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Shamli News: पहाड़ों पर बारिश से यमुना नहर में आया 936 क्यूसेक पानी
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जिले के कांधला में बहती पूर्वी यमुना नहर। संवाद
हथिनी कुंड बैराज से पानी का शून्य डिस्चार्ज से बढ़कर 470 क्यूसेक पानी आया
बागपत को 350 क्यूसेक पानी भेजा, शामली के सभी रजबहे चले
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। रविवार को पहाड़ों पर बारिश होने से यमुना नहर में हथिनी कुंड बैराज से 470 क्यूसेक पानी और हरिद्वार से गंगा का 466 क्यूसेक पानी पूर्वी यमुना नहर छोड़ दिया गया है। पर्याप्त मात्रा में शामली और बागपत जिलों को सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पानी की आपूर्ति कर दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी आने से शामली जिले के सभी रजबहों और माइनरों में पानी छोड़ दिया गया है।
पिछले सप्ताह हथिनी कुंड बैराज से पूर्वी यमुना नहर को शून्य डिस्चार्ज हो रहा था। हरिद्वार से गंगा का पानी घटकर 466 क्यूसेक पानी रह गया था। कम पानी पूर्वी यमुना नहर में मिलने से शामली और बागपत के किसान आमने-सामने आ गए थे। बागपत में पचास फीसदी पानी दिए जाने के लिए डीएम बागपत ने शामली डीएम से आपस में विचार विमर्श किया था। रविवार की सुबह तेज हवाओं के साथ पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र तक बारिश आ जाने से यमुना नदी में जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई। हथिनी कुंड बैराज के कंट्राेल रूम के मुताबिक सोमवार को कैराना यमुना नदी में जलस्तर 227.45 मीटर दर्ज किया गया।
पश्चिमी यमुना नहर में 3224 क्यूसेक पानी और पूर्वी यमुना नहर में 933 क्यूसेक पानी और बारिश 62.3 एमएम दर्ज की गई। शामली सिंचाई विभाग के उपराजस्व अधिकारी अंबुज चौधरी ने बताया कि पहाड़ों पर बारिश होने से सोमवार को यमुना नहर में 470 क्यूसेक पानी और हरिद्वार से गंगा का पानी यमुना नहर में 466 क्यूसेक पानी मिलाकर कुल 936 क्यूसेक पानी आ गया है। उन्होंने बताया कि बागपत जिले को 350 क्यूसेक पानी दिए जाने के बाद शामली जिले के सभी रजबहों और माइनरों को पर्याप्त की आपूर्ति कर दी गई है।
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बागपत को 350 क्यूसेक पानी भेजा, शामली के सभी रजबहे चले
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। रविवार को पहाड़ों पर बारिश होने से यमुना नहर में हथिनी कुंड बैराज से 470 क्यूसेक पानी और हरिद्वार से गंगा का 466 क्यूसेक पानी पूर्वी यमुना नहर छोड़ दिया गया है। पर्याप्त मात्रा में शामली और बागपत जिलों को सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पानी की आपूर्ति कर दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी आने से शामली जिले के सभी रजबहों और माइनरों में पानी छोड़ दिया गया है।
पिछले सप्ताह हथिनी कुंड बैराज से पूर्वी यमुना नहर को शून्य डिस्चार्ज हो रहा था। हरिद्वार से गंगा का पानी घटकर 466 क्यूसेक पानी रह गया था। कम पानी पूर्वी यमुना नहर में मिलने से शामली और बागपत के किसान आमने-सामने आ गए थे। बागपत में पचास फीसदी पानी दिए जाने के लिए डीएम बागपत ने शामली डीएम से आपस में विचार विमर्श किया था। रविवार की सुबह तेज हवाओं के साथ पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र तक बारिश आ जाने से यमुना नदी में जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई। हथिनी कुंड बैराज के कंट्राेल रूम के मुताबिक सोमवार को कैराना यमुना नदी में जलस्तर 227.45 मीटर दर्ज किया गया।
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पश्चिमी यमुना नहर में 3224 क्यूसेक पानी और पूर्वी यमुना नहर में 933 क्यूसेक पानी और बारिश 62.3 एमएम दर्ज की गई। शामली सिंचाई विभाग के उपराजस्व अधिकारी अंबुज चौधरी ने बताया कि पहाड़ों पर बारिश होने से सोमवार को यमुना नहर में 470 क्यूसेक पानी और हरिद्वार से गंगा का पानी यमुना नहर में 466 क्यूसेक पानी मिलाकर कुल 936 क्यूसेक पानी आ गया है। उन्होंने बताया कि बागपत जिले को 350 क्यूसेक पानी दिए जाने के बाद शामली जिले के सभी रजबहों और माइनरों को पर्याप्त की आपूर्ति कर दी गई है।
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