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अब नहीं सहेगा किसान, समय पर चाहिए हमें भुगतान

Thu, 14 Feb 2019 11:14 PM IST
NAVEEN GUPTA amarujala
amarujala Published by: NAVEEN GUPTA Updated Thu, 14 Feb 2019 11:14 PM IST
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ab nahi sahega kisaan
file - फोटो : amarujala
बकाया गन्ना भुगतान सहित किसानों की समस्याओं को लेकर बृहस्पतिवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के साथ सैकड़ों किसान कलक्ट्रेट पर धरना देकर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने चीनी मिलों के खिलाफ तीखे प्रहार किए। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता समस्या का समाधान नहीं होने पर थानाभवन में प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा के कैंप कार्यालय पर कूच करने की घोषणा कर दी, तो प्रशासन में खलबली मच गई। डीएम की मौजूदगी में शुगर मिल और संबंधित अफसरों के साथ  किसानों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई। मिलों ने 28 फरवरी तक 54 करोड़ का भुगतान  करने का भरोसा दिया। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया।  
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बृहस्पतिवार को भाकियू कार्यकर्ता ट्रैक्टर ट्रॉलियों से सुबह 10 बजे ही कलक्ट्रेट पहुंचने शुरू हो गए थे। कुछ देर बाद भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी वहां पहुंच गए और कलक्ट्रेट में धरना शुरू कर दिया। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय सहन नहीं होगा। राकेश टिकैत ने कहा कि नियम 14 दिन में गन्ना भुगतान का है, लेकिन ये मिलें साल साल भर बाद भुगतान करती हैं। किसान बहुत सहन कर चुका अब ये नहीं चलेगा। टिकैत ने कहा कि पिछले सीजन का भुगतान तो कर दिया, लेकिन इस सीजन का अरबों बकाया है। उन्होंने साफ कह दिया कि यदि आज कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो थानाभवन में गन्ना मंत्री के कैंप कार्यालय पर ही किसान धरना शुरू करेंगे। यहां से किसान सीधे थानाभवन जाएंगे। इस घोषणा से प्रशासन में खलबली मच गई। डीएम अखिलेश सिंह ने डीसीओ, विद्युत निगम, सिंचाई विभाग, तीनों शुगर मिलों के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुला लिया। धरनास्थल से किसानों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल चुनकर वार्ता को भेजा गया।  
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एक घंटे वार्ता के बाद बनी बात 
किसान प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच हुई वार्ता में किसानों ने अफसरों पर सवाल दागे। उनसे मिलवार बकाया गन्ना भुगतान पूछा। पूछा गया कि वे कब तक भुगतान कर देंगे। तीनों मिलों का कहना था कि उन्होंने पिछले सत्र का चुकता भुगतान कर दिया है। नए सीजन का भुगतान चीनी बिक्री से 85 प्रतिशत बिक्री की धनराशि से वह करेंगे। वार्ता में हुए निर्णय के बारे में डीएम अखिलेश सिंह ने खुद किसानों के बीच धरनास्थल पर जाकर बताया। कहा कि 28 फरवरी तक शामली शुगर मिल 15 करोड़, थानाभवन 25 करोड़ और ऊन शुगर मिल 14 करोड़ का भुगतान किसानों को कर देगी।  
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एडवांस चेक देंगी शुगर मिलें 
वार्ता के दौरान शामली ऊन और थानाभवन शुगर मिल के अधिकारियों ने 28 फरवरी तक कुल 54 करोड़ का भुगतान करने की बात की। किसान प्रतिनिधिमंडल ने ये जानकारी बाहर बैठे राकेश टिकैत को दी, तो टिकैत ने कहा कि इसकी क्या गारंटी है कि तय समय पर इतना भुगतान हो जाएगा। वे लिखकर दें । बाद में डीएम ने मिल अफसरों से कहा कि जितनी रकम का भुगतान करने का भरोसा उन्होंने दिया है, उतनी रकम के एडवांस चेक भरकर गन्ना अधिकारी को दे दिए जाएंगे। इसके बाद टिकैत धरना खत्म करने को राजी हुए। किसानों की मांग पर डीएम ने भरोसा दिया  कि विद्युत बकाया बिलों में छूट की डेट जो 15 फरवरी तक निर्धारित है उसे आगे बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भिजवाएंगे। 

कहां ले जाएं पुराने ट्रैक्टर 
टिकैत ने कहा कि बार बार डीजल वाले पुराने ट्रैक्टर बदलने को कहा जा रहा है। धमकाया जा रहा है कि पुराने ट्रैक्टर सीज कर दिए जाएंगे। कहा कि उनके आज भी पुराने ट्रैक्टर ठीक चल रहे हैं। वे इतने मजबूत हैं कि नए ट्रैक्टर उनके सामने फेल है। ऐसे में उन्हें कहां फेंक दें। 


वार्ता कमेटी में ये रहे शामिल 
बाबा सूरजमल, कुलदीप पंवार, जावेद तोमर, अनीस मंसूरी, बाबूराम पंवार,  दीपक शर्मा, देवराज पहलवान, अनुज बालियान, राजेंद्र मलिक, संजीव राठी, पुष्पेंद्र डायरेक्टर, मैनपाल चौहान।  
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