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प्रत्याशी को खोलना होगा बैंक खाता, चुनाव खर्च पर रहेगी नजर
Updated Tue, 31 Oct 2017 12:30 AM IST
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शामली।
नगर निकाय चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को चुनाव खर्च करने के लिए अलग से बैंक खाता खोलना होगा। चुनाव खर्च की नियमित रिपोर्ट रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी, ताकि चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित खर्च का हिसाब किताब रखा जा सके।
अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन व्यय के संबंध में गाइड लाइन भेज दी है। निर्वाचन के दौरान प्रत्याशियों द्वारा खर्च की जाने वाली धनराशि का अनुश्रवण करने के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित होगी, जिसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष और सीडीओ तथा मुख्य कोषाधिकारी/वरिष्ठ कोषाधिकारी सदस्य होंगे। प्रत्याशियों को निर्वाचन व्यय के लिए बैंक खाता खोलना होगा। नामांकन दाखिल करने की तिथि से निर्वाचन की घोषणा तक प्रतिदिन विभिन्न मद में खर्च धनराशि का लेखा जोखा तैयार किया जाएगा। निर्वाचन व्यय लेखा रजिस्टर आयोग द्वारा निर्धारित प्रारूप पर तैयार कराकर रिटर्निंग आफिसर को उपलब्ध कराना होगा, जिसे रिटर्निंग आफिसर प्रत्याशियों को उपलब्ध कराएंगे। सभी प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार हेतु व्यय की गई धनराशि का ब्योरा प्रतिदिन उस रजिस्टर में अंकित करना होगा, जिसमें व्यय की गई धनराशि का अलग अलग मद में विवरण भरना होगा। निर्वाचन समाप्त होने के बाद सभी प्रत्याशियों द्वारा तीन माह के भीतर निर्वाचन से संबंधित व्यय लेखा रजिस्टर वाउचर सहित जिला स्तरीय क मेटी को उपलब्ध कराना होगा। उसका परीक्षण जिला स्तरीय कमेटी करेगी।
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नगर निकाय चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को चुनाव खर्च करने के लिए अलग से बैंक खाता खोलना होगा। चुनाव खर्च की नियमित रिपोर्ट रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी, ताकि चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित खर्च का हिसाब किताब रखा जा सके।
अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन व्यय के संबंध में गाइड लाइन भेज दी है। निर्वाचन के दौरान प्रत्याशियों द्वारा खर्च की जाने वाली धनराशि का अनुश्रवण करने के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित होगी, जिसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष और सीडीओ तथा मुख्य कोषाधिकारी/वरिष्ठ कोषाधिकारी सदस्य होंगे। प्रत्याशियों को निर्वाचन व्यय के लिए बैंक खाता खोलना होगा। नामांकन दाखिल करने की तिथि से निर्वाचन की घोषणा तक प्रतिदिन विभिन्न मद में खर्च धनराशि का लेखा जोखा तैयार किया जाएगा। निर्वाचन व्यय लेखा रजिस्टर आयोग द्वारा निर्धारित प्रारूप पर तैयार कराकर रिटर्निंग आफिसर को उपलब्ध कराना होगा, जिसे रिटर्निंग आफिसर प्रत्याशियों को उपलब्ध कराएंगे। सभी प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार हेतु व्यय की गई धनराशि का ब्योरा प्रतिदिन उस रजिस्टर में अंकित करना होगा, जिसमें व्यय की गई धनराशि का अलग अलग मद में विवरण भरना होगा। निर्वाचन समाप्त होने के बाद सभी प्रत्याशियों द्वारा तीन माह के भीतर निर्वाचन से संबंधित व्यय लेखा रजिस्टर वाउचर सहित जिला स्तरीय क मेटी को उपलब्ध कराना होगा। उसका परीक्षण जिला स्तरीय कमेटी करेगी।
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