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शिक्षामित्रों ने मंत्री को ज्ञापन सौंप मांगी स्थायी नौकरी
Updated Wed, 02 Aug 2017 12:26 AM IST
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शामली/थानाभवन। शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने के बाद अभी तक समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज होता जा रहा है। जिले में शिक्षामित्रों का सातवें दिन भी थानाभवन नगर पंचायत कार्यालय पर धरना प्रदर्शन जारी रहा। इसके बाद प्रदर्शनकारी जुलूस के साथ मंत्री के आवास पर पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर स्थायी नौकरी की मांग की।
मंगलवार को शिक्षामित्रों ने अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं होने पर थानाभवन नगर पंचायत कार्यालय पर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने जुलूस के साथ नारेबाजी करते हुए प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री सुरेश राणा के आवास पर पहुंचकर उन्हें मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार से स्थायी नौकरी दिलाने की मांग की। इसके बाद सभी शिक्षामित्र धरनास्थल पर पहुंचे। संगठन के जिलाध्यक्ष चैनपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार हमारे बारे में कुछ नही सोच रही है। आए दिन कोई न कोई शिक्षामित्र आहत होकर अपनी जान दे रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार हमें सहायक अध्यापकों के बराबर मानदेय और स्थायी नौकरी का लिखित में कोई आदेश नहीं देती, तब तक लगातार ऐसे ही अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। संगठन के महामंत्री तनसीफ ने कहा कि सोमवार को मुख्य सचिव से हुई वार्ता सफल नहीं हो सकी है। किसी भी शिक्षामित्र को 10 हजार रुपये मानदेय स्वीकार नहीं हैै। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार सहायक अध्यापक के लिए लिखित में नही देती, तब सभी शिक्षामित्र कंधे से कंधा मिलाकर अपने हक की लड़ाई जारी रखेेंगे। अध्यक्षता इंदु सिंह और संचालन अनिरुद्ध दीक्षित ने किया। इस दौरान मंजू सिंह, इरफान खान, दर्शन देवी, किरणपाल, रेणुका राठी, पूनम, सौराज सिंह, सविता, रेणू, सुनीता आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को शिक्षामित्रों ने अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं होने पर थानाभवन नगर पंचायत कार्यालय पर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने जुलूस के साथ नारेबाजी करते हुए प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री सुरेश राणा के आवास पर पहुंचकर उन्हें मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार से स्थायी नौकरी दिलाने की मांग की। इसके बाद सभी शिक्षामित्र धरनास्थल पर पहुंचे। संगठन के जिलाध्यक्ष चैनपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार हमारे बारे में कुछ नही सोच रही है। आए दिन कोई न कोई शिक्षामित्र आहत होकर अपनी जान दे रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार हमें सहायक अध्यापकों के बराबर मानदेय और स्थायी नौकरी का लिखित में कोई आदेश नहीं देती, तब तक लगातार ऐसे ही अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। संगठन के महामंत्री तनसीफ ने कहा कि सोमवार को मुख्य सचिव से हुई वार्ता सफल नहीं हो सकी है। किसी भी शिक्षामित्र को 10 हजार रुपये मानदेय स्वीकार नहीं हैै। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार सहायक अध्यापक के लिए लिखित में नही देती, तब सभी शिक्षामित्र कंधे से कंधा मिलाकर अपने हक की लड़ाई जारी रखेेंगे। अध्यक्षता इंदु सिंह और संचालन अनिरुद्ध दीक्षित ने किया। इस दौरान मंजू सिंह, इरफान खान, दर्शन देवी, किरणपाल, रेणुका राठी, पूनम, सौराज सिंह, सविता, रेणू, सुनीता आदि मौजूद रहे।
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