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सीएचसी पर डाक्टर है नहीं, सीएमओ ऑफिस पर बैठे नौ डाक्टर
Updated Sat, 18 Nov 2017 12:38 AM IST
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शामली।
जिले के सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की कमी है। मरीज घंटों तक लाइन में लगे रहते है। इस कमी को देखते हुए शासन की ओर से 14 डाक्टरों का शामली में ट्रांसफर किया गया। मगर, इनमें से मात्र आठ ही डाक्टरों ने ज्वाइन किया है। इनमें से पांच को अफसरशाही के काम में लगाया दिया गया, जिस कारण अस्पताल में स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
शामली जिले में कैराना, कांधला, ऊन, कुड़ाना और थानाभवन सीएचसी है, जबकि एफआरयू यूनिट जिला अस्पताल के रूप में काम कर रही है। जहां रोजाना करीब एक हजार मरीजों की ओपीडी होती है। जबकि कांधला, थानाभवन, कैराना और ऊन सीएचसी पर शेष भार रहता है। सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों कमी है। इसी कमी को देखते हुए शासन की ओर से जिले में 14 डाक्टरों को भेजा गया था। इनमें से आठ डाक्टरों ने ज्वाइन कर लिया है। सभी आठ डाक्टर एसीएमओ रैंक के है। इनमें से तीन डाक्टरों को कुड़ाना और शामली सीएचसी पर तैनात कर दिया गया, जबकि बाकी पांच डाक्टरों में से तीन डाक्टरों को सीएमओ ऑफिस पर विभिन्न कार्यक्रमों की जिम्मेदारी दे दी गई। दो डाक्टर अभी सीएमओ ऑफिस पर खाली बैठे है। यह स्थिति तब है कि सरकारी अस्पताल डाक्टरों की कमी से जूझ रहे है।
कैराना सीएचसी पर दो, थानाभवन में तीन तो, कांधला में तीन डाक्टर
जिले में कैराना, थानाभवन और कांधला सीएचसी पर अधिक दबाव रहता है। इन अस्पतालों में करीब करीब दो हजार मरीज रोजाना इलाज के लिए आते ह। कैराना में मात्र दो, थानाभवन में तीन और कांधला में तीन डाक्टर तैनात है। इस कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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डाक्टरों की कमी पूरे प्रदेश में है। जिले में 14 डाक्टर भेजे गए थे, जिनमें से आठ डाक्टरों ने ज्वाइन कर लिया है, जरूरत के हिसाब से उनको जिम्मेदारी दी जा रही है। - डाक्टर राजकुमार, सीएमओ।
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जिले के सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की कमी है। मरीज घंटों तक लाइन में लगे रहते है। इस कमी को देखते हुए शासन की ओर से 14 डाक्टरों का शामली में ट्रांसफर किया गया। मगर, इनमें से मात्र आठ ही डाक्टरों ने ज्वाइन किया है। इनमें से पांच को अफसरशाही के काम में लगाया दिया गया, जिस कारण अस्पताल में स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
शामली जिले में कैराना, कांधला, ऊन, कुड़ाना और थानाभवन सीएचसी है, जबकि एफआरयू यूनिट जिला अस्पताल के रूप में काम कर रही है। जहां रोजाना करीब एक हजार मरीजों की ओपीडी होती है। जबकि कांधला, थानाभवन, कैराना और ऊन सीएचसी पर शेष भार रहता है। सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों कमी है। इसी कमी को देखते हुए शासन की ओर से जिले में 14 डाक्टरों को भेजा गया था। इनमें से आठ डाक्टरों ने ज्वाइन कर लिया है। सभी आठ डाक्टर एसीएमओ रैंक के है। इनमें से तीन डाक्टरों को कुड़ाना और शामली सीएचसी पर तैनात कर दिया गया, जबकि बाकी पांच डाक्टरों में से तीन डाक्टरों को सीएमओ ऑफिस पर विभिन्न कार्यक्रमों की जिम्मेदारी दे दी गई। दो डाक्टर अभी सीएमओ ऑफिस पर खाली बैठे है। यह स्थिति तब है कि सरकारी अस्पताल डाक्टरों की कमी से जूझ रहे है।
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कैराना सीएचसी पर दो, थानाभवन में तीन तो, कांधला में तीन डाक्टर
जिले में कैराना, थानाभवन और कांधला सीएचसी पर अधिक दबाव रहता है। इन अस्पतालों में करीब करीब दो हजार मरीज रोजाना इलाज के लिए आते ह। कैराना में मात्र दो, थानाभवन में तीन और कांधला में तीन डाक्टर तैनात है। इस कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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डाक्टरों की कमी पूरे प्रदेश में है। जिले में 14 डाक्टर भेजे गए थे, जिनमें से आठ डाक्टरों ने ज्वाइन कर लिया है, जरूरत के हिसाब से उनको जिम्मेदारी दी जा रही है। - डाक्टर राजकुमार, सीएमओ।