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शब ए बरात पर होती है रहम तों की बरसात - आबिद
Updated Thu, 03 May 2018 12:09 AM IST
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शब-ए बरात पर होती है रहमतों की बारिश
कांधला।
गांव गंगेरू स्थित मदरसा जामिया हिफजुल कुरान में मंगलवार शाम शब-ए बरात पर आयोजित सालाना जलसे में कई छात्र-छात्राओं की दस्तारबंदी की गई।
मदरसे में आयोजित सालाना जलसे में अफ्रीका से आए हजरत मौलाना मोहम्मद आबिद साहब ने फरमाया कि अल्लाह ने शब-ए-बरात की रात में कुरान-ए-करीम को नाजिल किया था। शब-ए-बरात की रात में अल्लाह रहमतों की बारिश करते हैं। उन्होंने फरमाया कि इस मुबारक बरकत वाली रात में बंदे को अल्लाह की इबादत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दौरान हुड़दंगबाजी और आतिशबाजी करना गलत है। जलसे को खिताब करते हुए हजरत कारी सनाउल्ला ने फरमाया कि इस बरकत वाली रात में इंसान को अल्लाह की तरफ ज्यादा से ज्यादा मुतवज्जाह होकर इबादत करनी चाहिए। कारी याकूब साहब ने फरमाया कि मुसलमानों को अपने बच्चों को दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालीम भी हासिल करानी चाहिए। जलसे में पांच तलबा और चार तालिबाओं की दस्तारबंदी की गई। अंत में हजरत मौलाना आबिद साहब ने देश दुनिया में अमन-चैन के लिए दुआ कराई। जलसे की निजामत मौलाना वसी साहब और सदारत हजरत कारी सनाउल्ला ने की। इस दौरान हाफिज यूनुस, इसराईल मंसूरी, आमिर सुहैल, अर्श आलम, गुलजार, मोहम्मद उस्मान, हाफिज जुनैद, मुंशी महबूब, हाफिज शकील, मौलाना कामिल सहित मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे।
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कांधला।
गांव गंगेरू स्थित मदरसा जामिया हिफजुल कुरान में मंगलवार शाम शब-ए बरात पर आयोजित सालाना जलसे में कई छात्र-छात्राओं की दस्तारबंदी की गई।
मदरसे में आयोजित सालाना जलसे में अफ्रीका से आए हजरत मौलाना मोहम्मद आबिद साहब ने फरमाया कि अल्लाह ने शब-ए-बरात की रात में कुरान-ए-करीम को नाजिल किया था। शब-ए-बरात की रात में अल्लाह रहमतों की बारिश करते हैं। उन्होंने फरमाया कि इस मुबारक बरकत वाली रात में बंदे को अल्लाह की इबादत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दौरान हुड़दंगबाजी और आतिशबाजी करना गलत है। जलसे को खिताब करते हुए हजरत कारी सनाउल्ला ने फरमाया कि इस बरकत वाली रात में इंसान को अल्लाह की तरफ ज्यादा से ज्यादा मुतवज्जाह होकर इबादत करनी चाहिए। कारी याकूब साहब ने फरमाया कि मुसलमानों को अपने बच्चों को दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालीम भी हासिल करानी चाहिए। जलसे में पांच तलबा और चार तालिबाओं की दस्तारबंदी की गई। अंत में हजरत मौलाना आबिद साहब ने देश दुनिया में अमन-चैन के लिए दुआ कराई। जलसे की निजामत मौलाना वसी साहब और सदारत हजरत कारी सनाउल्ला ने की। इस दौरान हाफिज यूनुस, इसराईल मंसूरी, आमिर सुहैल, अर्श आलम, गुलजार, मोहम्मद उस्मान, हाफिज जुनैद, मुंशी महबूब, हाफिज शकील, मौलाना कामिल सहित मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे।