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54 वें दिन भी धरने पर बैठे रहे किसान
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:01 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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ऊन। बकाया भुगतान की मांग को लेकर ऊन चीनी मिल पर किसानों का धरना 54 वें दिन भी जारी रहा । 54 दिन धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि मिल अधिकारी किसानों का शोषण कर रहा है। जिसके कारण क्षेत्र के किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं किसानों का कहना है कि जब तक किसानों का पूर्ण भुगतान नहीं किया जाता तब तक धरना जारी रहेेगा।
ऊन की सुपीरियर फूड ग्रेन्स प्रा लि पर गन्ना बकाया भुगतान की मांग को लेकर ऊन क्षेत्र के किसानों ने 54 दिन से लगातार धरना दे रखा है। चीनी मिल पर किसानों का 53 करोड़ रुपये के लगभग बकाया भुगतान है। जिसको लेकर निरंतर किसान अपनी मांगों को लेकर जमे हुए हैं। धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि मिल प्रबंधन व प्रशासन दोनों मिल कर किसानों का शोषण कर रहे हैं। समय से गन्ना भुगतान न होने के कारण क्षेत्र के किसानों को काफी परेशानी का
सामना करना पड़ रहा है।
समय से भुगतान न होने के कारण किसान अपने बच्चों की समय से फीस नहीं दे पा रहे हैं न ही किसानों के पास अपनी अगली फसल की बुवाई करने के लिए धन है। गन्ने का समय से भुगतान न होने के कारण क्षेत्र का किसान दिन प्रतिदिन भुखमरी की कगार पर पहुंच रहा है।
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शुक्रवार को धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि वह मिल गेट से बीना बकाया भुगतान लिए नहीं हटेंगे। चाहे शासन व प्रशासन कितना भी जोर लगा ले जब तक किसानों का पूर्ण बकाया भुगतान नहीं हो जाता तब तक वह धरना खत्म नहीं करेंगे। मिल के अंदर किसी भी तरह का रिपेयरिंग कार्य करने दिया जाएगा।
किसानों कहना है कि वह अपनी बकाया भुगतान की मांग की लड़ाई लड़ते रहेंगे चाहे उन्हें कितने भी दिन धरने पर बैठना पड़े। राजवीर सिंह, मनोज चौधरी, प्रदीप चौधरी, भास्कर ऊन, रामबीर गागोर, जगमेर, अजय पिंडोरा, कपिल, प्रमोद प्रधान, रविन्द्र, रवि सिरोही, देवेन्द्र गागोर आदि शामिल रहे।
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ऊन की सुपीरियर फूड ग्रेन्स प्रा लि पर गन्ना बकाया भुगतान की मांग को लेकर ऊन क्षेत्र के किसानों ने 54 दिन से लगातार धरना दे रखा है। चीनी मिल पर किसानों का 53 करोड़ रुपये के लगभग बकाया भुगतान है। जिसको लेकर निरंतर किसान अपनी मांगों को लेकर जमे हुए हैं। धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि मिल प्रबंधन व प्रशासन दोनों मिल कर किसानों का शोषण कर रहे हैं। समय से गन्ना भुगतान न होने के कारण क्षेत्र के किसानों को काफी परेशानी का
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सामना करना पड़ रहा है।
समय से भुगतान न होने के कारण किसान अपने बच्चों की समय से फीस नहीं दे पा रहे हैं न ही किसानों के पास अपनी अगली फसल की बुवाई करने के लिए धन है। गन्ने का समय से भुगतान न होने के कारण क्षेत्र का किसान दिन प्रतिदिन भुखमरी की कगार पर पहुंच रहा है।
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शुक्रवार को धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि वह मिल गेट से बीना बकाया भुगतान लिए नहीं हटेंगे। चाहे शासन व प्रशासन कितना भी जोर लगा ले जब तक किसानों का पूर्ण बकाया भुगतान नहीं हो जाता तब तक वह धरना खत्म नहीं करेंगे। मिल के अंदर किसी भी तरह का रिपेयरिंग कार्य करने दिया जाएगा।
किसानों कहना है कि वह अपनी बकाया भुगतान की मांग की लड़ाई लड़ते रहेंगे चाहे उन्हें कितने भी दिन धरने पर बैठना पड़े। राजवीर सिंह, मनोज चौधरी, प्रदीप चौधरी, भास्कर ऊन, रामबीर गागोर, जगमेर, अजय पिंडोरा, कपिल, प्रमोद प्रधान, रविन्द्र, रवि सिरोही, देवेन्द्र गागोर आदि शामिल रहे।