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जब तक है दम, वोट डालते रहेंगे हम
Updated Mon, 28 May 2018 11:56 PM IST
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शामली। कैैैराना लोकसभा उपचुनाव में मतदान करने में वृद्घजन भी पीछे नहीं रहे। भारी संख्या में वरिष्ठ मतदाता अपने चहेते प्रत्याशियों और पार्टी के लिए मतदान करने के लिए बूथ पर पहुंचे और वोट डालें। दिव्यांगों में कोई व्हीलचेयर तो कोई परिजनों के साथ पहुंचा।
सोमवार को कैराना लोकसभा उपचुनाव के लिए हुए मतदान में बुजुर्ग और दिव्यांगों ने रुचि दिखाई। शारीरिक क्षमता न होने के बावजूद भी अपने वोट की कीमत समझते हुए मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग परिजनों के सहारे मतदान केंद्रों तक पहुंचे और अपने मनमाफिक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया। अनेक बुजुर्गों की उम्र इतनी अधिक थी कि वह ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। अधिकांश बुजुर्गों का कहना था कि शायद वह उनका आखिरी चुनाव हो। इसलिए अपने मत का प्रयोग जरूर करेंगे। वहीं दिव्यांगों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग उत्साहपूर्वक किया। कई बैशाखी के सहारे तो कोई तिपहिया और व्हीलचेयर से बूथों पर पहुंचे। कुरमाली गांव में दिव्यांग मुुर्सलीन ने व्हीलचेयर से बूथ पर पहुंचकर वोट डाली। गांव चूनसा के दिव्यांग श्लेेक ने भी पैदल पहुंचकर चौपाल में बने बूथ पर वोट डाला। वहीं गांव कुड़ाना के प्राथमिक स्कूल में दिव्यांग विक्की अपनी खुलिया लेकर बूथ पर पहुंचा और वोट डाली। कुड़ाना की दिव्यांग मोनिका भी अपने भाई की गोद में बूथ पर पहुंची और मतदान किया। वहीं बुजुर्गों में कुुड़ाना के 93 वर्ष के महेंद्र सिंह भी अपने पोते के साथ प्राथमिक स्कूल में बने बूथ पर वोट डालने गए। चूनसा में 85 वर्ष की छोटी अपने पुत्र देवेंद्र के साथ बाइक पर बैठकर वोट डालने गई।
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सोमवार को कैराना लोकसभा उपचुनाव के लिए हुए मतदान में बुजुर्ग और दिव्यांगों ने रुचि दिखाई। शारीरिक क्षमता न होने के बावजूद भी अपने वोट की कीमत समझते हुए मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग परिजनों के सहारे मतदान केंद्रों तक पहुंचे और अपने मनमाफिक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया। अनेक बुजुर्गों की उम्र इतनी अधिक थी कि वह ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। अधिकांश बुजुर्गों का कहना था कि शायद वह उनका आखिरी चुनाव हो। इसलिए अपने मत का प्रयोग जरूर करेंगे। वहीं दिव्यांगों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग उत्साहपूर्वक किया। कई बैशाखी के सहारे तो कोई तिपहिया और व्हीलचेयर से बूथों पर पहुंचे। कुरमाली गांव में दिव्यांग मुुर्सलीन ने व्हीलचेयर से बूथ पर पहुंचकर वोट डाली। गांव चूनसा के दिव्यांग श्लेेक ने भी पैदल पहुंचकर चौपाल में बने बूथ पर वोट डाला। वहीं गांव कुड़ाना के प्राथमिक स्कूल में दिव्यांग विक्की अपनी खुलिया लेकर बूथ पर पहुंचा और वोट डाली। कुड़ाना की दिव्यांग मोनिका भी अपने भाई की गोद में बूथ पर पहुंची और मतदान किया। वहीं बुजुर्गों में कुुड़ाना के 93 वर्ष के महेंद्र सिंह भी अपने पोते के साथ प्राथमिक स्कूल में बने बूथ पर वोट डालने गए। चूनसा में 85 वर्ष की छोटी अपने पुत्र देवेंद्र के साथ बाइक पर बैठकर वोट डालने गई।
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