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ेज थी रफ्तार, ब्रेकर पर उछली और पलट गई बस
Updated Fri, 08 Sep 2017 01:08 AM IST
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तेज रफ्तार ने उजाड़ दी जिंदगी
जलालाबाद/शामली। हादसे का शिकार हुई मिनी बस में सवार यात्रियों की चीखपुकार से माहौल गमगीन हो गया। हादसे के बारे में कई यात्रियों ने बताया कि चालक से कहा था कि बस की रफ्तार तेज है। यात्रियों की बात को चालक ने नहीं मानी। सोंहजनी की पुलिया के निकट ब्रेकर पर बस की रफ्तार धीमी नहीं की, जिस कारण ब्रेकर पर उछलने के बाद बस खाई में जा गिरी। फिर क्या था पलक झपकते ही पांच लोगों की मौत के साथ कई यात्री लहूलुहान हो गए।
बृहस्पतिवार दोपहर जलालाबाद-गंगोह मार्ग पर बस पलटने के दौरान घायल हुए यात्रियों ने पूरी कहानी बताई, जिसमें उन्होंने हादसे के लिए बस चालक को जिम्मेदार बताया। बस में सवार गांव सोंहजनी निवासी शकूर और जगत सिंह, महिपाल निवासी पापड़ी तथा तीतरो निवासी ओम सिंह ने बताया कि वह जलालाबाद से गंगोह के लिए मिनी बस में सवार हुए। जलालाबाद से निकलने के बाद ही चालक ने रफ्तार तेज कर दी। यात्रियों ने बताया कि चालक से कहा था कि इतनी तेज रफ्तार में बस मत चलाओ, लेकिन चालक नहीं माना। जैसे ही बस सोंहजनी पुलिया के पास पहुंची, तो वहां ब्रेकर पर भी रफ्तार धीमी नहीं की। इसी कारण पुलिया के पास ब्रेकर पर बस उछली और अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। वहीं, सोंहजनी पुलिया के पास किसान सुरेशपाल भी खड़ा था। सुरेशपाल का कहना है कि बस की रफ्तार तेज थी, जिस कारण यह हादसा हुआ।
डग्गामार वाहनों के खिलाफ दिखा आक्रोश
शामली से थानाभवन, जलालाबाद से गंगोह मार्ग पर चलने वाले डग्गामार वाहनों के खिलाफ लोगों में जबरदस्त आक्रोश दिखाई दिया। इसी कारण लोगों ने हंगामा प्रदर्शन कर करीब ढाई घंटे तक जलालाबाद गंगोह मार्ग पर यातायात व्यवस्था ठप कर दी। लोगों का कहना था कि इस रूट पर डग्गामार वाहनों के कारण पूर्व में भी कई बार हादसे हो चुके हैं। डग्गामार वाहनों को चालक बहुत तेजी से दौड़ाते हैं। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता और लोग असमय काल के गाल में समा रहे हैं।
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परमिट थानाभवन से गंगोह, चलती हैं वाया जलालाबाद से
शामली- गंगोह रूट के लिए प्राइवेट बसों को वाया थानाभवन से कच्ची गढ़ी होते हुए परमिट जारी किया जाता है। बृहस्पतिवार को जब हादसा हुआ, तो इस रूट के परमिट के बारे में एआरटीओ मुंशीलाल से बात की गई। उन्होंने कहा कि इस रूट पर 30 बसों को परमिट जारी है। जब उनसे पूछा गया कि परमिट वाया जलालाबाद का है या नहीं, तो उन्होंने बताया कि वाया थानाभवन से कच्ची गढ़ी होते हुए गंगोह के लिए परमिट दिए गए हैं। सवाल यह है कि परमिट का उल्लंघन कर प्राइवेट बसों को थानाभवन के स्थान पर वाया जलालाबाद से संचालन आखिर कैसे हो रहा है।
हादसों के कारण पड़ा खूनी पुलिया नाम
सोहजनी पुलिया का नाम खूनी पुलिया हादसों के कारण ही पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुलिया पर अक्सर हादसे होते हैं। दो साल पूर्व दिल्ली से गंगोह जा रही बस पलट गई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। दो साल पूर्व ही तीतरो से जलालाबाद आते समय बस पलटने पर सोहजनी गांव के दो युवकों की मौत हुई। इसके अलावा डेढ़ साल पूर्व सहारनपुर से जलालाबाद आते समय बाइक सवार गढ़ीपुख्ता निवासी दो लोगों की इसी स्थान पर मौत हुई।
निकाल रहे थे सामान, मिला बच्ची का शव
जलालाबाद-गंगोह मार्ग पर बस पलटने के बाद आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। क्रेन मंगवाकर पुलिसकर्मी मिनी बस को सीधा कराने में लगे थे। इसके साथ ही ग्रामीण बीच बचाव कार्य में जुट गए। बस में सवार यात्रियों का सामान खाई में एकत्र पानी में गिर गया था, जिसमें बैग और अन्य सामान को लोग निकाल रहे थे, तभी उन्हें पानी में बच्ची का शव भी मिला।
-- देरी से पहुंची सरकारी मदद
हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी और बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया गया, लेकिन सूचना देने के करीब आधा घंटे बाद सरकारी स्तर पर बचाव और राहत कार्य शुरू हुआ। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते प्रशासनिक अमला पहुंच जाता और बस को जल्दी ही सीधा करा लिया जाता, तो उसके नीचे दबकर मरने वालों की जान बचाई भी जा सकती थी।
हादसे में घायल हुए यात्री
महफूज पुत्र वाहिद जलालाबाद, मौसम पुत्र नेत्रपाल रादौर, सुगाधा निवासी गढ़ीपुख्ता, शिवम निवासी रादौर, इसम सिंह निवासी जानीपुर , खुर्शीद निवासी थानाभवन, जनार्दन निवासी गंगोह, रेखा निवासी पानीपत, फरमान निवासी तीतरो, रिफाकत निवासी तीतरो, प्रमिला निवासी तल्हेडी, रूकमेश निवासी गंगोह, इमराना निवासी थानाभवन, सरोज निवासी गढीपुख्ता, भूरी निवासी तीतरो, गुफरान निवासी तीतरो और जिया तीतरो घायल हो गई। इनके अलावा भी कुछ यात्रियों को चोट आई, जिन्हें उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
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जलालाबाद/शामली। हादसे का शिकार हुई मिनी बस में सवार यात्रियों की चीखपुकार से माहौल गमगीन हो गया। हादसे के बारे में कई यात्रियों ने बताया कि चालक से कहा था कि बस की रफ्तार तेज है। यात्रियों की बात को चालक ने नहीं मानी। सोंहजनी की पुलिया के निकट ब्रेकर पर बस की रफ्तार धीमी नहीं की, जिस कारण ब्रेकर पर उछलने के बाद बस खाई में जा गिरी। फिर क्या था पलक झपकते ही पांच लोगों की मौत के साथ कई यात्री लहूलुहान हो गए।
बृहस्पतिवार दोपहर जलालाबाद-गंगोह मार्ग पर बस पलटने के दौरान घायल हुए यात्रियों ने पूरी कहानी बताई, जिसमें उन्होंने हादसे के लिए बस चालक को जिम्मेदार बताया। बस में सवार गांव सोंहजनी निवासी शकूर और जगत सिंह, महिपाल निवासी पापड़ी तथा तीतरो निवासी ओम सिंह ने बताया कि वह जलालाबाद से गंगोह के लिए मिनी बस में सवार हुए। जलालाबाद से निकलने के बाद ही चालक ने रफ्तार तेज कर दी। यात्रियों ने बताया कि चालक से कहा था कि इतनी तेज रफ्तार में बस मत चलाओ, लेकिन चालक नहीं माना। जैसे ही बस सोंहजनी पुलिया के पास पहुंची, तो वहां ब्रेकर पर भी रफ्तार धीमी नहीं की। इसी कारण पुलिया के पास ब्रेकर पर बस उछली और अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। वहीं, सोंहजनी पुलिया के पास किसान सुरेशपाल भी खड़ा था। सुरेशपाल का कहना है कि बस की रफ्तार तेज थी, जिस कारण यह हादसा हुआ।
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डग्गामार वाहनों के खिलाफ दिखा आक्रोश
शामली से थानाभवन, जलालाबाद से गंगोह मार्ग पर चलने वाले डग्गामार वाहनों के खिलाफ लोगों में जबरदस्त आक्रोश दिखाई दिया। इसी कारण लोगों ने हंगामा प्रदर्शन कर करीब ढाई घंटे तक जलालाबाद गंगोह मार्ग पर यातायात व्यवस्था ठप कर दी। लोगों का कहना था कि इस रूट पर डग्गामार वाहनों के कारण पूर्व में भी कई बार हादसे हो चुके हैं। डग्गामार वाहनों को चालक बहुत तेजी से दौड़ाते हैं। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता और लोग असमय काल के गाल में समा रहे हैं।
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परमिट थानाभवन से गंगोह, चलती हैं वाया जलालाबाद से
शामली- गंगोह रूट के लिए प्राइवेट बसों को वाया थानाभवन से कच्ची गढ़ी होते हुए परमिट जारी किया जाता है। बृहस्पतिवार को जब हादसा हुआ, तो इस रूट के परमिट के बारे में एआरटीओ मुंशीलाल से बात की गई। उन्होंने कहा कि इस रूट पर 30 बसों को परमिट जारी है। जब उनसे पूछा गया कि परमिट वाया जलालाबाद का है या नहीं, तो उन्होंने बताया कि वाया थानाभवन से कच्ची गढ़ी होते हुए गंगोह के लिए परमिट दिए गए हैं। सवाल यह है कि परमिट का उल्लंघन कर प्राइवेट बसों को थानाभवन के स्थान पर वाया जलालाबाद से संचालन आखिर कैसे हो रहा है।
हादसों के कारण पड़ा खूनी पुलिया नाम
सोहजनी पुलिया का नाम खूनी पुलिया हादसों के कारण ही पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुलिया पर अक्सर हादसे होते हैं। दो साल पूर्व दिल्ली से गंगोह जा रही बस पलट गई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। दो साल पूर्व ही तीतरो से जलालाबाद आते समय बस पलटने पर सोहजनी गांव के दो युवकों की मौत हुई। इसके अलावा डेढ़ साल पूर्व सहारनपुर से जलालाबाद आते समय बाइक सवार गढ़ीपुख्ता निवासी दो लोगों की इसी स्थान पर मौत हुई।
निकाल रहे थे सामान, मिला बच्ची का शव
जलालाबाद-गंगोह मार्ग पर बस पलटने के बाद आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। क्रेन मंगवाकर पुलिसकर्मी मिनी बस को सीधा कराने में लगे थे। इसके साथ ही ग्रामीण बीच बचाव कार्य में जुट गए। बस में सवार यात्रियों का सामान खाई में एकत्र पानी में गिर गया था, जिसमें बैग और अन्य सामान को लोग निकाल रहे थे, तभी उन्हें पानी में बच्ची का शव भी मिला।
-- देरी से पहुंची सरकारी मदद
हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी और बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया गया, लेकिन सूचना देने के करीब आधा घंटे बाद सरकारी स्तर पर बचाव और राहत कार्य शुरू हुआ। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते प्रशासनिक अमला पहुंच जाता और बस को जल्दी ही सीधा करा लिया जाता, तो उसके नीचे दबकर मरने वालों की जान बचाई भी जा सकती थी।
हादसे में घायल हुए यात्री
महफूज पुत्र वाहिद जलालाबाद, मौसम पुत्र नेत्रपाल रादौर, सुगाधा निवासी गढ़ीपुख्ता, शिवम निवासी रादौर, इसम सिंह निवासी जानीपुर , खुर्शीद निवासी थानाभवन, जनार्दन निवासी गंगोह, रेखा निवासी पानीपत, फरमान निवासी तीतरो, रिफाकत निवासी तीतरो, प्रमिला निवासी तल्हेडी, रूकमेश निवासी गंगोह, इमराना निवासी थानाभवन, सरोज निवासी गढीपुख्ता, भूरी निवासी तीतरो, गुफरान निवासी तीतरो और जिया तीतरो घायल हो गई। इनके अलावा भी कुछ यात्रियों को चोट आई, जिन्हें उपचार के बाद घर भेज दिया गया।