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विपक्षी एकता कायम करने में कामयाब हुआ गठबंधन
Updated Fri, 01 Jun 2018 12:24 AM IST
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हसन परिवार की नाराजगी दूर कराई, तो इमरान मसूद से विवाद भी खत्म कराया
शामली।
कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव गठबंधन को महागठबंधन बनाने में भी विपक्षी नेता कामयाब साबित हुए। एक तरफ रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने हसन परिवार में एकता कराकर लोकदल प्रत्याशी कंवर हसन को रालोद प्रत्याशी के पक्ष में बैठा लिया, तो दूसरी तरफ कांग्रेस नेता इमरान मसूद से हसन परिवार की पुराना विवाद भी खत्म करा लिया गया। इसके अलावा कांग्रेस नेताओं को भी एक मंच पर लाकर अपनी ताकत बढ़ा ली थी। पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व विधायक पंकज मलिक के अलावा पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस ने भी गठबंधन के पक्ष में पूरी मेहनत की, जिसका परिणाम बृहस्पतिवार को गठबंधन प्रत्याशी की जीत के रूप में सामने आ गया।
नतीजे देख मुरझाए भाजपाई
शामली। कैराना लोकसभा उपचुनाव की बृहस्पतिवार को जब मतगणना चल रही थी, तो शुरुआती चरण से ही भाजपा पिछड़ने लगी थी। बावजूद इसके भाजपाइयों को उम्मीद थी कि आने वाले चरणों में रालोद की बढ़त को काट लिया जाएगा, लेकिन ऐसा हो न सका। जैसे ही 18 चरण की गणना पूरी हुई, तो भाजपाइयों के चेहरे मुरझा गए। इसके बाद भाजपा प्रत्याशी के मतगणना एजेंट भी धीरे धीरे वहां से निकलने शुरु हो गए थे।
बसपा नेता चला रहा हैंडपंप, भाजपा नेता पानी के इंतजार में
शामली। मंडी परिसर में मतगणना के दौरान एक अजीब संयोग देखने को मिला। जब मतगणना के आधे से ज्यादा चरण पूरे हो गए थे, तो मतगणना एजेंट खाना खाने और पानी पीने के लिए बाहर आने लगे थे। मतगणना स्थल के बाहर लगे हैंडपंप पर कांधला निवासी बसपा नेता देवीदास जयंत और भाजपा नेता सतबीर वर्मा भी पहुंचे। इस दौरान देवीदास जयंत हैडपंप चला रहे थे, तो सतबीर वर्मा ने बोतल में पानी भरा।
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शामली।
कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव गठबंधन को महागठबंधन बनाने में भी विपक्षी नेता कामयाब साबित हुए। एक तरफ रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने हसन परिवार में एकता कराकर लोकदल प्रत्याशी कंवर हसन को रालोद प्रत्याशी के पक्ष में बैठा लिया, तो दूसरी तरफ कांग्रेस नेता इमरान मसूद से हसन परिवार की पुराना विवाद भी खत्म करा लिया गया। इसके अलावा कांग्रेस नेताओं को भी एक मंच पर लाकर अपनी ताकत बढ़ा ली थी। पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व विधायक पंकज मलिक के अलावा पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस ने भी गठबंधन के पक्ष में पूरी मेहनत की, जिसका परिणाम बृहस्पतिवार को गठबंधन प्रत्याशी की जीत के रूप में सामने आ गया।
नतीजे देख मुरझाए भाजपाई
शामली। कैराना लोकसभा उपचुनाव की बृहस्पतिवार को जब मतगणना चल रही थी, तो शुरुआती चरण से ही भाजपा पिछड़ने लगी थी। बावजूद इसके भाजपाइयों को उम्मीद थी कि आने वाले चरणों में रालोद की बढ़त को काट लिया जाएगा, लेकिन ऐसा हो न सका। जैसे ही 18 चरण की गणना पूरी हुई, तो भाजपाइयों के चेहरे मुरझा गए। इसके बाद भाजपा प्रत्याशी के मतगणना एजेंट भी धीरे धीरे वहां से निकलने शुरु हो गए थे।
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बसपा नेता चला रहा हैंडपंप, भाजपा नेता पानी के इंतजार में
शामली। मंडी परिसर में मतगणना के दौरान एक अजीब संयोग देखने को मिला। जब मतगणना के आधे से ज्यादा चरण पूरे हो गए थे, तो मतगणना एजेंट खाना खाने और पानी पीने के लिए बाहर आने लगे थे। मतगणना स्थल के बाहर लगे हैंडपंप पर कांधला निवासी बसपा नेता देवीदास जयंत और भाजपा नेता सतबीर वर्मा भी पहुंचे। इस दौरान देवीदास जयंत हैडपंप चला रहे थे, तो सतबीर वर्मा ने बोतल में पानी भरा।
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