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Shamli News: ईरान में फंसे कैप्टन बेटे की सलामती और वापसी के लिए किया हवन
Sun, 18 Jan 2026 11:43 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 18 Jan 2026 11:43 PM IST
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गढ़ीपुख़्ता। क्षेत्र के गांव भैंसवाल में मर्चेंट नेवी में कैप्टन विनय कुमार के घर पर मौजूद लोग
गढ़ीपुख़्ता (शामली)। गांव भैंसवाल में मर्चेंट नेवी में कैप्टन विजय कुमार को ईरानी नेवी द्वारा बंधक बनाने के मामले में परिजन उसकी सलामती और वापसी के लिए नियमित हवन व पूजा अर्चना कर रहे हैं। उधर, ग्रामीणों और रिश्तेदार उनके घर पर परिजनों से जानकारी लेने के लिए आना जाना लगा हुआ है।
गांव भैंसवाल निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक अपने बेटे कैप्टन विजय कुमार की घर वापसी के लिए भारत सरकार, विदेश मंत्रालय व मुख्यमंत्री से प्रार्थना देखकर गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक उनका कोई समाधान नहीं होने से परिजन चिंतित है। चरण सिंह ने बताया कि शनिवार को उनकी बेटे से बात हुई थी। उसने ईरान में जहाज पर ही बंधक बनाने की बात बताई है। उन्होंने बताया कि तीसरे दिन बेटे से दो मिनट की बात कराई जाती है। कैप्टन बेटे की सलामती और भारत वापसी के लिए घर पर रोजाना की तरह हवन और पूजा अर्चना की गई। उधर, ग्रामीणों, रिश्तेदारों और परिचितों का उनके आवास पर पहुंचकर जानकारी लेने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। कैप्टन चार महीने पहले ड्यूटी पर गए थे। अमेरिका से तेल लेकर भारत की ओर आते समय ईरान की नेवी ने उनका जहाज रोक लिया। विजय कुमार के साथ उनके अन्य साथियों को भी जहाज में ही बंधक बनाया हुआ है।
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गांव भैंसवाल निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक अपने बेटे कैप्टन विजय कुमार की घर वापसी के लिए भारत सरकार, विदेश मंत्रालय व मुख्यमंत्री से प्रार्थना देखकर गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक उनका कोई समाधान नहीं होने से परिजन चिंतित है। चरण सिंह ने बताया कि शनिवार को उनकी बेटे से बात हुई थी। उसने ईरान में जहाज पर ही बंधक बनाने की बात बताई है। उन्होंने बताया कि तीसरे दिन बेटे से दो मिनट की बात कराई जाती है। कैप्टन बेटे की सलामती और भारत वापसी के लिए घर पर रोजाना की तरह हवन और पूजा अर्चना की गई। उधर, ग्रामीणों, रिश्तेदारों और परिचितों का उनके आवास पर पहुंचकर जानकारी लेने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। कैप्टन चार महीने पहले ड्यूटी पर गए थे। अमेरिका से तेल लेकर भारत की ओर आते समय ईरान की नेवी ने उनका जहाज रोक लिया। विजय कुमार के साथ उनके अन्य साथियों को भी जहाज में ही बंधक बनाया हुआ है।
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