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दूसरे दिन बारिश से जन जीवन अस्त, बिजली आपूर्ति ठप,
Updated Fri, 30 Jun 2017 12:40 AM IST
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बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त, बिजली आपूर्ति ठप
शामली। पिछले दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश बृहस्पतिवार को भी जारी रही। बारिश ने जहां गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं खेतों में सूख फसलों को भरपूर पानी मिल गया। किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है। उधर, बारिश के कारण जिले की बिजली आपूर्ति ठप रही। वहीं कई स्थानों पर जल भराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बृहस्पतिवार सुबह से ही बरसात शुरू हो गई, दोपहर में कुछ देर के लिए धूप खिली, लेकिन सूरज फिर बादलों में छिप गया। दोपहर और शाम को भी बारिश हुई। लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, शामली बाईपास, ब्लाक रोड, सलेक विहार, पंसारियान में जलभराव से लोग परेशान रहे। पूर्वी यमुना नहर खंड के जिलेदार अंबुज कुमार ने बताया कि बुधवार को पूरे दिन 22 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है, जबकि बृहस्पतिवार को 25 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। दो दिनो में 47 एमएम बारिश रिकार्ड हुई है।
सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि अगले दो दिन तक मौसम इसी तरह रंग दिखाएगा। कभी बूंदाबांदी होगी, तो कभी धूप खिल जाएगी। बारिश गन्ना, धान, ज्वार, हरा चारा के लिए लाभदायक है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह तक इसी तरह बूंदाबांदी होते रहने की संभावना है। उपनिदेशक कृषि डाक्टर रामवीर कटारा ने बताया कि गन्ना, हरा चारा और धान की फसल के लिए बारिश सोना बरस रही है। उन्होंने बताया कि जिले में बारिश के चलते चार हजार हेक्टेयर धान की रोपाई हो गई है। 20 जुलाई तक धान की रोपाई पूरी हो पाएगी।
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उधर, पिछले दो दिन से बारिश होने से साढ़े चार घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही है। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार सिंह ने बताया कि बारिश से शामली शहर में 21 घंटे, ग्रामीण क्षेत्रो में 14 घंटे, कैराना- ऊन, झिंझाना, कांधला में 16-17 घंटे बिजली आपूर्ति का औसत रहा है। शाम पांच बजे के बाद बिजली आपूर्ति में सुधार हुआ।
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शामली। पिछले दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश बृहस्पतिवार को भी जारी रही। बारिश ने जहां गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं खेतों में सूख फसलों को भरपूर पानी मिल गया। किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है। उधर, बारिश के कारण जिले की बिजली आपूर्ति ठप रही। वहीं कई स्थानों पर जल भराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बृहस्पतिवार सुबह से ही बरसात शुरू हो गई, दोपहर में कुछ देर के लिए धूप खिली, लेकिन सूरज फिर बादलों में छिप गया। दोपहर और शाम को भी बारिश हुई। लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, शामली बाईपास, ब्लाक रोड, सलेक विहार, पंसारियान में जलभराव से लोग परेशान रहे। पूर्वी यमुना नहर खंड के जिलेदार अंबुज कुमार ने बताया कि बुधवार को पूरे दिन 22 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है, जबकि बृहस्पतिवार को 25 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। दो दिनो में 47 एमएम बारिश रिकार्ड हुई है।
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सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि अगले दो दिन तक मौसम इसी तरह रंग दिखाएगा। कभी बूंदाबांदी होगी, तो कभी धूप खिल जाएगी। बारिश गन्ना, धान, ज्वार, हरा चारा के लिए लाभदायक है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह तक इसी तरह बूंदाबांदी होते रहने की संभावना है। उपनिदेशक कृषि डाक्टर रामवीर कटारा ने बताया कि गन्ना, हरा चारा और धान की फसल के लिए बारिश सोना बरस रही है। उन्होंने बताया कि जिले में बारिश के चलते चार हजार हेक्टेयर धान की रोपाई हो गई है। 20 जुलाई तक धान की रोपाई पूरी हो पाएगी।
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उधर, पिछले दो दिन से बारिश होने से साढ़े चार घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही है। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार सिंह ने बताया कि बारिश से शामली शहर में 21 घंटे, ग्रामीण क्षेत्रो में 14 घंटे, कैराना- ऊन, झिंझाना, कांधला में 16-17 घंटे बिजली आपूर्ति का औसत रहा है। शाम पांच बजे के बाद बिजली आपूर्ति में सुधार हुआ।