फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   aavaara govansh ko milega apna ghar

आवारा गोवंश को जल्द मिलेगा अपना घर 

Wed, 30 Jan 2019 11:25 PM IST
NAVEEN GUPTA amarujala
amarujala Published by: NAVEEN GUPTA Updated Wed, 30 Jan 2019 11:25 PM IST
विज्ञापन
aavaara govansh ko milega apna ghar
file - फोटो : amarujala
आवारा गोवंश रखने के लिए जनपद में पशुचर की भूमि पर 32 स्थानों पर अस्थायी गो आश्रम स्थल बनाए जाएंगे। ग्राम पंचायतों को इसका जिम्मा सौंपा गया है। इसका निर्माण मनरेगा और राज्य वित्त आयोग की धनराशि से होगा। चारे आदि की व्यवस्था के लिए सरकार से बजट मिलेगा। जिले में तेजी से इनका निर्माण शुरू हो गया है।  
विज्ञापन

प्रदेश सरकार ने गांवों में पड़ी पशुचर की जमीन पर गो आश्रम स्थल बनाने के निर्देश दिए थे। इनमें से अधिकांश जमीनों पर कब्जे थे, जिन्हें कब्जामुक्त करा रहा है। जिला पंचायतराज अधिकारी के अनुसार राजस्व विभाग ने उन्हें 32 जगहों पर पशुचरान की भूमि चिह्नित कर दी है। यहां अस्थायी गो आश्रय स्थल बनाए जाएंगे। इनमें से 31 स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इन स्थलों का निर्माण ग्राम पंचायतों द्वारा कराया जाएगा। इनके निर्माण में खुदाई आदि कार्य मनरेगा योजना से होगा । इसमें शेड, चारे की खोर, पानी और बिजली की व्यवस्था भी की जाएगी। इसका खर्च राज्य वित्त आयोग की धनराशि से होगा। फिलहाल चारे की व्यवस्था भी इसी मद से की जाएगी, लेकिन इसके लिए शासन स्तर से बजट जारी किया जाएगा।  ये भी संभावना है कि इसकी देखरेख के लिए कर्मचारी भी रखे जाएंगे। इस संबंध में विस्तृत गाइड लाइन भी बाद में जारी होगी। डीपीआरओ ने बताया कि संबंधित ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधानों को आपसी समन्वय के साथ इनका निर्माण कराने को कहा गया है। उम्मीद है कि जल्दी ये बनकर तैयार हो जाएंगे।  
विज्ञापन

अब तक 1088 गोवंश पकड़े गए  
शामली। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजेश सैनी के अनुसार जनपद मेें अभी तक 1088 गोवंश पकड़े गए हैं। इनका टैकिंग, बधियाकरण आदि कराया जा रहा है। अधिकांश को हो चुका है। शामली और जलालाबाद स्थिति अधिकृत गऊशालाओं और अन्य स्थानों पर रखा गया है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

कामधेनु लाभार्थियों का ले रहे सहयोग  

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के अनुसार गोवंश रखने के लिए दोनों अधिकृत गऊशाला भर चुकी हैं। ऐसे में कामधेनु योजना के लाभार्थियों की मदद लेकर उनके यहां ये गोवंश भेजे जा रहे हैं। कुछ गांवों में बड़े किसानों के यहां रखे गए हैं। कुछ लोगों ने स्वेच्छा से इन्हें रखा हुआ है। बाद में अस्थायी गो आश्रम स्थलों पर इन्हें भेज दिया जाएगा।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed