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लोकसभा चुनाव में रामड़ा और भूरा गांव पर रहेगी कडी नजर
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अमर उजाला ब्यूरो
कैराना। लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर ली हैं। प्रशासन ने रामड़ा और भूरा गांव को अति संवेदनशीलता की श्रेणी में चिह्नित किया है। क्योंकि पूर्व में इन गांवों में चुनावों के दौरान खून-खराबा होता रहा है। इस बार दोनों गांवों पर प्रशासन की कड़ी नजर है। चुनाव के दिन यहां दिल्ली से आने वाली स्पेशल फोर्स की तैनाती की जाएगी।
लोकसभा-2014 के चुनाव के दौरान क्षेत्र के ग्राम रामड़ा में आपसी गुटबाजी ने खूनी रूप ले लिया था, जिसमें दो प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच हुई फायरिंग में मोहम्मद नईम नामक किशोर की गोली लगने से मौत हो गई थी। उधर, ग्राम भूरा में भी सर्वाधिक गुटबाजी मानी जाती है। यहां लोकसभा-2018 के उपचुनाव में मतदान में लगे कर्मचारियाें के साथ मारपीट कर दी गई थी, जिसमें एक कर्मचारी का सिर फोड़ दिया गया था। सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और फायरिंग भी हुई थी। इसी को मद्देनजर रखते हुए लोकसभा-2019 चुनाव में प्रशासन ने पहले ही पूरा खाका तैयार लिया है। प्रशासन ने जहां संवेदनशील गांवों को सूचिबद्ध किया है।
वहीं अति संवेदनशील की श्रेणी में दो गांवों रामड़ा और भूरा को चिह्नित किया गया है। सुपर जोनल मजिस्टेट डॉ. अमित पाल शर्मा ने बताया कि उक्त दोनों गांवों में खुफिया विभाग द्वारा शरारती तत्वों को चिह्नित किया जा रहा है, जिसके बाद उन पर आपराधिक रिकॉर्ड पर नजर डालकर जिला बदर या फिर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। चुनाव के दिन इन दोनों गांवों में दिल्ली से स्पेशल कमांडो फोर्स की तैनाती रहेगी। साथ ही, शांतिपूर्ण मतदान के लिए शरारती तत्वों को नजरबंद किया जाएगा। खुराफातियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
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कैराना। लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर ली हैं। प्रशासन ने रामड़ा और भूरा गांव को अति संवेदनशीलता की श्रेणी में चिह्नित किया है। क्योंकि पूर्व में इन गांवों में चुनावों के दौरान खून-खराबा होता रहा है। इस बार दोनों गांवों पर प्रशासन की कड़ी नजर है। चुनाव के दिन यहां दिल्ली से आने वाली स्पेशल फोर्स की तैनाती की जाएगी।
लोकसभा-2014 के चुनाव के दौरान क्षेत्र के ग्राम रामड़ा में आपसी गुटबाजी ने खूनी रूप ले लिया था, जिसमें दो प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच हुई फायरिंग में मोहम्मद नईम नामक किशोर की गोली लगने से मौत हो गई थी। उधर, ग्राम भूरा में भी सर्वाधिक गुटबाजी मानी जाती है। यहां लोकसभा-2018 के उपचुनाव में मतदान में लगे कर्मचारियाें के साथ मारपीट कर दी गई थी, जिसमें एक कर्मचारी का सिर फोड़ दिया गया था। सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और फायरिंग भी हुई थी। इसी को मद्देनजर रखते हुए लोकसभा-2019 चुनाव में प्रशासन ने पहले ही पूरा खाका तैयार लिया है। प्रशासन ने जहां संवेदनशील गांवों को सूचिबद्ध किया है।
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वहीं अति संवेदनशील की श्रेणी में दो गांवों रामड़ा और भूरा को चिह्नित किया गया है। सुपर जोनल मजिस्टेट डॉ. अमित पाल शर्मा ने बताया कि उक्त दोनों गांवों में खुफिया विभाग द्वारा शरारती तत्वों को चिह्नित किया जा रहा है, जिसके बाद उन पर आपराधिक रिकॉर्ड पर नजर डालकर जिला बदर या फिर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। चुनाव के दिन इन दोनों गांवों में दिल्ली से स्पेशल कमांडो फोर्स की तैनाती रहेगी। साथ ही, शांतिपूर्ण मतदान के लिए शरारती तत्वों को नजरबंद किया जाएगा। खुराफातियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
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