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शामली, कैराना और झिंझाना थानों में लागू होगा चार इंस्पेक्टरों का फार्मूला
Updated Mon, 25 Jun 2018 12:32 AM IST
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इंस्पेक्टरों की उम्र से तय होगा नया फार्मूला
शामली।
पुलिस महानिदेशक की ओर से सूबे के थाने में चार प्रभारी इंस्पेक्टरों का फार्मूला लागू किए जाने के बाद अधिकारी पशोपेश में हैं। प्रभारी इंस्पेक्टरों की अधिक उम्र भी नियमों के बीच बाधक बन गई है। हालांकि पुलिस महकमा शासन के आदेशों का पालन कराने के लिए पूरी तैयारियों में जुटा हुआ है। सोमवार तक जिले में यह नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। जिले में शामली, कैराना और ऊन तहसीलों में चार इंस्पेक्टरों का फार्मूला लागू होगा, जिनमें 12 इंस्पेक्टरों की तैनाती की जाएगी।
पुलिस महानिदेशक ओपी चौधरी ने कुछ दिन पूर्व सूबे के तहसील स्तर के थानों में प्रभारी निरीक्षक के अलावा तीन ओर अतिरिक्त इंस्पेक्टर तैनात किए जाने के आदेश दिए थे। इसके तहत थाने में एडिशनल प्रभारी इंस्पेक्टर (कानून-व्यवस्था), एडिशनल प्रभारी इंस्पेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) और एडिशनल प्रभारी इंस्पेक्टर (क्राइम) सृजित किए गए हैं। शामली जिले में भी इस व्यवस्था को लागू करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। शामली जिले में फिलहाल करीब 32 इंस्पेक्टर तैनात हैं।
58 साल से ऊपर उम्र वाले इंस्पेक्टर रहेंगे साइड
नियम के अनुसार प्रभारी इंस्पेक्टर 58 साल से नीचे की उम्र का रहेगा। साथ ही जो भी थाने में मुख्य प्रभारी इंस्पेक्टर तैनात होगा, बाकी तीनों इंस्पेक्टर उससे जूनियर रहेंगे। ऐसे में अब जिले में तैनात सभी इंस्पेक्टरों की उम्र देखी जा रही है, ताकि यह व्यवस्था लागू की जा सके।
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संसाधनों का रहेगा अभाव
फिलहाल थानों में मुख्य इंस्पेक्टरों के अलावा अन्य इंस्पेक्टरों को ही आवास की समस्या है। यही नहीं प्रभारी निरीक्षक की गाड़ी सहित थानों दो-दो गाड़ियां है। चार इंस्पेक्टर होने के कारण गाड़ी तथा उनके आवास की भी व्यवस्था करनी होगी। जिसका अभी अभाव है।
ये होंगे कार्य प्रभारी इंस्पेक्टर
तीनों अन्य इंस्पेक्टरों का सुपर विजन अधिकारी रहेगा। प्रभारी इंस्पेक्टर के सभी दायित्वों का निर्वहन करने के साथ ही डाक का अवलोकन, कोर्ट प्रॉसेस का क्रियान्वयन करना व कराना, गंभीर अपराधों के घटनास्थल का निरीक्षण व रिपोर्ट दर्ज कराना, जन सुनवाई सहित गंभीर अपराधों पर नजर रखेगा।
एडिशनल प्रभारी इंस्पेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन)
सरकारी प्रापर्टी जैसे थाने में असलाह, वाहन आदि का सुपर विजन, मालखाने की देखरेख, जन सुनवाई में सहयोग, कोर्ट से संबंधित सभी कामों में सहयोग, जनसंपर्क कार्य करना व करवाना, सभी प्रार्थनापत्रों को थाने के स्टाफ में आवंटन की जिम्मेदारी के साथ ही सभी प्रार्थनापत्रों के समयबद्ध निस्तारण व सीनियर अधिकारियों को उसकी सूचना समय से भेजना, थाना परिसर व पुलिसकर्मी आवास का मेंटीनेंस व देखभाल सहित अन्य काम रहेंगे।
एडिशनल प्रभारी इंस्पेक्टर (क्राइम)
क्षेत्र में अपराध से संबंधित सभी जिम्मेदारी, एफआईआर रजिस्ट्रेशन को छोड़कर सीसीटीएनएस योजना के तहत सभी कामों का समय से पूरा कराना, अपराधों व यूपी 100 से प्राप्त सूचनाओं की मासिक व पाक्षिक अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार कर सीनियर अधिकारियों को भेजना, सभी गंभीर अपराधों के घटनास्थल का निरीक्षण व पीड़ितों की सुरक्षा प्रदान करना, साइबर अपराधों की विवेचना, क्राइम संबंधी सभी रिपोर्ट भेजना, विवेचना से संबंधित सभी रजिस्टर, क्राइम चार्ट, सजायाफ्ता व सक्रिय अपराधियों की निगरानी, रजिस्टर्ड गैंग की निगरानी, ऑर्गनाइज्ड क्राइम करने वाले अपराधियों की जानकारी उन्हें सूचीबद्ध करते हुए उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई कराना आदि जिम्मेदारी रहेंगी।
एडिशनल प्रभारी इंस्पेक्टर (लॉ एंड ऑर्डर)
थाना क्षेत्र से संबंधित कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी। क्षेत्र में बीट पेट्रोलिंग, नाकाबंदी, बंदोबस्त आदि कार्यों की निगरानी, एसआई और आरक्षी, होमगार्ड व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी का निर्धारण, पुलिस पार्टी का मैनेजमेंट, एरिया में सुचारु ट्रैफिक व्यवस्था, एंटी रोमियो स्क्वॉड की व्यवस्था, जुलूस, धरना, प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी, मेला, धार्मिक आयोजन, त्योहार आदि के अवसर पर शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी भी रहेगी।
व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी इंस्पेक्टरों की भूतकाल की प्रगति रिपोर्ट तथा उनकी उम्र को देखा जा रहा है। नियमों के हिसाब से इनकी तैनाती की जाएगी, सोमवार तक शामली जिले में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। - श्लोक कुमार एएसपी
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शामली।
पुलिस महानिदेशक की ओर से सूबे के थाने में चार प्रभारी इंस्पेक्टरों का फार्मूला लागू किए जाने के बाद अधिकारी पशोपेश में हैं। प्रभारी इंस्पेक्टरों की अधिक उम्र भी नियमों के बीच बाधक बन गई है। हालांकि पुलिस महकमा शासन के आदेशों का पालन कराने के लिए पूरी तैयारियों में जुटा हुआ है। सोमवार तक जिले में यह नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। जिले में शामली, कैराना और ऊन तहसीलों में चार इंस्पेक्टरों का फार्मूला लागू होगा, जिनमें 12 इंस्पेक्टरों की तैनाती की जाएगी।
पुलिस महानिदेशक ओपी चौधरी ने कुछ दिन पूर्व सूबे के तहसील स्तर के थानों में प्रभारी निरीक्षक के अलावा तीन ओर अतिरिक्त इंस्पेक्टर तैनात किए जाने के आदेश दिए थे। इसके तहत थाने में एडिशनल प्रभारी इंस्पेक्टर (कानून-व्यवस्था), एडिशनल प्रभारी इंस्पेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) और एडिशनल प्रभारी इंस्पेक्टर (क्राइम) सृजित किए गए हैं। शामली जिले में भी इस व्यवस्था को लागू करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। शामली जिले में फिलहाल करीब 32 इंस्पेक्टर तैनात हैं।
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58 साल से ऊपर उम्र वाले इंस्पेक्टर रहेंगे साइड
नियम के अनुसार प्रभारी इंस्पेक्टर 58 साल से नीचे की उम्र का रहेगा। साथ ही जो भी थाने में मुख्य प्रभारी इंस्पेक्टर तैनात होगा, बाकी तीनों इंस्पेक्टर उससे जूनियर रहेंगे। ऐसे में अब जिले में तैनात सभी इंस्पेक्टरों की उम्र देखी जा रही है, ताकि यह व्यवस्था लागू की जा सके।
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संसाधनों का रहेगा अभाव
फिलहाल थानों में मुख्य इंस्पेक्टरों के अलावा अन्य इंस्पेक्टरों को ही आवास की समस्या है। यही नहीं प्रभारी निरीक्षक की गाड़ी सहित थानों दो-दो गाड़ियां है। चार इंस्पेक्टर होने के कारण गाड़ी तथा उनके आवास की भी व्यवस्था करनी होगी। जिसका अभी अभाव है।
ये होंगे कार्य प्रभारी इंस्पेक्टर
तीनों अन्य इंस्पेक्टरों का सुपर विजन अधिकारी रहेगा। प्रभारी इंस्पेक्टर के सभी दायित्वों का निर्वहन करने के साथ ही डाक का अवलोकन, कोर्ट प्रॉसेस का क्रियान्वयन करना व कराना, गंभीर अपराधों के घटनास्थल का निरीक्षण व रिपोर्ट दर्ज कराना, जन सुनवाई सहित गंभीर अपराधों पर नजर रखेगा।
एडिशनल प्रभारी इंस्पेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन)
सरकारी प्रापर्टी जैसे थाने में असलाह, वाहन आदि का सुपर विजन, मालखाने की देखरेख, जन सुनवाई में सहयोग, कोर्ट से संबंधित सभी कामों में सहयोग, जनसंपर्क कार्य करना व करवाना, सभी प्रार्थनापत्रों को थाने के स्टाफ में आवंटन की जिम्मेदारी के साथ ही सभी प्रार्थनापत्रों के समयबद्ध निस्तारण व सीनियर अधिकारियों को उसकी सूचना समय से भेजना, थाना परिसर व पुलिसकर्मी आवास का मेंटीनेंस व देखभाल सहित अन्य काम रहेंगे।
एडिशनल प्रभारी इंस्पेक्टर (क्राइम)
क्षेत्र में अपराध से संबंधित सभी जिम्मेदारी, एफआईआर रजिस्ट्रेशन को छोड़कर सीसीटीएनएस योजना के तहत सभी कामों का समय से पूरा कराना, अपराधों व यूपी 100 से प्राप्त सूचनाओं की मासिक व पाक्षिक अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार कर सीनियर अधिकारियों को भेजना, सभी गंभीर अपराधों के घटनास्थल का निरीक्षण व पीड़ितों की सुरक्षा प्रदान करना, साइबर अपराधों की विवेचना, क्राइम संबंधी सभी रिपोर्ट भेजना, विवेचना से संबंधित सभी रजिस्टर, क्राइम चार्ट, सजायाफ्ता व सक्रिय अपराधियों की निगरानी, रजिस्टर्ड गैंग की निगरानी, ऑर्गनाइज्ड क्राइम करने वाले अपराधियों की जानकारी उन्हें सूचीबद्ध करते हुए उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई कराना आदि जिम्मेदारी रहेंगी।
एडिशनल प्रभारी इंस्पेक्टर (लॉ एंड ऑर्डर)
थाना क्षेत्र से संबंधित कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी। क्षेत्र में बीट पेट्रोलिंग, नाकाबंदी, बंदोबस्त आदि कार्यों की निगरानी, एसआई और आरक्षी, होमगार्ड व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी का निर्धारण, पुलिस पार्टी का मैनेजमेंट, एरिया में सुचारु ट्रैफिक व्यवस्था, एंटी रोमियो स्क्वॉड की व्यवस्था, जुलूस, धरना, प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी, मेला, धार्मिक आयोजन, त्योहार आदि के अवसर पर शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी भी रहेगी।
व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी इंस्पेक्टरों की भूतकाल की प्रगति रिपोर्ट तथा उनकी उम्र को देखा जा रहा है। नियमों के हिसाब से इनकी तैनाती की जाएगी, सोमवार तक शामली जिले में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। - श्लोक कुमार एएसपी