{"_id":"5c4b4cd5bdec22521331f925","slug":"51548438741-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शामली शुगर मिल की चौतरफा घेराबंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शामली शुगर मिल की चौतरफा घेराबंदी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। गन्ना भुगतान नहीं करने पर शासन ने शामली शुगर मिल की चौतरफा घेराबंदी कर ली है। शुक्रवार को मिल की चीनी का स्टॉक आदि का आंकलन कर किया गया। मिल को 15 दिन का समय भुगतान के लिए दिया गया है। इसके बाद मिल की नीलामी की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
जिला गन्ना अधिकारी अनिल भारती के अनुसार गन्ना मंत्री सुरेश राणा के निर्देश पर शामली शुगर मिल के खिलाफ सत्र 2017-18 का अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान 105.33 करोड़ की आरसी जारी कर दी गई है। मंगलवार रात तक ये कार्रवाई चलती रही। शासन स्तर से भी डीएम से लगातार जानकारी ली गई। मंत्री की सख्ती के बाद तहसील प्रशासन ने भी बुधवार को ही मिल को नोटिस भेज दिया। एसडीएम प्रशांत भारती ने पुष्टि करते हुए बताया कि साइटेशन (अधिकार पत्र) मिल को भेज दिया गया है और भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद मिल की नीलामी की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। शुक्रवार को तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने मिल की चीनी का स्टॉक आदि का आंकलन किया इसके अलावा गन्ना मंत्री के सख्त रुख से अफसरों में भी खलबली मची है।
मिल पर 154 करोड़ चीनी का स्टॉक
जिला गन्ना अधिकारी अनिल भारती ने बताया कि जिला प्रशासन और गन्ना विभाग द्वारा चीनी मिल के स्टॉक में रखी पुरानी चीनी की कुल मात्रा 119807 क्विंटल का स्टॉक गोदाम में है। इसका बाजार मूूल्य 37.14 करोड़ आंका गया है। चीनी मिल के पास 377630 कुल नए पेराई सत्र की चीनी का स्टॉक है। इसका मूल्य 117.06 करोड़ है। इसे बेचकर कुल प्राप्त होने वाली धनराशि कुल 154.20 करोड़ रुपये बैठती है। इसे बेचकर किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। गन्ना भुगतान नहीं करने पर शासन ने शामली शुगर मिल की चौतरफा घेराबंदी कर ली है। शुक्रवार को मिल की चीनी का स्टॉक आदि का आंकलन कर किया गया। मिल को 15 दिन का समय भुगतान के लिए दिया गया है। इसके बाद मिल की नीलामी की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
जिला गन्ना अधिकारी अनिल भारती के अनुसार गन्ना मंत्री सुरेश राणा के निर्देश पर शामली शुगर मिल के खिलाफ सत्र 2017-18 का अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान 105.33 करोड़ की आरसी जारी कर दी गई है। मंगलवार रात तक ये कार्रवाई चलती रही। शासन स्तर से भी डीएम से लगातार जानकारी ली गई। मंत्री की सख्ती के बाद तहसील प्रशासन ने भी बुधवार को ही मिल को नोटिस भेज दिया। एसडीएम प्रशांत भारती ने पुष्टि करते हुए बताया कि साइटेशन (अधिकार पत्र) मिल को भेज दिया गया है और भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद मिल की नीलामी की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। शुक्रवार को तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने मिल की चीनी का स्टॉक आदि का आंकलन किया इसके अलावा गन्ना मंत्री के सख्त रुख से अफसरों में भी खलबली मची है।
विज्ञापन
मिल पर 154 करोड़ चीनी का स्टॉक
जिला गन्ना अधिकारी अनिल भारती ने बताया कि जिला प्रशासन और गन्ना विभाग द्वारा चीनी मिल के स्टॉक में रखी पुरानी चीनी की कुल मात्रा 119807 क्विंटल का स्टॉक गोदाम में है। इसका बाजार मूूल्य 37.14 करोड़ आंका गया है। चीनी मिल के पास 377630 कुल नए पेराई सत्र की चीनी का स्टॉक है। इसका मूल्य 117.06 करोड़ है। इसे बेचकर कुल प्राप्त होने वाली धनराशि कुल 154.20 करोड़ रुपये बैठती है। इसे बेचकर किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन