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भुगतान न करने वाली मिलों के खिलाफ होगी कार्रवाई
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शामली। पिछले पेराई सत्र का किसानों का बकाया गन्ना भुगतान न करने पर शासन-प्रशासन ने चीनी मिलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। डीएम जसजीत कौर ने जिले के चीनी मिलों के अफसरों की सप्ताह में दूसरी बैठक बुलाकर बकाया भुगतान की समीक्षा की। बकाया गन्ना भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।
बृहस्पतिवार को डीएम ने जिले के चीनी मिलों के अफसरों की बैठक बुलाकर बकाया गन्ना भुगतान की समीक्षा की। जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने पेराई सत्र 2020-21 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की जानकारी दी। कहा कि शामली चीनी मिल देय गन्ना भुगतान के सापेक्ष 366.46 करोड़ के सापेक्ष 283.25 करोड़ का भुगतान किया है। ऊन चीनी मिल ने 337.10 करोड़ के सापेक्ष 272.67 करोड़ रुपये एवं थानाभवन चीनी मिल 439.40 करोड़ के सापेक्ष 262.28 करोड़ का भुगतान किया है।
उन्होंने बताया कि पिछले सत्र का जिले की चीनी मिलों पर 322 करोड़ रुपये बकाया है। जिनमें 176 करोड़ रुपये थानाभवन चीनी मिल पर, 63 करोड़ रुपये ऊन मिल पर और 83 करोड़ रुपये शामली चीनी मिल पर हैं। ऊन चीनी मिल ने 15 दिसंबर, शामली चीनी मिल ने 31 दिसंबर तक पिछले सत्र का संपूर्ण बकाया गन्ना भुगतान करने और थानाभवन चीनी मिल की ओर से बिजली का पैसा आने के बाद भुगतान करने का आश्वासन दिया गया।
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डीएम जसजीत कौर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कह दिया कि यदि किसानों के अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गई तो संबंधित चीनी मिल के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। ठंड एवं कोहरे के मौसम को दृष्टिगत सभी चीनी मिलों के मिल गेट पर गन्ना आपूर्ति करने वाले बुग्गी, ट्रक और ट्रैक्टर ट्राली वाहनों पर उत्तम क्वालिटी के रिफ्लेक्टर लगवाने के कड़े निर्देश दिए। 30 नवंबर तक कार्य पूरा करने के प्रत्येक दशा में निर्देश दिए।
बैठक में शामली चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया, एकाउंट हेड विजित जैन, थानाभवन चीनी मिल यूनिट हेड वीर पाल सिंह, गन्ना महाप्रबंधक जेबी तोमर, ऊन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल कुमार अहलावत, एकाउंट हेड विक्रम सिंह मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को डीएम ने जिले के चीनी मिलों के अफसरों की बैठक बुलाकर बकाया गन्ना भुगतान की समीक्षा की। जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने पेराई सत्र 2020-21 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की जानकारी दी। कहा कि शामली चीनी मिल देय गन्ना भुगतान के सापेक्ष 366.46 करोड़ के सापेक्ष 283.25 करोड़ का भुगतान किया है। ऊन चीनी मिल ने 337.10 करोड़ के सापेक्ष 272.67 करोड़ रुपये एवं थानाभवन चीनी मिल 439.40 करोड़ के सापेक्ष 262.28 करोड़ का भुगतान किया है।
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उन्होंने बताया कि पिछले सत्र का जिले की चीनी मिलों पर 322 करोड़ रुपये बकाया है। जिनमें 176 करोड़ रुपये थानाभवन चीनी मिल पर, 63 करोड़ रुपये ऊन मिल पर और 83 करोड़ रुपये शामली चीनी मिल पर हैं। ऊन चीनी मिल ने 15 दिसंबर, शामली चीनी मिल ने 31 दिसंबर तक पिछले सत्र का संपूर्ण बकाया गन्ना भुगतान करने और थानाभवन चीनी मिल की ओर से बिजली का पैसा आने के बाद भुगतान करने का आश्वासन दिया गया।
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डीएम जसजीत कौर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कह दिया कि यदि किसानों के अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गई तो संबंधित चीनी मिल के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। ठंड एवं कोहरे के मौसम को दृष्टिगत सभी चीनी मिलों के मिल गेट पर गन्ना आपूर्ति करने वाले बुग्गी, ट्रक और ट्रैक्टर ट्राली वाहनों पर उत्तम क्वालिटी के रिफ्लेक्टर लगवाने के कड़े निर्देश दिए। 30 नवंबर तक कार्य पूरा करने के प्रत्येक दशा में निर्देश दिए।
बैठक में शामली चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया, एकाउंट हेड विजित जैन, थानाभवन चीनी मिल यूनिट हेड वीर पाल सिंह, गन्ना महाप्रबंधक जेबी तोमर, ऊन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल कुमार अहलावत, एकाउंट हेड विक्रम सिंह मौजूद रहे।