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आंदोलनरत आंगनबाड़ी ने किया क्रमिक अनशन
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:46 PM IST
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आंदोलनरत आंगनबाड़ी ने किया क्रमिक अनशन
शामली। आंदोलन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। चेतावनी दी है कि अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो 11 दिसंबर से आमरण अनशन प्रारंभ कर देंगी।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष राकेश देवी के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शुक्रवार को कलक्ट्रेट में इकट्ठा हुए। वहां नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इसी दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पवन, सुमन, रामकटोरी, राखी और अमरेश ने क्रमिक अनशन किया। जिलाध्यक्ष राकेश देवी ने कहा कि शामली जिले की 68 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय डेढ़ साल से रुका हुआ है। जिलास्तरीय अधिकारी रुके मानदेय का भुगतान नहीं करा पा रहे हैं, जिस कारण उन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को परिवार पालना मुश्किल हो गया। इसके अलावा उनकी मांग है कि आंगनबाड़ी का मानदेय 15 हजार और सहायिकाओं का मानदेय 10 हजार रुपये कराया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा पुष्टाहार उठवाने और वितरण का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि ठेकेदारों द्वारा घटिया पुष्टाहार सप्लाई किया गया है। इसलिए वह पुष्टाहार नहीं उठाया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि कुपोषण बढ़ने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को जिम्मेदार ठहराया जाता है, जबकि आंदोलन के दौरान भी कुपोषण बढ़ रहा है, तो उसके लिए अधिकारी खुद जिम्मेदारी लें। चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगे शीघ्र पूरी नहीं की जाती हैं, तो 11 दिसंबर से आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया जाएगा। इस दौरान मोनिका शर्मा, सरिता देवी, साधना देवी, सुमन, कविता, रीता, स्नेहलता, रीतू, ललिता, मीनाक्षी, सरला, लता आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।
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शामली। आंदोलन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। चेतावनी दी है कि अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो 11 दिसंबर से आमरण अनशन प्रारंभ कर देंगी।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष राकेश देवी के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शुक्रवार को कलक्ट्रेट में इकट्ठा हुए। वहां नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इसी दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पवन, सुमन, रामकटोरी, राखी और अमरेश ने क्रमिक अनशन किया। जिलाध्यक्ष राकेश देवी ने कहा कि शामली जिले की 68 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय डेढ़ साल से रुका हुआ है। जिलास्तरीय अधिकारी रुके मानदेय का भुगतान नहीं करा पा रहे हैं, जिस कारण उन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को परिवार पालना मुश्किल हो गया। इसके अलावा उनकी मांग है कि आंगनबाड़ी का मानदेय 15 हजार और सहायिकाओं का मानदेय 10 हजार रुपये कराया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा पुष्टाहार उठवाने और वितरण का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि ठेकेदारों द्वारा घटिया पुष्टाहार सप्लाई किया गया है। इसलिए वह पुष्टाहार नहीं उठाया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि कुपोषण बढ़ने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को जिम्मेदार ठहराया जाता है, जबकि आंदोलन के दौरान भी कुपोषण बढ़ रहा है, तो उसके लिए अधिकारी खुद जिम्मेदारी लें। चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगे शीघ्र पूरी नहीं की जाती हैं, तो 11 दिसंबर से आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया जाएगा। इस दौरान मोनिका शर्मा, सरिता देवी, साधना देवी, सुमन, कविता, रीता, स्नेहलता, रीतू, ललिता, मीनाक्षी, सरला, लता आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।
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