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सिस्टम की लापरवाही और महिला के हाथ पर बनी
Updated Wed, 02 May 2018 12:05 AM IST
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बीमार महिला सीएमओ दफ्तर से निराश लौटी
शामली।
चिकित्सकों की लापरवाही के कारण जरूरतमंद महिला का हाथ कटने की नौबत आ गई है। पीड़िता के परिजन सीएमओ से अपनी व्यथा बताने के लिए पहुंचे। हालांकि सीएमओ के नहीं होने के कारण निराश होकर लौट गए।
कांधला के गांव डुंगर निवासी महिला मुकेश पत्नी किरण (30) को 24 अप्रैल को सरकारी अस्पताल शामली में नसबंदी कराने के लिए आई थी। यहां पर डाक्टरों ने महिला की नसबंदी कर दी। इसके बाद 25 अप्रैल को महिला के हाथ में सूजन आ गई। महिला परिजनों के साथ दोबारा अस्पताल में आई और चिकित्साधीक्षक के कक्ष में समस्या बताई। आरोप है कि चिकित्साधीक्षक ने गुरुद्वारा तिराहे के पास स्थित एक अस्पताल में महिला को इलाज के लिए भेज दिया। महिला जब उस अस्पताल में पहुंची, तो वहां वही डॉक्टर मिला, जिसने उसका नसबंदी किया था। उसने महिला को मेडिकल स्टोर से दवाईयां दिलवकर घर भेज दिया। शाम तक महिला का हाथ और सूज गया और उसमें दर्द होने लगा। अगले दिन महिला के परिजनों ने दूसरे अस्पताल में हाथ को दिखवाया, लेकिन यहां के डाक्टरों ने इसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। महिला ने दिल्ली अस्पताल में अपना इलाज कराया। बाद में बीमारी बढ़ने के कारण वहां से भी डाक्टरों ने जवाब दे दिया कि इसका इलाज नहीं है। परिजनों का दावा है कि डाक्टरों ने गैंगरीन की बीमारी बताई है। उधर, मंगलवार को हिंदू जागरण मंच के जिला महामंत्री संजीव चौहान, जिला मंत्री सन्नी वशिष्ठ, जिला उपाध्यक्ष प्रवीण, जिला संपर्क प्रमुख राजेंद्र के साथ महिला के परिजन सीएमओ ऑफिस पर पहुंचे, लेकिन छुट्टी होने के कारण सीएमओ ऑफिस पर कोई नहीं मिला। परिजनों के मुताबिक बुधवार को सीएमओ से मिलकर आरोपी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
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शामली।
चिकित्सकों की लापरवाही के कारण जरूरतमंद महिला का हाथ कटने की नौबत आ गई है। पीड़िता के परिजन सीएमओ से अपनी व्यथा बताने के लिए पहुंचे। हालांकि सीएमओ के नहीं होने के कारण निराश होकर लौट गए।
कांधला के गांव डुंगर निवासी महिला मुकेश पत्नी किरण (30) को 24 अप्रैल को सरकारी अस्पताल शामली में नसबंदी कराने के लिए आई थी। यहां पर डाक्टरों ने महिला की नसबंदी कर दी। इसके बाद 25 अप्रैल को महिला के हाथ में सूजन आ गई। महिला परिजनों के साथ दोबारा अस्पताल में आई और चिकित्साधीक्षक के कक्ष में समस्या बताई। आरोप है कि चिकित्साधीक्षक ने गुरुद्वारा तिराहे के पास स्थित एक अस्पताल में महिला को इलाज के लिए भेज दिया। महिला जब उस अस्पताल में पहुंची, तो वहां वही डॉक्टर मिला, जिसने उसका नसबंदी किया था। उसने महिला को मेडिकल स्टोर से दवाईयां दिलवकर घर भेज दिया। शाम तक महिला का हाथ और सूज गया और उसमें दर्द होने लगा। अगले दिन महिला के परिजनों ने दूसरे अस्पताल में हाथ को दिखवाया, लेकिन यहां के डाक्टरों ने इसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। महिला ने दिल्ली अस्पताल में अपना इलाज कराया। बाद में बीमारी बढ़ने के कारण वहां से भी डाक्टरों ने जवाब दे दिया कि इसका इलाज नहीं है। परिजनों का दावा है कि डाक्टरों ने गैंगरीन की बीमारी बताई है। उधर, मंगलवार को हिंदू जागरण मंच के जिला महामंत्री संजीव चौहान, जिला मंत्री सन्नी वशिष्ठ, जिला उपाध्यक्ष प्रवीण, जिला संपर्क प्रमुख राजेंद्र के साथ महिला के परिजन सीएमओ ऑफिस पर पहुंचे, लेकिन छुट्टी होने के कारण सीएमओ ऑफिस पर कोई नहीं मिला। परिजनों के मुताबिक बुधवार को सीएमओ से मिलकर आरोपी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
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