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Shamli News: हाई कोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का धरना-प्रदर्शन
Sun, 03 Sep 2023 12:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 03 Sep 2023 12:26 AM IST
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कैराना। वर्षों से चली आ रही हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने कलम बंद हड़ताल की। अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया और रजिस्ट्री कार्यालय को बंद कराकर वहीं धरने पर बैठ गए। बाद में अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा।
शनिवार को केंद्रीय संघर्ष समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने कलम बंद हड़ताल रखी। बाद में अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए रजिस्ट्री कार्यालय के पास पहुंचे। अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय बंद कराया और वहीं दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। अधिवक्ताओं की मांग थी कि सरकार गरीबों को सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसी उपयुक्त जगह पर हाईकोर्ट बेंच की स्थापना करें ताकि वादी को प्रयागराज ना जाना पड़े।
बाद में अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिलाधिकारी रवींद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, महासचिव आलोक चौहान, कोषाध्यक्ष अनंत चौधरी, शगुन मित्तल, नीरज चौहान, चौधरी नसीम, अशोक कुमार, इंतजार अहमद, मेहरबान कुरैशी, प्रमोद चौहान, जावेद अली आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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डेढ़ सौ साल पुरानी तहसील के जर्जर भवन को ध्वस्त कराने की मांग
फोटो
कैराना। कचहरी और नई तहसील के बीच करीब डेढ़ सौ साल पुराने तहसील भवन को ध्वस्त कराने की मांग करते हुए अधिवक्ताओं ने डीएम को ज्ञापन सौपा।
शनिवार को बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने डीएम रवींद्र सिंह को ज्ञापन देते हुए बताया कि कचहरी और नई तहसील के बीच 1883 में बनाया हुआ पुरानी तहसील का भवन काफी जर्जर हालत में है। उक्त जर्जर भवन के पास से अधिवक्ता व वादकारी गुजरते है। भवन जर्जर होने के कारण कभी भी कोई बडा हादसा हो सकता है। अधिवक्ताओं ने जनहित में पुराने जर्जर भवन को ध्वस्त कराने की मांग की। डीएम ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। संवाद
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शनिवार को केंद्रीय संघर्ष समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने कलम बंद हड़ताल रखी। बाद में अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए रजिस्ट्री कार्यालय के पास पहुंचे। अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय बंद कराया और वहीं दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। अधिवक्ताओं की मांग थी कि सरकार गरीबों को सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसी उपयुक्त जगह पर हाईकोर्ट बेंच की स्थापना करें ताकि वादी को प्रयागराज ना जाना पड़े।
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बाद में अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिलाधिकारी रवींद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, महासचिव आलोक चौहान, कोषाध्यक्ष अनंत चौधरी, शगुन मित्तल, नीरज चौहान, चौधरी नसीम, अशोक कुमार, इंतजार अहमद, मेहरबान कुरैशी, प्रमोद चौहान, जावेद अली आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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डेढ़ सौ साल पुरानी तहसील के जर्जर भवन को ध्वस्त कराने की मांग
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कैराना। कचहरी और नई तहसील के बीच करीब डेढ़ सौ साल पुराने तहसील भवन को ध्वस्त कराने की मांग करते हुए अधिवक्ताओं ने डीएम को ज्ञापन सौपा।
शनिवार को बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने डीएम रवींद्र सिंह को ज्ञापन देते हुए बताया कि कचहरी और नई तहसील के बीच 1883 में बनाया हुआ पुरानी तहसील का भवन काफी जर्जर हालत में है। उक्त जर्जर भवन के पास से अधिवक्ता व वादकारी गुजरते है। भवन जर्जर होने के कारण कभी भी कोई बडा हादसा हो सकता है। अधिवक्ताओं ने जनहित में पुराने जर्जर भवन को ध्वस्त कराने की मांग की। डीएम ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। संवाद