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सेवा, सत्कार और व्यंजन शानदार
Updated Sat, 04 Aug 2018 12:35 AM IST
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- शिवभक्त कांवड़ियो की सेवा के लिए लगाए गए शिविरों का लाइव
- सुबह के नाश्ते में दूध-जलेबी, बालूशाही और घेवर दिया जा रहा है
- दोपहर और शाम को खाने में पूरी, सादी रोटी और सब्जियां भी तीन तरह की बनाई जा रही हैं
फोटो...
अमर उजाला ब्यूरो
शामली।
एक तरफ कांवड़ ला रहे श्रद्धालु शिवभक्ति में डूबे हैं, तो इनकी सेवा में लोग भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। कांवड़ सेवा शिविरों में शिवभक्तों की सेवा के लिए ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं, जैसे किसी होटल में होते हैं। सुबह के नाश्ता हो या दोपहर और शाम को भोजन, उसमें एक से बढ़कर एक व्यंजन परोसा जा रहा है। जो कांवड़िया व्रत रखते हैं, उनके लिए फल और आलू की चाट का इंतजाम किया गया है। कांवड़ मार्ग पर अलग अलग स्थानों पर शिवभक्तों की सेवा के लिए शिविर लगाए गए हैं। सभी शिविरों में शिवभक्तों के लिए खाने, नहाने, डांस करने के साथ ही चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था है। शहर के शिविरों में शिवभक्तों की सेवा मेें लजीज व्यंजन परोसे जा रहे हैं। अमर उजाला टीम ने कांवड़ सेवा शिविरों का जायजा लिया, तो यही स्थिति नजर आई। शिविरों में शिवभक्त अलग-अलग व्यंजनों का स्वाद लेते मिले।
कैराना रोड पर गुलजारी वाला मंदिर के सामने शिव कांवड़ सेवा समिति की ओर से लगाए गए शिविर में सुबह के नाश्ते में चाय, हलवा, खस्ता, पकोड़ी, बालूशाही, पेठे की मिठाई, घेवर और ठंडे रसगुल्ले शिवभक्तों को खिलाए जा रहे हैं। दोपहर के खाने में आलू, पेठे और राजमा की सब्जी, चावल व नान खिलाया गया। शाम को दाल-चावल, आलू व पेठे की सब्जी के साथ नान भी परोसी जा रही है। रात में जब कांवड़ियों को सोने से पहले दूध, जलेबी व घेवर खिलाया जा रहा है। इस शिविर में कांवड़ियों की सेवा में लगे सुरेश, महेश, रामबीर, प्रदीप, सतेंद्र धीरयान, मोनू, राजीव व राजकुमार ने बताया कि इनकी सेवा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है, इसीलिए यह सेवा की जा रही है। गुलजारी वाला मंदिर के महंत शैलेंद्र गिरि महाराज ने बताया कि भगवान आशुतोष के आशीर्वाद से प्रतिवर्ष यह शिविर लगाया जा रहा है।
वहीं, हनुमान टीला पर हनुमान धाम मंदिर सेवा समिति द्वारा लगाए गए शिविर में सुबह नाश्ते में चाय, दोपहर में कढ़ी चावल, दाल रोटी दी जा रही है। व्रत रखने वाले शिवभक्तों को आलू, नाशपाती व केले की चाट दी जा रही है। शाम को भोजन में पूरी, आलू और पेठे की सब्जी के अलावा मेवायुक्त हलवा परोसा जा रहा है। मंदिर समिति के प्रधान सलिल द्विवेदी ने बताया कि शिविर में कांवड़ियों की सेवार्थ सभी इंतजाम किए गए हैं। सेवा करने में लगे जोगेंद्रपाल सेठी, धमेंद्र, पप्पू, गुड्डू, बालकिशन व जितेंद्र ने बताया कि हर साल कांवड़ियों की सेवा करके अच्छा लगता है। इसके साथ ही मुजफ्फरनगर मार्ग एसटी तिराहे के पास रजवाड़ा फार्म में सर्व मंगला शिवशक्ति सेवा समिति द्वारा लगाए गए शिविर में सुबह के समय ब्रेड पकोड़ा, बालूशाही व चाय दी गई। दोपहर में दाल-चावल, रोटी व पूड़ी, आलू टमाटर की सब्जी व गुलदाना और फ्रूट चाट खिलाई। शाम को आलू टमाटर, पेठे की सब्जी, ताहरी, बालूशाही, दूध घेवर खिलाया गया। सेवा में शशि अरोरा, मीनाक्षी, वीना, आशीष बंसल, लोकेश बंसल, सुशील मित्तल, राजेंद्र गोयल, हरीश, योगेश तायल, अरुण कुमार, विजय रहे।
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डीजे की धुन, नृत्य करके मिटाते रहे थकान
कांवड़ सेवा शिविरों में जहां कांवड़ियों के भोजन का विशेष इंतजाम है, तो सुंदर लाइटिंग और डीजे की व्यवस्था भी है। दिन भर पैदल चलकर आने वाले कांवड़िया जब कांवड़ सेवा शिविर में विश्राम को ठहरते हैं, तो डीजे के फ्लोर पर जमकर नृत्य भी किया जा रहा है। भगवान भोलेनाथ के भजनों पर झूमकर कांवड़िया अपनी थकान मिटा रहे हैं।
चिकित्सा सुविधा के भी इंतजाम
कांवड़ियों को सेवा शिविरों में चिकित्सा सुविधा भी मिल रही है। शिविरों में दर्द निवारक दवाइयों के अलावा चोट लगने पर उसके उपचार का भी सामान मौजूद है। पैरों में छाले पड़ने पर उपचार किया जा रहा है। हनुमान टीला पर कांवड़ सेवा शिविर में शामली केमिस्ट एसोसिएशन की तरफ से चिकित्सा शिविर लगाया गया है। उसमें देवराज मलिक, संजीव कुमार, राजकुमार मित्तल, योगेश कुमार, प्रदीप कुमार और सत्येंद्र सिंह आदि कांवड़ियों को चिकित्सा सुविधा दे रहे हैं।
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- सुबह के नाश्ते में दूध-जलेबी, बालूशाही और घेवर दिया जा रहा है
- दोपहर और शाम को खाने में पूरी, सादी रोटी और सब्जियां भी तीन तरह की बनाई जा रही हैं
फोटो...
अमर उजाला ब्यूरो
शामली।
एक तरफ कांवड़ ला रहे श्रद्धालु शिवभक्ति में डूबे हैं, तो इनकी सेवा में लोग भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। कांवड़ सेवा शिविरों में शिवभक्तों की सेवा के लिए ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं, जैसे किसी होटल में होते हैं। सुबह के नाश्ता हो या दोपहर और शाम को भोजन, उसमें एक से बढ़कर एक व्यंजन परोसा जा रहा है। जो कांवड़िया व्रत रखते हैं, उनके लिए फल और आलू की चाट का इंतजाम किया गया है। कांवड़ मार्ग पर अलग अलग स्थानों पर शिवभक्तों की सेवा के लिए शिविर लगाए गए हैं। सभी शिविरों में शिवभक्तों के लिए खाने, नहाने, डांस करने के साथ ही चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था है। शहर के शिविरों में शिवभक्तों की सेवा मेें लजीज व्यंजन परोसे जा रहे हैं। अमर उजाला टीम ने कांवड़ सेवा शिविरों का जायजा लिया, तो यही स्थिति नजर आई। शिविरों में शिवभक्त अलग-अलग व्यंजनों का स्वाद लेते मिले।
कैराना रोड पर गुलजारी वाला मंदिर के सामने शिव कांवड़ सेवा समिति की ओर से लगाए गए शिविर में सुबह के नाश्ते में चाय, हलवा, खस्ता, पकोड़ी, बालूशाही, पेठे की मिठाई, घेवर और ठंडे रसगुल्ले शिवभक्तों को खिलाए जा रहे हैं। दोपहर के खाने में आलू, पेठे और राजमा की सब्जी, चावल व नान खिलाया गया। शाम को दाल-चावल, आलू व पेठे की सब्जी के साथ नान भी परोसी जा रही है। रात में जब कांवड़ियों को सोने से पहले दूध, जलेबी व घेवर खिलाया जा रहा है। इस शिविर में कांवड़ियों की सेवा में लगे सुरेश, महेश, रामबीर, प्रदीप, सतेंद्र धीरयान, मोनू, राजीव व राजकुमार ने बताया कि इनकी सेवा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है, इसीलिए यह सेवा की जा रही है। गुलजारी वाला मंदिर के महंत शैलेंद्र गिरि महाराज ने बताया कि भगवान आशुतोष के आशीर्वाद से प्रतिवर्ष यह शिविर लगाया जा रहा है।
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वहीं, हनुमान टीला पर हनुमान धाम मंदिर सेवा समिति द्वारा लगाए गए शिविर में सुबह नाश्ते में चाय, दोपहर में कढ़ी चावल, दाल रोटी दी जा रही है। व्रत रखने वाले शिवभक्तों को आलू, नाशपाती व केले की चाट दी जा रही है। शाम को भोजन में पूरी, आलू और पेठे की सब्जी के अलावा मेवायुक्त हलवा परोसा जा रहा है। मंदिर समिति के प्रधान सलिल द्विवेदी ने बताया कि शिविर में कांवड़ियों की सेवार्थ सभी इंतजाम किए गए हैं। सेवा करने में लगे जोगेंद्रपाल सेठी, धमेंद्र, पप्पू, गुड्डू, बालकिशन व जितेंद्र ने बताया कि हर साल कांवड़ियों की सेवा करके अच्छा लगता है। इसके साथ ही मुजफ्फरनगर मार्ग एसटी तिराहे के पास रजवाड़ा फार्म में सर्व मंगला शिवशक्ति सेवा समिति द्वारा लगाए गए शिविर में सुबह के समय ब्रेड पकोड़ा, बालूशाही व चाय दी गई। दोपहर में दाल-चावल, रोटी व पूड़ी, आलू टमाटर की सब्जी व गुलदाना और फ्रूट चाट खिलाई। शाम को आलू टमाटर, पेठे की सब्जी, ताहरी, बालूशाही, दूध घेवर खिलाया गया। सेवा में शशि अरोरा, मीनाक्षी, वीना, आशीष बंसल, लोकेश बंसल, सुशील मित्तल, राजेंद्र गोयल, हरीश, योगेश तायल, अरुण कुमार, विजय रहे।
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डीजे की धुन, नृत्य करके मिटाते रहे थकान
कांवड़ सेवा शिविरों में जहां कांवड़ियों के भोजन का विशेष इंतजाम है, तो सुंदर लाइटिंग और डीजे की व्यवस्था भी है। दिन भर पैदल चलकर आने वाले कांवड़िया जब कांवड़ सेवा शिविर में विश्राम को ठहरते हैं, तो डीजे के फ्लोर पर जमकर नृत्य भी किया जा रहा है। भगवान भोलेनाथ के भजनों पर झूमकर कांवड़िया अपनी थकान मिटा रहे हैं।
चिकित्सा सुविधा के भी इंतजाम
कांवड़ियों को सेवा शिविरों में चिकित्सा सुविधा भी मिल रही है। शिविरों में दर्द निवारक दवाइयों के अलावा चोट लगने पर उसके उपचार का भी सामान मौजूद है। पैरों में छाले पड़ने पर उपचार किया जा रहा है। हनुमान टीला पर कांवड़ सेवा शिविर में शामली केमिस्ट एसोसिएशन की तरफ से चिकित्सा शिविर लगाया गया है। उसमें देवराज मलिक, संजीव कुमार, राजकुमार मित्तल, योगेश कुमार, प्रदीप कुमार और सत्येंद्र सिंह आदि कांवड़ियों को चिकित्सा सुविधा दे रहे हैं।