के पेड़ों से बौर झड़ गया है।
बेमौसम बारिश से गेहूं व सरसों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। टमाटर, बंद गोभी, बैंगन आदि फसलों के खराब होने का डर किसानों को सता रहा है। किसान सुरेश ने बताया खेतों में पानी भरा है। तेज धूप निकले तो सब्जी का बचाव हो सकता है। वतन सैनी ने बताया गेहूं और सरसों की फसल अधिकतर बिछ गई है। गेहूं में बाल पड़ गई है। सरसों में नमी आने के कारण खराब हो जाएगी, दोनों ही फसलों में किसानों को बड़ा नुकसान है।
किसानों को किया जागरुक
थानाभवन। नशा मुक्त मानव और विष मुक्त खेती के उद्देश्य को लेकर भारतीय किसान संघ की बैठक गांव ख्यावड़ी में ठाकुर कृपाल सिंह के घेर में हुई। अध्यक्षता जिला बीज प्रमुख रामवीर चौधरी और संचालन विजय सिंह ने किया। बैठक में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम मौर्य ने कहा भारतीय किसान संघ वर्तमान परिस्थितियों में दिन प्रतिदिन हृदय गति रुक जाने, मधुमेह कैंसर, क्षय रोग आदि से युवाओं की मौत होने से चिंतित है। जैविक भोजन ही दीर्घायु देता है पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ही नहीं पूरे राष्ट्र में जैविक कृषि के लिए किसानों की संख्या को बढ़ाया जा रहा है। विभाग संगठन मंत्री रामपाल सिंह ने कहा भारतीय किसान संघ संघर्ष के साथ-साथ रचनात्मक कार्य भी कर रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए किसान जैविक खेती करके देश को शक्तिशाली युवा दे सकते हैं। जैविक खेती के लिए किसान संघ गांव-गांव जाकर किसानों को जागृत कर रहा है। सभा में रविंद्र पाल, मोहित, पीतम, सत्यपाल, महिपाल, रविंद्रपाल, सुरेंद्र पंडित, महक सिंह, सोमपाल, सोनू, कुशलपाल, विक्की सैनी आदि किसान उपस्थित रहे।
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शामली/ चौसाना। बेमौसम बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। दो दिन में 35 मिमी बारिश हुई है। सर्दियों में सरसों, गेहूं व अन्य रबी की फसलों को फायदा हुआ था। चैत्र मास में हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खेतों में पानी भरने से फसल जमीन पर बिछ गई। किसानों का कहना है कि इससे रिकवरी पर असर पड़ेगा।
चौसाना में रविवार और सोमवार को हुई बारिश से किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। क्षेत्र के गांवों में अधिकतर किसान गेहूं और सरसों की फसल उगाते हैं। जो बारिश के कारण जमीन पर बिछ गई। किसानों का कहना है कि सर्दियों के कारण फसल अच्छी होने की उम्मीद थी, लेकिन चैत्र मास में बेमौसम बारिश की वजह से गेहूं की बालियों में दाने का वजन कम होगा। सरसों के दाने दोबारा से अंकुरित हो गए है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष प्रकृति की ज्यादा मार झेलनी पड़ रही है।
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गढ़ी हसनपुर निवासी शिवकुमार का कहना है कि सरसों की फसल खेत में गिरकर दोबारा से अंकुरित होने लगी है। 25 बीघा सरसों की फसल से काफी उम्मीदें थी, लेकिन प्रकृति की मार ने भारी नुकसान पहुंचाया। बिल्लू गढ़ी हसनपुर का कहना है कि 80 बीघा गेहूं की फसल बोई थी। सर्दियों का मौसम अच्छा बीतने के बाद काफी फायदा हो सकता था। अब बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया। जिससे फसल खराब हो गई। महेंद्र पठानपुरा का कहना है कि 65 बीघा गेहूं की फसल को बोई थी। लेकिन बेमौसम बारिश के कारण पूरी फसल बिछ गई। लागत भी पूरी नहीं हो पाएगी।
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बेमौसम बरसात से किसानों की चिंता बढ़ी
ऊन। तेज हवाओं के साथ बारिश से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसानों की गेहूं की फसल पकने के लिए तैयार है। ऐसे में तेज बारिश होने से कटी हुई सरसों की फसलों के साथ गेहूं की खड़ी फसल बिछने से किसान को नुकसान होगा। किसानों का कहना है कि अभी गेहूं की फसल पूरी तरह से पकी नहीं है। फसल गिर जाने के बाद दाना सूख जाएगा। इससे दाने का रंग काला पड़ने की आशंका है। बारिश से गन्ने की छिलाई व गन्ने की बुआई भी प्रभावित हो गई है। बारिश के साथ हवा चलने से मौसम में भी ठंडक बन गई हैं।
खेतों में पानी भरने से सब्जी गलने का खतरा
थानाभवन। बारिश से सब्जी उत्पादक किसानों को फसल बर्बादी का खतरा सता रहा है। तेज हवाओं के कारण गेहूं व सरसों की फसल खेतों में बिछ गई है। आम के पेड़ों से बौर झड़ गया है।
बेमौसम बारिश से गेहूं व सरसों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। टमाटर, बंद गोभी, बैंगन आदि फसलों के खराब होने का डर किसानों को सता रहा है। किसान सुरेश ने बताया खेतों में पानी भरा है। तेज धूप निकले तो सब्जी का बचाव हो सकता है। वतन सैनी ने बताया गेहूं और सरसों की फसल अधिकतर बिछ गई है। गेहूं में बाल पड़ गई है। सरसों में नमी आने के कारण खराब हो जाएगी, दोनों ही फसलों में किसानों को बड़ा नुकसान है।
किसानों को किया जागरुक
थानाभवन। नशा मुक्त मानव और विष मुक्त खेती के उद्देश्य को लेकर भारतीय किसान संघ की बैठक गांव ख्यावड़ी में ठाकुर कृपाल सिंह के घेर में हुई। अध्यक्षता जिला बीज प्रमुख रामवीर चौधरी और संचालन विजय सिंह ने किया। बैठक में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम मौर्य ने कहा भारतीय किसान संघ वर्तमान परिस्थितियों में दिन प्रतिदिन हृदय गति रुक जाने, मधुमेह कैंसर, क्षय रोग आदि से युवाओं की मौत होने से चिंतित है। जैविक भोजन ही दीर्घायु देता है पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ही नहीं पूरे राष्ट्र में जैविक कृषि के लिए किसानों की संख्या को बढ़ाया जा रहा है। विभाग संगठन मंत्री रामपाल सिंह ने कहा भारतीय किसान संघ संघर्ष के साथ-साथ रचनात्मक कार्य भी कर रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए किसान जैविक खेती करके देश को शक्तिशाली युवा दे सकते हैं। जैविक खेती के लिए किसान संघ गांव-गांव जाकर किसानों को जागृत कर रहा है। सभा में रविंद्र पाल, मोहित, पीतम, सत्यपाल, महिपाल, रविंद्रपाल, सुरेंद्र पंडित, महक सिंह, सोमपाल, सोनू, कुशलपाल, विक्की सैनी आदि किसान उपस्थित रहे।