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-जिले की चीनी मिलों पर 811 करोड़ रुपये बकाया--डीएम ने चीनी मिलो और गन्ना विभाग के अफसरो की ली बैठक-
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जिले की चीनी मिलों पर 811 करोड़ रुपये बकाया
शामली। जिले में चीनी मिलों की बकाया गन्ना भुगतान की समीक्षा करते हुए डीएम जसजीत कौर ने कहा कि किसानों के गन्ना भुगतान में कोई लापरवाही न बरती जाए। समय पर किसानों को बकाया गन्ना भुगतान किया जाए। समय पर भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में चीनी मिलों के अफसरों के साथ किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर बैठक हुई। डीएम जसजीत कौर ने जिले के चीनी मिलों वार किसानो के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की। पेराई सत्र 2020-21 का प्रत्येक चीनी मिल वार किसानों के देय भुगतान की स्थिति के संबंध में जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने अवगत कराया कि शामली चीनी मिल द्वारा 345.92 करोड़ के सापेक्ष 100.99 करोड़ का भुगतान किया है। ऊन चीनी मिल द्वारा 337.10 करोड़ के सापेक्ष 124.99 एवं थानाभवन चीनी मिल द्वारा 439.30 करोड़ के सापेक्ष 82.74 करोड का भुगतान किया है। उन्होंने बताया कि जिले की चीनी मिलों पर 811 करोड़ रुपये किसानों का बकाया गन्ना भुगतान है। बैठक में डीएम ने किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी प्रकट की। उन्होंने चीनी मिलों के प्रतिनिधियों को किसानों का पेराई सत्र 2020-21 का अवशेष बकाया गन्ना मूल्य भुगतान प्रत्येक दशा में शत प्रतिशत किए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएम जसजीत कौर ने जिले की सभी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चीनी मिल शामली द्वारा पेराई सत्र 2019-20 में एक्सपोर्ट की गई रॉ शुगर के सापेक्ष प्राप्त होने वाली सब्सिडी अंकन रुपये 3356.00 लाख प्राप्त हुई है, जिसका उपयोग पेराई सत्र 2020-21 के देय भुगतान में किया जाएगा।
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उन्होंने सचिव प्रभारी सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड शामली को निर्देश दिया कि धनराशि कृषकों के खातों में स्थानांतरित की जाए। यदि किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान में किसी भी प्रकार की कोताही बरती जाती है तो संबंधित चीनी मिल के कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बैठक में जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह, शामली चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया, थानाभवन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक जे.बी.तोमर, एवं सुभाष बहुगुणा, चीनी मिल ऊन से गन्ना महाप्रबंधक अनिल कुमार अहलावत आदि मौजूद रहे।
शामली चीनी मिल को मिली 33 करोड़ की सब्सिडी
शामली। पिछले छह माह से लंबित पड़ी शामली चीनी मिल की चीनी निर्यात की 33 करोड़ 56 लाख रुपये सब्सिडी केंद्र सरकार से प्राप्त हो गई है। चीनी निर्यात की सब्सिडी प्राप्त होने के बाद सीधे किसानों के खाते में जाएगी।
जिले की ऊन चीनी मिल की चीनी निर्यात की सब्सिडी दो किस्तों में प्राप्त होकर संबंधित चीनी मिलों के किसानों के खातों में जा चुकी है। शामली चीनी मिल की चीनी निर्यात की सब्सिडी पिछले छह माह से अटकी पडी थी। शामली मिल के किसान बकाया गन्ना भुगतान के लिए लंबे समय से माग कर रहे थे। डीसीओ विजय बहादुर सिह ने बताया कि शामली चीनी मिल की गन्ना सब्सिडी 33 करोड 56 लाख रुपये प्राप्त हो गई है। दो तीन दिन एडवाइस तैयार करके किसानों के खातों में बकाया रुपया में जमा कर दी जाएगी।
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शामली। जिले में चीनी मिलों की बकाया गन्ना भुगतान की समीक्षा करते हुए डीएम जसजीत कौर ने कहा कि किसानों के गन्ना भुगतान में कोई लापरवाही न बरती जाए। समय पर किसानों को बकाया गन्ना भुगतान किया जाए। समय पर भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में चीनी मिलों के अफसरों के साथ किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर बैठक हुई। डीएम जसजीत कौर ने जिले के चीनी मिलों वार किसानो के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की। पेराई सत्र 2020-21 का प्रत्येक चीनी मिल वार किसानों के देय भुगतान की स्थिति के संबंध में जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने अवगत कराया कि शामली चीनी मिल द्वारा 345.92 करोड़ के सापेक्ष 100.99 करोड़ का भुगतान किया है। ऊन चीनी मिल द्वारा 337.10 करोड़ के सापेक्ष 124.99 एवं थानाभवन चीनी मिल द्वारा 439.30 करोड़ के सापेक्ष 82.74 करोड का भुगतान किया है। उन्होंने बताया कि जिले की चीनी मिलों पर 811 करोड़ रुपये किसानों का बकाया गन्ना भुगतान है। बैठक में डीएम ने किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी प्रकट की। उन्होंने चीनी मिलों के प्रतिनिधियों को किसानों का पेराई सत्र 2020-21 का अवशेष बकाया गन्ना मूल्य भुगतान प्रत्येक दशा में शत प्रतिशत किए जाने के निर्देश दिए।
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बैठक में डीएम जसजीत कौर ने जिले की सभी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चीनी मिल शामली द्वारा पेराई सत्र 2019-20 में एक्सपोर्ट की गई रॉ शुगर के सापेक्ष प्राप्त होने वाली सब्सिडी अंकन रुपये 3356.00 लाख प्राप्त हुई है, जिसका उपयोग पेराई सत्र 2020-21 के देय भुगतान में किया जाएगा।
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उन्होंने सचिव प्रभारी सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड शामली को निर्देश दिया कि धनराशि कृषकों के खातों में स्थानांतरित की जाए। यदि किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान में किसी भी प्रकार की कोताही बरती जाती है तो संबंधित चीनी मिल के कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बैठक में जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह, शामली चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया, थानाभवन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक जे.बी.तोमर, एवं सुभाष बहुगुणा, चीनी मिल ऊन से गन्ना महाप्रबंधक अनिल कुमार अहलावत आदि मौजूद रहे।
शामली चीनी मिल को मिली 33 करोड़ की सब्सिडी
शामली। पिछले छह माह से लंबित पड़ी शामली चीनी मिल की चीनी निर्यात की 33 करोड़ 56 लाख रुपये सब्सिडी केंद्र सरकार से प्राप्त हो गई है। चीनी निर्यात की सब्सिडी प्राप्त होने के बाद सीधे किसानों के खाते में जाएगी।
जिले की ऊन चीनी मिल की चीनी निर्यात की सब्सिडी दो किस्तों में प्राप्त होकर संबंधित चीनी मिलों के किसानों के खातों में जा चुकी है। शामली चीनी मिल की चीनी निर्यात की सब्सिडी पिछले छह माह से अटकी पडी थी। शामली मिल के किसान बकाया गन्ना भुगतान के लिए लंबे समय से माग कर रहे थे। डीसीओ विजय बहादुर सिह ने बताया कि शामली चीनी मिल की गन्ना सब्सिडी 33 करोड 56 लाख रुपये प्राप्त हो गई है। दो तीन दिन एडवाइस तैयार करके किसानों के खातों में बकाया रुपया में जमा कर दी जाएगी।
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