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ओवरफ्लो मामौर झील ने बर्बाद कर दी फसल
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:36 AM IST
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कैराना।
कस्बा कैराना का गंदा पानी पंजीठ तालाब और मामौर झील में समा रहा है। क्षेत्र में कई दिनों से हो रही बारिश के चलते मामौर झील का पानी आसपास के खेतों में भर गया। इससे मामौर, मवी और पंजीठ के किसानों की करीब 500 बीघा धान और गन्ने की फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई।
कई दिन से क्षेत्र में रुक रुककर हो रही बारिश के चलते मामौर स्थित झील पानी से लबालब भर गई। झील भरने के साथ ही पानी आस पास के खेतों में खड़ी गन्ने और धान की फसल में घुस गया। इससे गांव पंजीठ निवासी नकली सिंह, तारा चंद, राजेंद्र, भूषण, प्रहलाद, घनश्याम, रणबीर, सुरेंद्र, रमेश, सोमपाल, मामौर निवासी जनेश्वर, सुरता कश्यप, जगदीश, शौकत अली, मीर हसन, इश्हाक, जोगेंद्र, हनीफ, निर्मल सिंह, इस्लाम मोटा, शकूर अली, साधुराम, इलम सिंह, मवी निवासी सुल्तान, ईश्वर पाल, जनेश्वर फौजी, मदन, पूर्व प्रधान वीरेंद्र, रामकिशन, शिवकुमार आदि किसानों की लगभग 500 बीघा भूमि में खड़ी धान और गन्ने की फसल खराब हो गई है। वहीं, मामौर एवं पंजीठ शौकीन, हारुण, कासिम, ओमवीर, आलम आदि ने कहा कि अगर उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वह जल्द ही आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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कस्बा कैराना का गंदा पानी पंजीठ तालाब और मामौर झील में समा रहा है। क्षेत्र में कई दिनों से हो रही बारिश के चलते मामौर झील का पानी आसपास के खेतों में भर गया। इससे मामौर, मवी और पंजीठ के किसानों की करीब 500 बीघा धान और गन्ने की फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई।
कई दिन से क्षेत्र में रुक रुककर हो रही बारिश के चलते मामौर स्थित झील पानी से लबालब भर गई। झील भरने के साथ ही पानी आस पास के खेतों में खड़ी गन्ने और धान की फसल में घुस गया। इससे गांव पंजीठ निवासी नकली सिंह, तारा चंद, राजेंद्र, भूषण, प्रहलाद, घनश्याम, रणबीर, सुरेंद्र, रमेश, सोमपाल, मामौर निवासी जनेश्वर, सुरता कश्यप, जगदीश, शौकत अली, मीर हसन, इश्हाक, जोगेंद्र, हनीफ, निर्मल सिंह, इस्लाम मोटा, शकूर अली, साधुराम, इलम सिंह, मवी निवासी सुल्तान, ईश्वर पाल, जनेश्वर फौजी, मदन, पूर्व प्रधान वीरेंद्र, रामकिशन, शिवकुमार आदि किसानों की लगभग 500 बीघा भूमि में खड़ी धान और गन्ने की फसल खराब हो गई है। वहीं, मामौर एवं पंजीठ शौकीन, हारुण, कासिम, ओमवीर, आलम आदि ने कहा कि अगर उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वह जल्द ही आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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