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रसोई माताओं ने की मानदेय बढ़ाने की मांग
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:29 AM IST
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रसोई माताओं ने मानदेय बढ़ाने की मांग की
शामली। सरकारी स्कूलों में खाना बनाने वाली रसोई माताओं ने प्रति माह मिलने वाले मानदेय की धनराशि बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि जिस तरह से आंगनबाड़ी का मानदेय बढ़ाया गया है, उसी तरह रसोई माता का मानदेय भी बढ़ाया जाए।
मंगलवार को शामली कलक्ट्रेट में पहुंचकर रसोई माताओं ने जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह को प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि विभिन्न प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रसोई माताएं खाना बनाती हैं। इसके बदले उन्हें एक हजार रुपये प्रति माह मानदेय मिलता है। महंगाई के दौर में इतने कम मानदेय में परिवार पालना मुश्किल हो रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है, जिस कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी मांग है कि रसोई माताओं का मानदेय 10 हजार रुपये प्रति माह कराया जाए। अन्यथा विद्यालयों में भोजन बनाने का कार्य बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान कुसुम, सुशीला, सुनीता, माधुरी, नितेश, सुधा, नीलू, मोनिका, चगीता, श्यामो, रेखा आदि मौजूद रहीं।
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शामली। सरकारी स्कूलों में खाना बनाने वाली रसोई माताओं ने प्रति माह मिलने वाले मानदेय की धनराशि बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि जिस तरह से आंगनबाड़ी का मानदेय बढ़ाया गया है, उसी तरह रसोई माता का मानदेय भी बढ़ाया जाए।
मंगलवार को शामली कलक्ट्रेट में पहुंचकर रसोई माताओं ने जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह को प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि विभिन्न प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रसोई माताएं खाना बनाती हैं। इसके बदले उन्हें एक हजार रुपये प्रति माह मानदेय मिलता है। महंगाई के दौर में इतने कम मानदेय में परिवार पालना मुश्किल हो रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है, जिस कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी मांग है कि रसोई माताओं का मानदेय 10 हजार रुपये प्रति माह कराया जाए। अन्यथा विद्यालयों में भोजन बनाने का कार्य बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान कुसुम, सुशीला, सुनीता, माधुरी, नितेश, सुधा, नीलू, मोनिका, चगीता, श्यामो, रेखा आदि मौजूद रहीं।
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